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झारखंड: चुनावी राजनीति की बिसात पर नेताओं के बदलते रिश्‍ते-नाते और शह मात का खेल

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Jamshedpur: झारखंड में लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2019) को लेकर नेताओं के पाला बदलने और बगावत के कई मामले सामने आये हैं. पर जेएमएम के विधायक जयप्रकाश भाई पटेल (Jai Prakash Bhai Patel) अचानक से सबसे ज्यादा सुर्खियों में हैं.

बगावत की राह पर उतरे जयप्रकाश भाई पटेल ने शनिवार को जमशेदपुर में भाजपा और आजसू के नेताओं के साथ मंच साझा किया. साथ ही जमशेदपुर (Jamshedpur) से भाजपा के उम्मीदवार विद्युवरण महतो (Bidyut Baran Mahto) के समर्थन में प्रचार भी किया.

इन्‍होंने बदला समीकरण

दल बदलने में कुछ बड़े नेताओं के नाम गिने जायें, तो जदयू के प्रदेश जलेश्वर महतो, जगन्नाथपुर की विधायक गीता कोड़ा कांग्रेस में शामिल हुईं. राजद से अन्नपूर्णा देवी, गिरिनाथ सिंह, जनार्दन पासवान बीजेपी में शामिल हुए. गीता कोड़ा कांग्रेस के टिकट से चाईबासा सीट पर चुनाव लड़ रही हैं. जबकि अन्नपूर्णा देवी को भाजपा ने कोडरमा से उम्मीदवार बनाया है.

इससे पहले चतरा के पूर्व विधायक सत्यानंद भोक्ता राजद में शामिल हो गये हैं. जेवीएम से नीलम देवी और प्रभात भुइंया भाजपा में शामिल हो गये हैं.

इधर रांची से टिकट काटे जाने के बाद रामटहल चौधरी ने भाजपा छोड़ दी है. साथ ही वे निर्दलीय मैदान में उतर गये हैं. टिकट काटे जाने के बाद रामटहल चौधरी भी बीजेपी के खिलाफ मुखर हैं. अब जेएमएम विधायक की बगावत सब पर भारी पड़ती दिख रही है.

सुदेश से मिलकर जमशेदपुर गये

लेकिन जेपी पटेल की बगावत के साथ खुलकर एनडीए के प्रचार करने से चुनावी तानाबाना बदला हुआ दिखने लगा है. जेएमएम विधायक के इस रुख से एनडीए को कितना चुनावी नफा और जेएमएम को कितना नुकसान होगा यह परखा जाना बाकी है. हालांकि एनडीए इसे रणनीतिक सफलता के तौर पर देख रहा है. एनडीए को यह भी लगता है कि सीधे तौर पर इसका असर समीकरणों पर पड़ेगा.

जमशेदपुर की सभा में जयप्रकाश पटेल ने एनडीए की जमकर तारीफ की और झारखंड मुक्ति मोर्चा को निशाने पर रखा. वैसे शुक्रवार, 19 अप्रैल को ही जेपी पटेल ने हजारीबाग में यह एलान कर दिया था कि वे एनडीए के उम्मीदवारों के समर्थन में पूरे राज्य में घूम-घूम कर प्रचार करेंगे.

शनिवार, बीस अप्रैल की सुबह जेपी पटेल आजसू के प्रमुख सुदेश कुमार महतो के आवास पर मिलने पहुंचे. और यहां से सुदेश महतो जेएमएम विधायक को साथ लेकर जमशेदपुर गये.

जेपी पटेल की आगे की रणनीति

जाहिर है जेएमएम के विधायक जब मंच पर पहुंचे, तो बीजेपी नेताओं के चेहरे खिल गये. विद्युतवरण महतो, आजसू के विधायक रामचंद्र सहिस, सरकार के मंत्री सरयू राय ने जेपी पटेल से गुफ्तगू की. भाजपा के दूसरे नेताओं ने भी जेपी पटेल का स्वागत किया.

22 अप्रैल को जेपी पटेल गिरिडीह से चुनाव लड़ रहे आजसू के उम्मीदवार चंद्रप्रकाश चौधरी के नामांकन में रहेंगे. हजारीबाग में भी वे भाजपा के उम्मीदवार जयंत सिन्हा की मदद करेंगे. दरअसल वे मांडू से विधायक हैं और यह विधानसभा क्षेत्र हजारीबाग संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है.

मीडिया से बात करते हुए सरयू राय ने कहा कि विद्युत के प्रचार में आकर पटेल ने जेएमएम को बिजली का झटका दिया है. आजसू के विधायक रामचंद्र सहिस का कहना है कि जेएमएम विधायक युवा हैं. उर्जावान हैं. एनडीए को उन्होंने चुना है, तो यहां दिल भी लगेगा.

जेएमएम का दावा

जेपी पटेल इस बात पर खफा हैं कि हजारीबाग या गिरिडीह की सीट से उन्हें जेएमएम ने चुनाव नहीं लड़ाया. जेएमएम विधायक कांग्रेस के साथ गठबंधन पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं. इधर जेएमएम इन बातों से इत्तेफाक नहीं रखता कि विधायक के बागी होने से चुनाव में उसे कोई नुकसान होगा.

जेएमएम के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने कहा है, ”जेपी पटेल एनडीए के साथ जो गलबहियां कर रहे हैं, इसकी भनक हमलोगों को पहले से थी. यह पटकथा पहले से लिखी जा रही थी. और पार्टी ने ठंडे दिमाग से जगरनाथ महतो को गिरिडीह के मैदान में उतारा है. पार्टी ने जेपी पटेल को उनके पिता और पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे टेकलाल बाबू के मान सम्मान को सर्वोपरि समझते हुए समय से पहले बहुत कुछ दिया, जिसे वे संभाल नहीं पाए. अब कितने पानी में रहेंगे, और कितना तैरेंगे यह भी जेएमएम देखेगा”.

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