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सिल्‍क की राखियां बना रहा है झारखंड खादी बोर्ड, इसमें है कुछ खास

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#Ranchi : झारखंड राज्‍य खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड बचे हुए रेशम के धागों से राखी बनाने का काम शुरू कर दिया है. खादी बोर्ड एक एक सदस्‍य कुलवंत सिंह ने बताया कि ‘जमशेदपुर में करीब 50 प्रशिक्षित महिलाओं द्वारा रेशम की धागे से राखियां बनाई जा रही हैं. अम्‍दा खादी केंद्र से जुडे बंटी ने बताया कि ‘राखी बनाने के लिए जरूतर पडने वाली रेशम को अमदा खादी केंद्र और दूसरी जगह जैसे सरायकेला खरसावां जिलों से रेशम के अपशिष्‍ट धागों को एकत्र किया जा रहा है.

25-35 रुपये में मिलेंगी खादी बोर्ड की राखियां

26 अगस्त को भाई-बहनों का त्‍योहार ‘रक्षा बंधन’  है. इसमें अब एक महीने से भी कम समय बचा है. बंटी इस बात से आश्वस्त हैं कि रक्षा बंधन से पहले खादी बोर्ड द्वारा निर्मित रेशम की राखियां बाजार में होंगी. उन्होंने बताया कि “रेशम की यह खास राखी झारखंड के हर खादी स्‍टोर में उपलब्ध होंगे. यह राखियां 20 रुपये से 35 रुपये की रेंज पर पर मिलेंगी.”

कांवरियों के लिए स्‍पेशल ड्रेस

रेशम की खास राखियों के साथ खादी बोर्ड ने विशेष रूप से कांवरियों के लिए खादी कपड़े पेश करने का भी फैसला किया है. श्रद्धालु ‘श्रावण’ (जुलाई-अगस्त) के महीने के दौरान देवघर में बैद्यनाथ मंदिर में भगवान बैद्यनाथ (शिव) को पवित्र पानी ले जाने के लिए पवित्र जल लेते हैं.

बंटी ने बताया कि सावन में शिव पूजा में धारण करने योग्‍य पुरूषों के लिए ‘बुंदी’ और शॉर्ट्स और महिलाओं के लिए स्‍लीवलेस सलवार कमीज के रूप में जाना जाने वाला सूती के शर्ट और सभी के लिए बैग शामिल है.  अमदा के अलावा,कुचई, मारंगहातु और चांडिल केंद्रों में भी रेशम धागे का उत्पादन होता है. इस महीने की शुरुआत में झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने कहा था कि सरकार हस्तशिल्प को प्राथमिकता दे रही है और जल्द ही देश की पहली खादी मॉल रांची में आएगी.

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