झारखंड विधानसभा मानसून सत्र: जय श्रीराम नारे से तीसरे दिन की कार्रवाही बाधित

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Ranchi: झारखंड विधानसभा मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन में ‘जय श्रीराम’ का नारा गूंजा. विधानसभा की कार्रवाही शुरु होते ही झामुमो के विधायक कुणाल षाड़ंगी ने भारतीय वन संरक्षण कानून में संशोधन के विरोध में कार्य स्थगन प्रस्ताव लाया था.

कार्यस्थगन के माध्यम से वे सरकार से जानना चाहते थे कि इस कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार का पक्ष मांगा है, उसमें सरकार का पक्ष क्या है.

स्पीकर ने इस कार्य स्थगन को अमान्य कर दिया. जिसके बाद नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन और झारखंड मुक्ति मोर्चा के सभी विधायक इस पर सरकार की राय जानने की मांग को लेकर अड़े रहे.

नारेबाजी करते हुए वे वेल में आ गए. जिसके बाद झामुमो के पौलुस सुरीन ने कह दिया कि यहां ‘जय श्रीराम’ नहीं चलेगा. यह सुनते ही सत्ता पक्ष के विधायक और मंत्री ने ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाये. जिसके कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई.

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वन अधिकारियों को होगा गोली मारने का अधिकार

झामुमो विधायक कुणाल षाड़ंगी और प्रतिपक्ष के नेता हेमंत सोरेन ने कहा कि भारतीय वन कानून में संशोधन के बाद वन विभाग के अधिकारियों के पास सीधे गोली मारने का अधिकार होगा.

दरअसल भारतीय वन कानून के तहत संशोधन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार से उसका पक्ष मांगा है. सरकार के उसी पक्ष को जानने के लिए विपक्षी विधायक सदन में अड़े रहे.

इस पर सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट अगर राज्य सरकार का पक्ष जानना चाहती है तो सरकार सदन में अपनी बात क्यों रखेगी. क्या विपक्ष को सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा नहीं है.

सदन को हाईजैक करने की कोशिश ना करें JMM: स्पीकर

झारखंड मुक्ति मोर्चा के वेल में आ जाने और लगातार विरोध जताने को लेकर स्पीकर दिनेश उरांव ने झामुमो विधायकों से कहा कि आप सदन को हाईजैक ना करें.

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जिसके बाद हेमंत सोरेन को अपनी बात कहने की इजाजत देते हुए कहा कि सीधा-सीधा बात करें, फालतू बात नही करें. सुनते ही हेमंत सोरेन ने कहा- क्या हम फालतू बात करते हैं.

जंगल में रहने वाले लोगों को हटाने के साथ-साथ वन अधिकारियों को गोली मारने के आदेश है. सरकार ने अपना पक्ष नहीं रखा इसलिए सरकार को सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखने को कहा गया है. सरकार का पक्ष क्या है, यह हमें भी बताएं.

इस पर राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, यहां बातें नहीं रखी जा सकती.

सभी जिलों से मांगा गया है सुझाव, उसके बाद दाखिल करेंगे एफिडेफिट: मंत्री

भारतीय वन कानून को लेकर सरकार के पक्ष रखने की बात पर मंत्री ने कहा कि अभी सभी जिलों से सुझाव मांगे गए हैं. सुझाव आने के बाद हम सुप्रीम कोर्ट में अपना एफिडेविट दाखिल करेंगे.

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वन क्षेत्रों में रह रहे लोगों को संरक्षण देना सरकार का प्रथम कर्तव्य है. पिछले 14 साल में जहां सिर्फ 43000 वन पट्टे बांटे गये थे. वहीं अब सिर्फ साढ़े 4 साल में हमने 68,000 वन पट्टों का वितरण किया है.

राम नाम  का इस्तेमाल गलत

सदन में जय श्रीराम नारा गुंजने के बाद सुखदेव भगत ने कहा कि माननीय का आचरण निंदनीय है. श्रीराम का नाम भक्ति श्रद्धा से लिया जाना चाहिए. किसी का उपहास उड़ाने के लिए राम नाम का उपयोग गलत है.

इस पर नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि श्रीराम हमारे कण-कण में हैं और अगर जय श्रीराम बोलने से सदन बाधित होती है, तो हमें गर्व है श्रीराम के नाम पर. उन्होंने साथ ही कहा कि ‘जय श्रीराम’ बोलते रहेंगे.

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