FJCCI ने वित्त मंत्री रामेश्‍वर उरांव के साथ बैठक कर झारखंड बजट 2021-22 को लेकर दिये आवश्‍यक सुझाव

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Ranchi: झारखण्ड बजट में प्रदेश के व्यापार व उद्योग जगत की मांगों को सम्मिलित करने के लिए फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैंबर ऑफ कॉमर्स एण्ड इन्डस्ट्रीज (FJCCI) ने वित्त मंत्री डॉ रामेश्‍वर उरांव से मिलकर वार्ता की और ज्ञापन सौंपा.

चैंबर द्वारा सुझाये गये ज्ञापन में मुख्यतः संताल परगना में टेक्सटाइल पार्क की स्थापना व भूमि अधिग्रहण करने के लिए पर्याप्त बजटीय आवंटन, प्रत्येक जिले में एक औद्योगिक क्षेत्र की अनिवार्यता के साथ ही केवल एमएसएमई मैनुफैक्चरिंग सेक्टर व स्टार्टअप्स के लिए 25 एकड़ अतिरिक्त लैंड बैंक विकसित करने के लिए बजटीय राशि, राज्य में अवस्थित सभी औद्योगिक क्षेत्रों की आधारभूत सरंचना को विकसित करने, ईज ऑफ डूईंग बिजनेस को कारगर बनाने की दिशा में सिंगल विंडो सिस्टम को पूर्णरूपेण प्रभावी करने के लिए बजटीय प्रावधान और नीति की घोषणा के साथ ही राज्य में अन्य आयोगों की तर्ज पर व्यवसायिक-औद्योगिक आयोग का गठन करने की मांग की गई.

चैंबर अध्यक्ष प्रवीण जैन छाबड़ा ने एमएसएमई की सुविधाओं के लिए राज्य में अलग से विभाग का गठन करने तथा इस सेक्टर का बजट बढ़ाकर इस क्षेत्र के सुदृढीकरण के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की मांग की.

पर्यटन विकास की दिशा में यह सुझाया गया कि पर्यटकों की सुविधा के लिए नेतरहाट व बेतला राष्ट्रीय उद्यान में पीपीपी मोड पर होटल की स्थापना, गुमला स्थित अंजनधाम ऐतिहासिक धार्मिक स्थल को सौंदर्यीकृत करने तथा देवघर, दुमका, पाकुड एवं साहेबगंज जिलों में कई अन्य पर्यटन केंद्रों को विकसित कर ट्राइबल टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाय. यह भी कहा गया कि देवघर में तसर कलस्टर, पेडा कलस्टर, फिशरिज कलस्टर, लोहारगिरी कलस्टर, लाह-चूड़ी कलस्टर एवं सिंदुर कलस्टर आदि को योजनाबद्ध विकास का खाका तैयार कर सूक्ष्म एवं ग्रामीण उद्योग को बढ़ावा देकर यहां के लोगों को स्वरोजगार के क्षेत्र में समृद्ध बनाया जा सकता है.

इसी प्रकार देवघर में थ्री व फाइव स्टार होटल के निर्माण, की मांग भी की गई. चैंबर द्वारा सौंपे गये ज्ञापन में प्रायः सभी सेक्टर्स को प्राथमिकता दी गई है जिसमें मुख्यतः साहेबगंज जिले में एक औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना, संताल परगना को स्पेषल इकोनोमिक जोन घोषित करने, संताल परगना में औद्योगिक प्रगति के लिए देवघर-दुमका क्षेत्र में नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की स्थापना, अन्य राज्यों की तर्ज पर झारखण्ड में विद्युत वितरण की जिम्मेवारी प्रोफेशनल्स के हाथों में सौंपने तथा सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से रांची, धनबाद एवं जमषेदपुर में पुलिस कमिश्‍नर की नियुक्ति का प्रावधान करने की मांग की गई.

चैंबर द्वारा यह भी सुझाया गया कि ट्रेड लाईसेंस के अलावा प्रोफेशनल टैक्स का अतिरिक्त भार व्यवसायियों पर कंपलायंस का बोझ है. सुझाव दिया गया कि होल्डिंग के अंदर ही ट्रेड लाईसेंस को समायोजित कर झारखण्ड में ट्रेड लाइसेंस की बाध्यता समाप्त की जाय. इसी प्रकार रांची व धनबाद की तर्ज पर प्रदेश के अन्य जिलों में ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर की स्थापना, रांची की तर्ज पर धनबाद, देवघर व जमशेदपुर में ट्रांसपोर्ट नगर निर्माण, पासपोर्ट कार्यालय की तर्ज पर राज्य में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए प्रोफेशनल्स को अधिकृत करने, जाम की समस्या से जूझ रहे शहरों के आसपास रिंग रोड/बाईपास मार्ग के निर्माण, गिरिडीह से पचंबा तक की सड़क को फोर लेन करने, देवघर जिले में पिछले 9 वर्षों से एक अनावश्‍यक भूमि सत्यापन प्रमाण पत्र के असंवैधानिक प्रावधान को समाप्त करने, साहेबगंज शहरी क्षेत्र को खासमहल से मुक्त करने की मांग भी की गई.

यह भी कहा गया कि जनहित में बनाई जानेवाली योजनाओं को आकार देने के लिए डीपीआर बनाने में करोड़ों रुपये का खर्च होता है लेकिन अक्‍सर यह देखा गया है कि कुछ कमियों के कारण डीपीआर को रद्द करना पड़ता है. ऐसे में बजट के माध्यम से सरकार एक थर्ड पार्टी मॉनिटरिंग सिस्टम को विकसित करे जो प्रत्येक डीपीआर की बारीकियों का अध्ययन करता रहे. सरकार का इस्टेबलिशमेंट कॉस्‍ट कैसे कम हो, बजट में इसके लिए विशेष फोकस करने की आवश्‍यकता है.

चैंबर महासचिव राहुल मारू ने कहा कि कोविड-19 के कारण महामारी, मंदी और महंगाई को लेकर चिंताएं अभी भी हैं, लेकिन हमें विश्‍वास है कि यदि सरकार और स्टेकहोल्डर्स आपसी समन्वय से विकास कार्यों को गति दें, तब राज्य की आर्थिकी, निश्चित ही बढ़ोत्तरी की राह पर अग्रसर होगी.

वित्त मंत्री डॉ रामेश्‍वर उरांव ने चैंबर द्वारा सुझाये गये सभी बिंदुओं पर विचार करते हुए आगामी बजट में सम्मिलित करने का आश्‍वासन दिया.

प्रतिनिधिमण्डल में चैंबर अध्यक्ष प्रवीण जैन छाबडा, उपाध्यक्ष किशोर मंत्री, महासचिव राहुल मारू, कार्यकारिणी सदस्य संजय अखौरी, आदित्य मल्होत्रा, प्रदीप मंत्री व प्रमोद चैधरी सम्मिलित थे.

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