ढाई हजार सहायक पुलिस कर्मियों को स्थाई करने पर फैसला लेगी सरकार

Ranchi: नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 2017 में संविदा पर बहाल तीन जिलों दुमका, सिमडेगा और जमशेदपुर के 500 सहायक पुलिस कर्मियों को अनुबंध अवधि पूरी होने पर 8 अगस्त को अनुबंध से सेवा मुक्त कर दिया गया. इस संबंध में तीनों जिलों के पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से आदेश जारी किया गया कि सहायक पुलिस कर्मियों को अनुबंध की अवधि पूरी होने के बाद 10 अगस्त से सेवा से मुक्त किया जाता है.

इसके बाद 11 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर राज्य के ढाई हजार सहायक पुलिस कर्मियों को 1 माह का सेवा विस्तार मिला है. इस बाबत सीएम के प्रधान महासचिव राजीव अरुण एक्का ने डीजीपी नीरज सिन्हा को पत्र लिखा है. सहायक पुलिस कर्मियों के विभिन्न मांगों का मामला राज्य सरकार के पास विचाराधीन था. इस संबंध में गृह विभाग ने आदेश जारी किया है कि सहायक पुलिस कर्मियों की मांगों पर विभागीय स्तर पर विचार किया जा रहा है एवं यह अपने 5 वर्ष की अवधि के बाद 1 माह के अतिरिक्त कार्य अवधि तक कार्यरत रहेंगे.

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सीएम के निर्देश पर गृह सचिव ने डीजीपी को लिखा है पत्र

मुख्यमंत्री रघुवर दास जिनके कार्यकाल में इनकी बहाली की गई थी उन्होंने सोशल मीडिया पर कमेंट किया कि हेमंत सरकार युवा और आदिवासी विरोधी सरकार है. सहायक पुलिस में गांव देहात के बच्चे शामिल किए गए थे. सहायक पुलिस की बहाली झारखंड से नक्सलियों को समाप्त करने के उद्देश्य से की गई थी.

इसके बाद सीएम के निर्देश पर 11 अगस्त को गृह विभाग के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का ने डीजीपी को पत्र जारी कर कहा कि वर्तमान में जो सहायक पुलिस कर्मी जिन जिलों में कार्यरत हैं. वह अपने कार्यकाल में अतिरिक्त 1 माह तक कार्यरत रहेंगे, ताकि इनकी मांगों पर निर्णय लिया जा सके. इसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी रघुवर दास को जवाब दिया और गृह सचिव के पत्र को सोशल मीडिया पर डाला.

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नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना था उद्देश्य

तत्कालीन रघुवर सरकार ने अगस्त 2017 में सभी ढाई हजार सहायक पुलिस कर्मियों को 5 साल के अनुबंध पर ₹10000 मासिक वेतन पर बहाल किया था. यह पुलिसकर्मी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से आते हैं. इसका मुख्य उद्देश्य था कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवक युवती जब सरकार की मुख्य धारा से जुड़ेंगे तो नक्सलियों की जड़ें कमजोर होंगी. इससे ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में भी मदद मिलेगी. इन्हें आश्वासन मिला कि इनके बेहतर प्रदर्शन पर सिपाही के पद पर अस्थाई बहाली में भी प्राथमिकता दी जाएगी.

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2021 में 39 दिन आंदोलन चला था, आठ 8 माह में निर्णय नहीं

राज्य की सघन उग्रवाद प्रभावित 12 जिलों में ढाई हजार सहायक पुलिस कर्मियों को अनुबंध पर 5 साल के लिए रखा गया. था साल 2021 में सहायक पुलिस कर्मियों ने 8 सूत्री मांगों को लेकर रांची के मोराबादी मैदान में लगातार 39 दिनों का आंदोलन चलाया था. तब सरकार ने उनके साथ नवंबर 2021 में यह समझौता कर हड़ताल छुड़वाई थी कि उनकी मांगों पर 60 दिनों के भीतर निर्णय लिया जाएगा. लेकिन करीब 8 माह बाद भी उनकी मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया गया.

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