कोरोना टीकाकरण में झारखंड सबसे पीछे, लक्षद्वीप में हुआ सबसे ज्यादा वैक्सीनेशन

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New Delhi: कोरोना टीकाकरण के पहले 13 दिनों में 11 राज्य अपने 35 फीसदी या इससे अधिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को टीकाकरण कराने में सफल रहे. वहीं झारखंड, उत्तराखंड और दिल्ली समेत छह राज्य ऐसे हैं, जहां टीकाकरण मुश्किल से 20 फीसदी के करीब ही पहुंच पाया है. केंद्र ने इन राज्यों से टीकाकरण तेज करने का आग्रह किया है. 

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने गुरुवार को प्रेस कांफ्रेस में कहा कि लक्षद्वीप ने सबसे ज्यादा 83.4 फीसदी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का टीकाकरण करा लिया है. दूसरे नंबर पर ओडिशा है, जहां यह 50.7 फीसदी है. तीसरे नंबर पर हरियाणा है जहां 50 फीसदी स्वास्थ्य कार्यकर्तओं का टीकाकरण हो चुका है.

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इसके बाद अंडमान, राजस्थान, त्रिपुरा, मिजोरम, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक तथा मध्य प्रदेश का नंबर आता है.

कोरोना टीकाकरण में झारखंड सबसे पीछे

उन्होंने कहा कि छह राज्यों झारखंड, दिल्ली, तमिलनाडु, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ तथा महाराष्ट्र में टीकाकरण 20 फीसदी के करीब ही है. झारखंड में सबसे कम 14.7 फीसदी, दिल्ली और तमिलनाडु में 15.7 फीसदी तथा उत्तराखंड में 17.1 फीसदी है.

एक प्रश्न के जवाब में आईसीएमआर के महानिदेशक डा बलराम भार्गव ने बताया कि कोवैक्सीन और कोविशील्ड पर लिखी चेतावनी सही नहीं है. इसे हटाने के लिए दवा नियामक को लिखा गया है. दोनों टीके रक्त पतला करने वाली दवा लेने वाले भी ले सकते हैं.

बता दें कि कोवैक्सीन और कोविशील्ड पर चेतावनी लिखी है कि इनका इस्तेमाल रक्त को पतला करने की दवा लेने वाले नहीं करें. 

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सबसे ज्यादा टीकाकरण करने वाला पांचवां देश बना भारत

भारत 26 जनवरी तक 20.3 लाख लोगों को कोविड-19 टीके की खुराक देकर सबसे ज्यादा टीकाकरण करने वाला पांचवां देश बन गया.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि गुरुवार दोपहर तक 25 लाख से स्वास्थ्यकर्मियों को टीके दिए गए हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि भारत ने छह दिनों में ही दस लाख लोगों का टीकाकरण कर लिया जबकि अमेरिका ने 10 दिनों, स्पेन ने 12 दिनों, इजराइल ने 14 दिनों, ब्रिटेन ने 18 दिनों, इटली ने 19 दिनों, जर्मनी ने 20 दिनों और यूएई ने 27 दिनों में इतने लोगों का टीकाकरण किया.

टीकों को बर्बाद होने से बचाने के लिए दिशा-निर्देश जारी

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कोविड-19 के टीकों की किसी भी तरह की बर्बादी नहीं होने देने को सुनिश्चित करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं.

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मंत्रालय ने कहा है कि इस उद्देश्य (टीकों की बर्बादी नहीं होने देने) के लिए टीकाकरण केंद्रों को प्रत्येक दिन के लिए निर्धारित 100 लाभार्थियों के अलावा अतिरिक्त लाभार्थियों को जोड़ने की अनुमति दी गई है, बशर्ते कि निर्धारित लाभार्थी टीका लगवाने नहीं पहुंचें.

स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में कहा कि जब टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किया गया था, तब 10 फीसदी बर्बादी होने की हिसाब लगाया गया था.

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