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Jharkhand Weather Update: भारी बारिश से अब तक 6 लोगों की मौत

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Ranchi: झारखंड में पिछले 6 दिनों से लगातार हो रही बारिश हो रही है. बारिश ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी है. कई नदियों का जलस्तर बढी हुई है. तेज बहाव में गढ़वा के केतार, चतरा के कुंदा, कोडरमा के जयनगर और और गिरिडीह के अरगाघाट में चार लोग नदी पार करने के दौरान तेज धार में बह गए.

वहीं जामताड़ा के बिंदापाथर के कुसुमदहा गांव में शनिवार को मिट्टी की दीवार गिरने से एक महिला की दबकर मौत हो गई. उधर कोडरमा के चंदवारा में भी बारिश में घर की दीवार गिरने से एक बालक की मौत हो गई.

बारिश के कारण राजधानी रांची समेत विभिन्न जिलों में हर ओर जनजीवन अस्त-व्यस्त है. साहिबगंज, चतरा, पलामू, गढ़वा, पाकुड़, दुमका, कोडरमा, धनबाद, जमशेदपुर, सरायकेला आदि जिलों में निचले इलाकों में घरों, दफ्तरों और अस्पतालों में भी पानी घुस गया है. इन इलाकों में जहां सैंकड़ों मिट्टी के घर ढह गए वहीं पेड़ गिरने और सड़कों पर जलजमाव से आवागमन बाधित है.

बोकारो में बारिश का कहर, रेल सेवा प्रभावित-दर्जनों मकान क्षतिग्रस्त

5 दिनों से हो रही वर्षा के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कई कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं. जलजमाव के कारण बोकारो औद्योगिक क्षेत्र के नारायण फाउंड्री का चारदीवारी पूरी तरह ध्वस्त हो गया. चास के कई मोहल्लों में बारिश का पानी प्रवेश कर गया. कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए.

कई इलाकों में बिजली के पोल टूटने से विद्युत आपूर्ति भी बाधित है. लगातार हो रही वर्षा का असर ट्रेनों के परिचालन पर भी पड़ा है. पटना से आने वाली पटना हटिया एक्सप्रेस लगभग डेढ़ घंटे विलंब से बोकारो स्टेशन पहुंची.

जबकि हटिया से पटना जाने वाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस 3 घंटे 30 मिनट विलंब से बोकारो पहुंचेगी. उत्तर बिहार एवं अन्य क्षेत्रों से आने वाली कई ट्रेनें प्रभावित हुई है.

100 से अधिक गांव बने टापू

चतरा में नदी किनारे बसे 100 गांव नदियों पर पुल नहीं होने के कारण टापू बन गए हैं. वहीं पलामू के हुसैनाबाद इलाके में बाढ़ में सड़क जलमग्न होने से बिहार से आवागमन ठप हो गया है. इन गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है.

साहिबगंज के दियारा समेत कई शहरी इलाकों में बाढ़ का पानी घुस जाने से बड़ी संख्या में ग्रामीण फंसे हैं. कोई मचान बना कर रह रहा है तो कई पालीथिन बांध कर रहने को मजबूर है.

चट्टान खिसकने और मिट्टी धंसने से कई ट्रेनें प्रभावित

बारिश ने ट्रेनों को भी प्रभावित किया. कोडरमा-गया रेल मार्ग पर गझंडी व दिलवा के पास चट्टान खिसकने और मिट्टी धंसने तथा कोडरमा-गिरीडीह रेल रूट में महेशपुर हॉल्ट के पास रेल पटरी के नीचे कई स्थानों पर मिट्टी खिसकने से भी ट्रेनों का आवागमन घंटों प्रभावित रहा.

धनबाद में पटरियों पर पेड़ गिरने से भी आवागमन प्रभावित हुआ.

उधर साहिबगंज के राजमहल इलाके में जहां कुछ स्कूल में बाढ़ का पानी घुस गया है. वहीं धनबाद के मेडिकल कॉलेज पीएमसीएच में भी पानी घुस जाने से परेशानी हुई. जगह-जगह पुल-पुलिया व सड़कें भी पानी में बह जाने की खबर है.

कोयला कंपनियों ने जारी किया अलर्ट, उत्पादन प्रभावित

धनबाद के झरिया, केंदुआ, पुटकी, कतरास आदि इलाकों में आवासीय इलाके जलमग्न हो गए हैं. वहीं पंचेत और मैथन डैम का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. उधर बारिश के कारण धनबाद, हजारीबाग और रामगढ़ की कोयला खदानों में उत्पादन प्रभावित रहा.

कोयला कंपनियों ने बारिश को लेकर अलर्ट जारी करते हुए सुरक्षा के लिए पूरी तरह आश्वस्त होने के बाद ही भूमिगत खदानों में कर्मचारियों को उतारने का निर्देश दिया है. बीसीसीएल प्रबंधन ने कतरास एरिया के सलानपुर, खरखरी व पुटकी बलिहारी एरिया की पीबी भूमिगत खदान में श्रमिकों को अंदर जाने से रोक दिया है.

कई पुल और बांध टूटे, सड़कें बहीं

सरायकेला-खरसावां के चांडिल डैम का जलस्तर बढ़ जाने के बाद फाटक खुलने से पानी के बहाव से स्वर्णरेखा नदी पर चांडिल-कांड्रा मार्ग स्थित डायवर्सन पुल बह गया. इससे इस रास्ते से आने-जाने वाले बड़े वाहनों का आवागमन बंद हो गया.

वहीं चतरा में कान्हाचट्टी प्रखंड में बड़की नदी पर बना पुल और कुंदा को पलामू के पांकी से जोडऩे वाला पुल ढह गया.

उधर गढ़वा के हरिहरपुर क्षेत्र में  केरवा नदी पर बना बांध टूट जाने से 100 एकड़ में लगी धान का फसल बर्बाद हो गई. वहीं क्षेत्र के कई जगहों पर जलजमाव के कारण भी कई रास्ते बाधित हैं. गिरिडीह के धनवार प्रखंड में पहाड़पुर के समीप इरगा नदी पर बना पुल बारिश के कारण टूट गया. इस कारण दर्जनों गांवों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क टूट गया.

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