नियोजन नीति पर झारखंड हाईकोर्ट का फैसला- नियुक्तियों पर रोक बरकारार

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Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने राज्‍य में नियोजन नीति के तहत होने वाली सभी नियुक्तियों पर रोक को बरकरार रखा है. अदालत ने कहा कि इस तरह का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. इसलिए सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद ही इस मामले में हाई कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा.

इसके पहले में झारखंड हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. दरअसल, राज्य सरकार ने 13 अधिसूचित जिलों की तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के सभी पद स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित किया है.

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झारखंड हाईकोर्ट ने 22 जनवरी को फैसला रखा था सुरक्षित

झारखंड हाई कोर्ट मंगलवार को नियोजन नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर अपना फैसला सुना दिया है. सभी पक्षों की बहस सुनने के बाद बड़ी बेंच ने 22 जनवरी 2020 को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. जिस पर आदेश देते हुए उच्‍च न्‍यायालय ने नियुक्तियों पर रोक को बरकरार रखा है.

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नियोजन नीति में 13 अनुसूचित जिलों में आरक्षण को दी गई थी झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती

झारखंड सरकार ने नियोजन नीति के तहत 13 अनुसूचित जिलों के तृतीय एवं चतुर्थवर्गीय पद स्थानीय लोगों को लिए आरक्षित कर दिया है. इसी को चुनौती देते हुए प्रार्थी सोनी कुमारी ने अदालत में याचिका दाखिल की है.

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पूर्व में सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने एक जिले में सभी पद आरक्षित करने को असंवैधानिक मानते हुए इसे बड़ी बेंच में भेज दिया था. तब से बड़ी बेंच इसकी सुनवाई कर रही थी.

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