झारखंड में कांग्रेस खंड-खंड, समर्थक आपस में भिड़े, लाठीचार्ज

Ranchi: झारखंड के कांग्रेस हेडक्‍वार्टर में प्रदेश अध्‍यक्ष डॉ अजय कुमार और सुबोध कांत सहाय के बीच की दूरी खुल कर सामने आ गई है. पहली अगस्‍त को रांची के कांग्रेस कार्यालय के बाहर डॉ अजय के समर्थक और सुबोध कांत सहाय के समर्थक आपस में भिड़ गये. मौके पर मौजूद पुलिस बल ने उनपर लाठियां भी बरसाई. झारखंड में दो फाड़ हुए कांग्रेस ने एक-दूसरे को चोर कहा और सरेआम एक दूसरे को बेनकाब किया.

इसके पहले लोकसभा चुनाव के बाद जब पहली बार डॉ अजय कुमार सोमवार को प्रदेश कार्यालय कांग्रेस भवन पहुंचे जहां डॉ अजय के विरोधी गुट डॉ अजय कुमार के कांग्रेस भवन पहुंचने पर “डॉ अजय कुमार गो बैक” के नारे लगाए गए थे साथ ही कांग्रेस मुख्यालय में डॉ अजय का पुतला भी फूंका गया था.

इस घटना के बाद रांची महानगर अध्यक्ष संजय पांडे के द्वारा अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी के 6 सदस्यों को 6 वर्ष के लिए निष्काषित किया गया. वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री सह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय के करीबी माने जाने वाले 2 नेता पूर्व प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिन्हा और पूर्व महानगर अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह को भी प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार ने भी 6 वर्षो के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया.

Read Also  रांची में डांडिया नाइट की धूम, बाजार में बढ़ी लहंगा की डिमांड 

पार्टी की कार्यवाई के बाद पूर्व प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने कांग्रेस भवन में बुधवार को एक सवांददाता सम्मेलन बुलाया. लेकिन, डॉ अजय कुमार के समर्थकों द्वारा पूर्व प्रदेश प्रवक्ता और उनके सहयोगियों को पार्टी कार्यालय में घुसने नही दिया गया, जिसके बाद दोनों गुटों के बीच धक्कामुकि, नारेबाजी और हाथापाई शुरू हो गया. इस दौरान सुरक्षा पर पहले से तैनात जवानों ने भीड़ पर लाठीचार्ज कर दी जिसके बाद कुछ देर के लिए कांग्रेस भवन के पास भगदड़ का माहौल बन गया.

डॉ अजय ने भाड़े के गुंडे लाकर हमपर अटैक करवाया: राकेश सिन्हा

लाठीचार्ज के बाद सुबोधकांत के समर्थक कांग्रेस भवन के मुख्य गेट के सामने सड़क पर ही धरना पर बैठ गए. इस दौरान उन्होंने जमकर डॉ अजय कुमार के खिलाफ नारेबाजी भी की. जिसके बाद मौके पर मौजूद कोतवाली पुलिस ने सुबोधकांत के समर्थकों को हिरासत में ले लिया और सड़क जाम को हटाया. मौके पर मौजूद पूर्व प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने डॉ अजय कुमार पर जमकर निशाना साधते हुवे कहा कि डॉ अजय भाजपा के इशारे पर चल रही है. हम पुराने कांग्रेसी है, डॉ अजय की मनमानी नही चलने देंगे. जब हमलोग शांतिपूर्ण तरीके से कार्यालय घुसना चाहा तो डॉ अजय के भाड़े के गुंडों ने हमे रोका, साथ ही हम पर अटैक भी करवाया जिससे कई कार्यकर्ताओं को चोटें लगी यहाँ तक कि मीडिया कवरेज कर रहे मीडियाकर्मियों को भी नही बख्शा गया. हम पर प्रशासन से लाठियां बरसाई गई हमे गिरफ्तार भी कर लिया गया लेकिन हम डरने वाले नही है, आगे भी डॉ अजय का विरोध करते रहेंगे.

Read Also  रांची में डांडिया नाइट की धूम, बाजार में बढ़ी लहंगा की डिमांड 

मुर्दाबाद के लगे नारे

डॉ अजय कुमार के कांग्रेस भवन पहुचने पर उनके सैकड़ों समर्थकों ने डॉ अजय कुमार के समर्थन में नारेबाजी की तो वही डॉ अजय के मौजूदगी में सुबोधकांत सहाय और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप बलमुचू के मुर्दाबाद के भी नारे लगाए गए.

चोरों को चाहिए पद: डॉ अजय कुमार

प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार ने पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय के नाम लेते हुवे तीखी आलोचना करते हुवे कहा कि ये सिर्फ पद की लड़ाई है. सुबोधकांत सहाय ने अपने चंद लोगो की भीड़ जुटा कर ये साबित कर दिया कि उन्हें सिर्फ पद चाहिए. डॉ अजय कुमार यहाँ तक नही रुके उन्होंने सुबोधकांत सहाय को चोर शब्द से नवाजते हुवे कहा कि चोरों को सिर्फ पद चाहिए ताकि खुद लोकसभा चुनाव लड़े, भाई हटिया विधानसभा चुनाव लड़े, अपने लोग के बाप-बेटा चुनाव लड़े, जिलाध्यक्ष अपने लोगो को बनाए और जरूरत पड़े तो यही चोर लोग नगर निकाय चुनाव भी लड़ेंगे. लेकिन अब झारखंड में ऐसा नही होगा, पार्टी किसी के बाप की नही. पार्टी में वही रहेगा जो पार्टी का काम करेगा. चुनाव वही लड़ेगा जो चुनाव लड़ने का काबिलियत रखता हो, अब बाप बेटे भाई वाली राजनीति नही चलेगी.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.