स्‍कूल फीस माफी के लिए झारखंड सरकार क्‍यों नहीं जारी कर रही आदेश?

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Ranchi: कोरोना संकट में लॉकडाउन के दौरान सभी तरह के शिक्षण संस्‍थान बंद रहे. इस बीच झारखंड में प्राइवेट स्‍कूलों द्वारा स्‍टूडेंट्स के पैंरेंट्स को स्‍कूल फीस जमा करने को लेकर कई मैसेज भेजे गए. कई स्‍कूलों में नए क्‍लास में एडमिशन और लॉकडाउन अवधि के फीस वसूली भी शुरू हो गई. इस बीच एक बड़ी बहस शुरू हो गई जब लॉकडाउन में स्‍कूल खुले ही नहीं तो ऐसे में वे फीस वसूली का दबाव क्‍यों बना रहे. रांची में अभिभावक संघ द्वारा खुलकर विरोध भी किया गया.

इधर झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो भी प्राइवेट स्‍कूलों से लॉकडाउन अवधि में दो महीने का फीस माफ करने की अपील कर रहे हैं. इसे लेकर मंत्री ने 27 मई को रांची में प्राइवेट स्‍कूल के एसोसिएशन के साथ बैठक भी की. इस दौरान जगरनाथ महतो ने भावुक होकर यहां तक कह डाला कि प्राइवेट स्‍कूल वाले मेरी बात अपील नहीं मान रहे तो मेरा मंत्री होने का कोई मतलब नहीं. उन्‍होंने कहा कि अब इसका निर्णय मुख्‍य सचिव के साथ बैठक में लिया जाएगा और वहीं अंतिम निर्णय लिया जाएगा.

मंत्री अपील नहीं करें, आदेश जारी करें

प्राइवेट स्‍कूलों के साथ मंत्री के बैठक दो घंटे से ज्‍यादा वक्‍त तक चली. इस दौरान प्राइवेट स्‍कूल के प्रबंधकों ने जोर देकर कहा कि मंत्री फीस माफी को लेकर अपील नहीं करें, बल्कि आदेश जारी करें.

स्‍कूल प्रबंधकों की ओर से राम सिंह ने मीडिया को बताया कि लॉकडाउन अवधि में शिक्षकों समेत सभी कर्मचारियों को को सैलरी दी जा रही है. उन्‍होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान हम स्‍टूडेंट्स के पैरेंट्स के साथ खड़े हैं. उन पर आर्थिक बोझ नहीं बढ़े इसके लिए स्‍कूल फी में बढ़ोतरी नहीं की गई है. ट्रांसपोर्ट चार्ज भी वसूला नहीं गया है. कहीं स्‍कूल ड्रेस नहीं बदले गए हैं.

राम सिंह ने कहा कि अगर किसी पैरेंट्स की कोई विशेष समस्‍या है तो वो अपने स्‍कूल के प्रबंधक या प्रिंसिपल से जाकर मिले. उन्‍हें वहां निराशा नहीं होगी, समस्‍या का समाधान होगा. उन्‍होंने स्‍कूलों की बात रखते हुए कहा कि हमारी भी नियमित खर्च हैं. वह स्‍कूलों का खर्च है. जिसे अपने स्‍तर पर पूरा किया जा रहा है.

एक सवाल के जवाब में उन्‍होंने बताया कि सभी स्‍कूलों में ऑनलाइन क्‍लासेज चलाए जा रहे हैं. यहां क्‍लास के 80 फीसदी बच्‍चे उपस्थित रहते हैं. राम सिंह ने ऑनलाइन क्‍लास को लॉकडाउन पीरियड की बेहतरीन व्‍यवस्‍था बताया और कहा कि आने वाले दिनों में भी यह बहुत कारगर साबित होगी.

फीस माफी का आदेश जारी होते ही कोर्ट जा सकते हैं स्‍कूल

शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के साथ स्‍कूल प्रबंधकों के साथ बैठक के दौरान स्‍कूल वाले बार-बार फीस माफी के लिए आदेश जारी करने की बात पर जोर दे रहे थे. यदि झारखंड सरकार ऐसा कोई सरकारी आदेश जारी करती है तो उसके खिलाफ स्‍कूल ऐसोसिएशन वाले सीधे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे. जानकारी के अनुसार आदेश जारी होने के बाद मामले को अदालत में ले जाने की सभी औपचारिक तैयारी कर ली गई है.

राजस्‍थान हाईकोर्ट कर चुका है फीस माफ कराने से इनकार

राजस्‍थान हाईकोर्ट ने लॉकडाउन के दौरान मार्च, अप्रैल व मई माह की निजी स्कूलों की फीस माफ कराने से इनकार कर चुका है. कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि इन तीन माहीनों की फीस जमा नहीं होने पर किसी भी स्टूडेंट का नाम नहीं काटा जाएगा. जस्टिस सबीना व सीके सोनगरा की खंडपीठ ने यह आदेश राजीव भूषण बंसल की पीआईएल निस्तारित करते हुए दिया था.

दिल्‍ली हाईकोर्ट का सुनवाई से इनकार

लॉक डाउन अवधि में स्‍कूल फीस माफी को लेकर दायर याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया. याचिका में दिल्ली सरकार को भी निर्देश देने की मांग की गई थी कि दिल्ली सरकार स्कूलों को पर्याप्त फंड उपलब्ध कराए ताकि उन पर स्टाफ की सैलरी और अन्य खर्च के लिए ज्यादा बोझ न पड़े.

हरियाणा में सिर्फ ट्यूशन फीस लेने के निर्देश

कोरोना वायरस को कंट्रोल करने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के बीच हरियाणा सरकार ने महत्वपूर्ण ऐलान करते हुए प्राइवेट स्कूल को केवल प्रति माह ट्यूशन फीस लेने के निर्देश दिए. सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्राइवेट स्कूल ट्यूशन फीस के अलावा किसी भी प्रकार की कोई फीस नहीं ले सकते हैं.

स्कूल प्रशासन बिल्डिंग एंड मेंटेनेंस फीस, एडमिशन फीस, कंप्यूटर फीस समेत किसी भी अन्य प्रकार की फीस की मांग नहीं कर सकते हैं.

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