झारखंड: हत्‍या के आरोपी की बीजेपी सदस्‍यता कार्यक्रम में हंगामा और मारपीट

by

Ranchi: एक हत्‍या के आरोपी को बीजेपी की सदस्‍यता ग्रहण को लेकर पार्टी दफ्तर में जमकर हंगामा और मारपीट हुआ. तय समय पर डॉ शशिभूषण मेहता गुरूवार को बीजेपी की सदस्‍यता कार्यक्रम था. शशिभूषण मेहता रांची के एक स्‍कूल के निदेशक भी हैं. उन पर अपने ही स्‍कूल के वार्डन सुचित्रा मिश्रा के हत्‍या का आरोप है.

हालांकि डॉ शशिभूषण मेहता ने बीजेपी की सदस्‍यता ग्रहण कर ली. इस दौरान भाजपा कार्यालय में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा,आदित्य साहू व पलामू जिला अध्यक्ष नरेंद्र पांडेय भी मौजूद थे. इसके पहले डॉ मेहता पांकी से निर्दलीय और जेएमएम के टिकट से चुनाव लड़ चुके हैं.

पीडित परिवार को जैसे ही यह पता चला कि शशिभूषण मेहता भारतीय जनता पार्टी की सदस्‍यता ग्रहण करने वाले हैं. उन्‍होंने इसका विरोध करना शुरू कर दिया. परिवार के सदस्‍ययों ने इस कार्यक्रम के पहले शशिभूषण मेहता के बीजेपी में शामिल होने को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई और विरोध किया.

पार्टी कार्यालय ने दिवगंत सुचित्रा मिश्रा के आग्रह को ठुकरा दिया और डॉ शशिभूषण मेहता के बीजेपी में शामिल होने के लिए कार्यक्रम आयोजित की गई.

तय समय पर बीजेपी का सदस्‍यता ग्रहण कार्यक्रम शुरू हुआ. इसमें बीजेपी के बड़े नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद थे. इस बीच मृतक के परिवार के सदस्‍य और शशिभूषण मेहता के समर्थक आपस में भिड़ गये. खूब हंगामा हुआ. हाथपाई भी हुई.

अभिषेक मिश्र, आशुतोष मिश्र और ललीता कई परिजनों के साथ बीजेपी कार्यालय पहुंचे. ललिता देवी ने हाथों में पर्चे ले रखे थे. मंच पर चढ़कर वे लहराते हुए देखी गईं.

इस दौरान बीजेपी के नेता ज्योतिरिश्वर सिंह उन्हें समझाते देखे गए. इधर सुचित्रा मिश्रा के बेटे को जब धक्का देकर नीचे उतारा गया, तो वे भी विरोध पर उतारू हो गए. काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा. 

मौके पर सुचित्रा मिश्रा के भाभी और बेटे भी मौजूद थे. हंगामे से पहले बीजेपी कार्यालय में वह हाथों में तख्‍ती लेकर डॉ शशिभूषण मेहता की सदस्‍यता का विरोध प्रदर्शित कर रहे थे.   

शशि भूषण मेहता और सुचित्रा मिश्रा हत्‍याकांड

डॉ शशिभूषण मेहता रांची की बहुचर्चित सुचित्रा मिश्रा हत्या कांड के आरोपी हैं. रांची स्थित ऑक्सफोर्ड स्कूल की वार्डन रहीं सुचित्रा मिश्रा की हत्या 11 मई 2012 को हुई थी. डॉ शशिभूषण मेहता इस स्कूल के निदेशक हैं. 

जांच के दौरान मोबाइल सर्विलांस और कॉल डिटेल्स के आधार पर शशिभूषण मेहता का नाम इस हत्याकांड में उछला था. उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई. इसके बाद उन्हें जेल भी जाना पड़ा था. अभी मेहता जमानत पर हैं. जबकि इस घटना के विरोध में कई संस्थाओं और संगठनों ने सड़कों पर उतर कर विरोध किया था.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.