ढुल्‍लू महतो के क्राइम बैकग्राउंड की जानकारी ईडी को नहीं दे रही झारखंड पुलिस

Ranchi: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड में बाघमारा से बीजेपी (BJP MLA) के विधायक ढुल्लू महतो (Dhullu Mahto) के खिलाफ नए सिरे से जांच शुरू कर दी है. इस सिलसिले में ईडी ने विधायक के आपराधिक इतिहास की जानकारी धनबाद पुलिस से मांगी थी. हालांकि स्मार पत्र भेजे जाने के बावजूद पुलिस ने ईडी को आवश्यक जानकारी नहीं दी.

प्रभात खबर में छपी रिपोर्ट में कहा गया है कि हाइकोर्ट द्वारा 2016 में दिये गये निर्देश के आलोक में ईडी इस बात की जांच कर रही है कि क्या विधायक ने मनी लाउंड्रिंग कर अपने और अपने करीबी लोगों के नाम संपत्ति खरीदी है.

हाइकोर्ट के निर्देश के बाद इडी ने प्रारंभिक जांच शुरू की. इस दौरान विधायक के कोयले के व्यापार में संलिप्त होने के संकेत मिले. इसके बाद ईडी ने पहली बार धनबाद के सीनियर एसपी को पत्र लिखा. इसमें हाइकोर्ट द्वारा जांच के सिलसिले में दिये गये निर्देशों का उल्लेख करते हुए सूचनाएं मांगी गई.

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ईडी ने पुलिस से ढुल्‍लु महतो की क्‍या जानकारी मांगी

ईडी ने धनबाद के एसएसपी से आग्रह किया कि बाघमारा के विधायक के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में दर्ज मामलों, जांच में हुई प्रगति के साथ जिन मामलों में आरोप पत्र दायर किया जा चुका हो, उसका ब्योरा और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराएं. जांच आगे बढ़ाने के लिए यह जरूरी है.

खबरों के मुताबिक ईडी को पुलिस की तरफ से विधायक के खिलाफ दर्ज मामले और कार्रवाई के बारे में कोई ब्योरा नहीं मिला है. जानकारी नहींमिलने पर ईडी ने 2018 में स्मार पत्र (रिमाइंडर) भेजा. इसके बावजूद धनबाद पुलिस ने विधायक के आपराधिक इतिहास की जानकारी ईडी को उपलब्ध नहां कराई. लिहाजा ईडी को जांच में जांच में मुश्किलें आ रही है.

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गौरतलब है कि अदालत ने ईडी व आयकर विभाग को विधायक की संपत्ति के ब्योरे की जानकारी देने का कहा था. इससे पहले वर्ष 2011 में हाइकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गयी थी. इसमें आरोप लगाया गया था कि विधायक ने अपने और अपने करीबी लोगों के नाम पर करोड़ों की संपत्ति खरीदी है.

याचिकाकर्ता की ओर से विधायक की कुछ संपत्ति का ब्योरा भी संलग्न किया गया था. साथ ही  यह अनुरोध किया गया था कि अदालत प्रवर्तन निदेशालय को विधायक के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लाउंड्रिंग एक्ट  और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दे.

न्यायमूर्ति डीएन पटेल और न्यायमूर्ति अमिताभ गुप्ता की पीठ ने सुनवाई के बाद 30 मार्च 2016 को याचिका निष्पादित कर दिया. अदालत ने इस मामले में विधायक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश नहीं दिया. अदालत ने रजिस्ट्रार जनरल को यह निर्देश दिया कि वह याचिका के साथ दायर संपत्ति सहित अन्य ब्योरे की एक प्रति प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग को उपलब्ध करा दे.

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अदालत ने इन जांच एजेंसियों को यह निर्देश दिया कि आरोपों की जांच कर लें. किसी तरह की अनियमितता पाये जाने के बाद प्रतिवादी ढुल्लू महतो का पक्ष सुनने के बाद नियमानुसार कार्रवाई करें. अदालत के इसी निर्देश के आलोक में इडी ने जांच के क्रम में पुलिस से विधायक के आपराधिक इतिहास की जानकारी मांगी गई है.

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