जीतने वाले को खरी-खोटी, हारने वाले की वाहवाही

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Ranchi: आगामी विधानसभा चुनाव का विगुल फूंकने से पहले ही तमाम राजनीतिक पार्टियों ने अपनी रणनीतिक अखाड़ों को सींचना शुरू कर दिया. इधर कार्यकर्ताओं ने भी कमर कस ली. वहीँ अब जनता भी जाग चुकी है और अपने अच्छे और भले का पहचान करना भी सीख चुकी है.

क्या कहतें वहां के ग्रामीण

अब रो-धोकर वोट मांगने से काम नहीं चलने वाला है. आज हारा हुआ आदमी इस क्षेत्र(सिल्ली विधानसभा) में काम कर रहा है. अब उसे यह सोचना चाहिए कि अब लोगों से कैसे वोट कैसे मांगेंगे. ये कहना है जिदु गांव के पंचायत प्रभारी शंकर मुंडा का.

इस बार आंसू बहाने वाले को वोट नहीं देना है. जो हमे देखता है उसी को हम सपोर्ट करेंगे. उन्होंाने सिल्लीज विधानसभा की विधायक सीमा देवी का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें् कंपीटिशन करना है तो विकास और उपलब्धियों से करना चाहिए. वो व्यपक्तिगत आरोप-प्रत्यावरोप न करें. इससे हमें फर्क नहीं पड़ने वाला है.

उन्होंने कहा कि सिर्फ बातें बनाने से कोई नेता नहीं बनता है, इसके लिए बहुत कुछ लोगों के लिए करना पड़ता है, तभी हम जैसे लोगों को लाभ होता है. लेकिन पांच साल के दौरान सिल्लीी विधायक ने कुछ नहीं किया.

शंकर मुंडा जोन्हाल में आयोजित मातृ-पितृ सेवा और बिरसा आहार योजना के दौरान अपनी बातें कह रहे थे. ये दोनों योजना गूंज परिवार द्वारा चलाया जा रहा है. गूंज परिवार के संरक्षक सुदेश कुमार महतो हैं. उन्होंतने इसकी शुरूआत सिल्लीक के बदालू गांव से 18 अगस्तब से की थी.

मातृ-पितृ सेवा और बिरसा आहार योजना

बिरसा आहार योजना के तहत परिवार के एक सदस्य को 11 किलो चावल और एक से अधिक सदस्य रहने पर 25 किलो चावल दिया जाता है. वहीं मातृ-पितृ योजना के तहत लाचार और बेबस परिवार को छह सौ रुपए महीने पेंशन दिए जा रहे हैं.
गूंज परिवार एक मुहिम के तौर पर हर गांव से वैसे परिवारों को चिह्नित कर रहे हैं, जिन्हें सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है.

एक्टिव हुईं विधायक सीमा देवी

वहीं दूसरी ओर सिल्लीी विधायक झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 के करीब आते ही गठबंधन की सरकार को कोसने के लिए एक्टिव हो गई हैं. उन्होंसने सोनाहातू में आयोजित 15 सितंबर की रैली में कहा था कि विधायक सीमा महतो ने कहा कि भाजपा आजसू गठबंधन सरकार गरीबों की नही अमीरों को सरकार है. इसे उखाड़ फेंकने की जरूरत है. राज्य की भलाई जेएमएम हेमंत सोरेन ही गरीबों के हित और झारखंडियों की पहचान दे सकते है.

अमित महतो की कैसे गई विधायकी

सीमा देवी के पहले सिल्लीा के विधायक उनके पति अमित महतो थे. लेकिन अमित महतो को मारपीट के एक मामले में दो साल की सजा सुनाई गई.

सोनाहातू के तत्कालीन सीओ आलोक कुमार पर जानलेवा हमले के मामले में 23 मार्च 2018 को सजा सुनाई गई थी. साथ ही, 45 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया था.

अदालत ने सोनाहातू के तत्कालीन अंचलाधिकारी आलोक कुमार के साथ मारपीट व गाली-गलौज करने, सरकारी काम-काज में बाधा डालने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित अन्य धाराओं में दोषी पाकर सजा सुनाई थी.

दो साल की सजा सुनाए जाने के बाद अमित महतो की विधानसभा की सदस्यता खत्म हो गई. इसके बाद हुए उपचुनाव में अमित महतो की पत्नी सीमा महतो ने जीत दर्ज की.

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