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झारखंड: 2014 लोकसभा चुनाव की रिपोर्ट कार्ड

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Ranchi: 2014 के आम चुनावों मे कई दिग्गजों को हार का मुंह देखना पड़ा था. कुछ ऐसे चेहरे भी थे जो पहली बार मैदान में कूदे और बाजी मार ली. आइए एक नजर डालते हैं पिछले चुनावी दंगल में किनको जीत हासिल हुई थी और किन्हें हार नसीब हुई.

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रांची में पांचवीं बार जीते रामटहल

पिछले चुनाव में प्रदेश की राजधानी रांची लोकसभा सीट पर कुल 29 प्रत्याशी थे. जिनमें कई दिग्गज शामिल थे. उनमें बीजेपी के प्रत्याशी रामटहल चौधरी, कांग्रेस के प्रत्याशी पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत, जेवीएम से अमिताभ चौधरी ने चुनाव लड़ा था. बंधु तिर्की तृणमूल कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़े थे, जबकि आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने भी रांची के दंगल में पहली बार अपनी किस्मत आजमाई थी. इस दंगल में बीजेपी प्रत्याशी ने सबको मात दी. रामटहल चौधरी ने 5वीं बार जीत दर्ज की. उन्हें 4 लाख 48 हजार 7सौ 29 वोट मिले थे. जो कि कुल वोटिंग की 42 फीसदी थी. जबकि सुबोध कांत सहाय को 2 लाख 49 हजार 4 सौ 26 वोट मिले थे.

जेवीएम के टिकट से जमशेदपुर हार गये डॉ अजय

जमशेदपुर संसदीय सीट पर भी टक्कर जोरदार थी. यहां कुल 16 प्रत्याशी थे. मुख्य मुकाबला बीजेपी, जेवीएम और जेएमएम के बीच था. बीजेपी प्रत्याशी विद्युत वरण महतो ने तत्कालीन सांसद डॉ. अजय कुमार को हराया था. जबकि जेएमएम प्रत्याशी निरुप मोहंती तीसरे स्थान पर रहे थे. उस समय अजय कुमार ने जेवीएम के बैनर तले चुनाव लड़ा था. अभी वो कांग्रेस में हैं. विद्युत वरण महतो को 4 लाख 64 हजार मत मिले थे. उन्होंने अजय कुमार को एक लाख वोटों से हराया था.

लक्ष्‍मण गिलुआ ने मधु कोड़ा की पत्‍नी को हराया

कोल्हान की दूसरी सीट सिंहभूम पर भी बीजेपी ने जीत दर्ज की थी. यहां कुल 13 प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे. बीजेपी के लक्ष्मण गिलुवा ने यहां शानदार जीत दर्ज की. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की पत्नी गीता कोड़ा को हराया. गिलुवा को 3 लाख 31 हजार के लगभग वोट मिले थे. जबकि गीता कोड़ा को 2 लाख 15 हजार के लगभग वोट मिले. कांग्रेस के चित्रसेन शंकू तीसरे स्थान पर रहे थे.

खूंटी से कड़िया मुंडा 8वीं बार जीते

खूंटी नक्सल प्रभावित संसदीय क्षेत्र है. 2014 में यहां कुल 15 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई. जिसमें बीजेपी के वरिष्ठ नेता कड़िया मुंडा ने बाजी मारी. उन्होंने झापा के प्रत्याशी एनोस एक्का को मात दी. उन्होंने 2लाख 69 हजार मत हासिल किए. लगभग 93 हजार वोट से उनकी जीत हुई. कांग्रेस यहां तीसरे स्थान पर रही थी. कड़िया मुंडा की यह 8 वीं जीत थी.

राजमहल में जेएमएम ने बीजेपी को हराया

राजमहल संथाल की तीन सीटों में से एक है. जिस पर पिछले चुनाव में काफी रोमांचक संघर्ष हुआ. यहां कुल 11 प्रत्याशी थे. मुख्य मुकाबला बीजेपी और जेएमएम के बीच था. जहां जेएमएम प्रत्याशी विजय हांसदा ने बाजी मार ली. उन्होंने बीजेपी के हेमलाल मुर्मू को लगभग 41 हजार वोटों से हराया. विजय पहली बार चुनाव मैदान में उतरे थे. उन्हें लगभग 3 लाख 79 हजार वोट मिले थे.

दो पूर्व मुख्‍यमंत्रियों की टक्‍कर

राज्य की उप राजधानी दुमका सबसे हॉट सीट में से एक है. पिछले चुनाव में यहां उम्मीदवारों की कुल संख्या 14 थी. दो पूर्व मुख्यमंत्री यहां से चुनाव लड़ रहे थे. मुकाबला त्रिकोणीय था. जेएमएम से शिबू सोरेन, बीजेपी से सुनील सोरेन और जेवीएम से बाबूलाल मरांडी उम्मीदवार थे. शिबू सोरेन इस मुकाबले में 20 साबित हुए. उन्होंने बीजेपी के सुनील सोरेन को लगभग 39 हजार मतों से हराया. बाबूलाल मरांडी तीसरे स्थान पर रहे.

गोड्डा से जीते बीजेपी के निशिकांत दूबे

गोड्डा संथाल की तीसरी सीट है. यहां पर कुल 16 प्रत्याशी थे. मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस में था. बीजेपी के निशिकांत दुबे ने यहां से लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की. उन्होंने कांग्रेस के फुरकान अंसारी को हराया. निशिकांत को यहां लगभग 3 लाख 80 हजार वोट मिले थे. वो लगभग 61 हजार वोटों से विजयी रहे. वहीं तीसरे स्थान पर जेवीएम के प्रदीप यादव रहे.

सुनील सिंह बीजेपी से पहली बार चुनाव लड़े और जीते

चतरा सीट पर कुल 20 प्रत्याशी थे. मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच थी. जिसमें बीजेपी प्रत्याशी सुनील सिंह ने बाजी मार ली. उन्होंने कांग्रेस के धीरज साहू को 1लाख 78 हजार वोटों के अंतर से हराया. उन्हें 2लाख 95 हजार के लगभग वोट हासिल हुए थे. सुनील सिंह ने पहली बार चुनाव लड़ा था.

कोडरमा से बीजेपी के रविंद्र राय जीते

कोडरमा संसदीय सीट पर प्रत्याशियों की संख्या 20 थी. यहां से बीजेपी के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र राय मैदान में थे. उन्होंने सीपीआईएमएल के राजकुमार यादव को लगभग एक लाख मतों के अंतर से हराया. उन्हें लगभग 36 प्रतिशत वोट मिले थे.

बीजेपी के रवींद्र पांडे 5वीं बार गिरिडीह के सांसद बने

गिरिडीह में कुल 17 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे. जिसमें मुख्य मुकाबला बीजेपी और जेएमएम के बीच था. दोनों के बीच कड़ी टक्कर हुई. बीजेपी के रवींद्र पांडेय ने जीत हासिल की. वो 5वीं बार सांसद बने. जेएमएम के जगरनाथ महतो को उन्होंने 40 हजार वोटों से हराया. हालांकि इस बार गिरिडीह सीट आजसू के खाते में गई है.

धनबाद में बीजेपी के पीएन सिंह को मिली एकतरफा जीत

काले हीरे की नगरी धनबाद में कुल 31 प्रत्याशी मैदान में थे. यहां मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच था. बीजेपी प्रत्याशी पीएन सिंह ने एकतरफा जीत हासिल की. उन्होंने 2 लाख 93 हजार वोटों से कांग्रेस के अजय कुमार दुबे को हराया था. पीएन सिंह को 49 प्रतिशत वोट मिले थे.

लोहरदगा में बीजेपी के सुदर्शन भगत जीते

लोहरदगा संसदीय सीट पर मुकाबला काफी कड़ा रहा था. यहां कुल 9 प्रत्याशी थे. बीजेपी और कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला था. यहां बीजेपी की तरफ से सुदर्शन भगत प्रत्याशी थे. जबकि कांग्रेस की तरफ से पूर्व मंत्री रामेश्वर उरांव उम्मीदवार थे. कड़े मुकाबले में सुदर्शन भगत ने जीत हासिल की. हार-जीत का अंतर महज 6 हजार रहा. सुदर्शन भगत को 2लाख 26 हजार मत हासिल हुए थे.

पूर्व डीजीपी वीडी राम बीजेपी के टिकट से चुनाव जीते

पलामू में 13 प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे. जहां बीजेपी प्रत्याशी वीडी राम ने आरजेडी प्रत्याशी मनोज कुमार को हराया. वीडी राम को 4 लाख 76 हजार के लगभग वोट मिले थे. वहीं मनोज कुमार को 2 लाख 12 हजार के लगभग मत मिले. वीडी राम राज्य के पूर्व डीजीपी थे. वो भी चुनाव जीतकर पहली बार सांसद बने.

हजारीबाग में जयंत सिन्‍हा को मिली जीत की विरासत

हजारीबाग से कुल 20 प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आजमाई. जहां मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस में ही था. बीजेपी के प्रत्याशी थे पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा के बेटे जयंत सिन्हा. वहीं कांग्रेस के प्रत्याशी थे सौरभ नारायण सिंह. जयंत सिन्हा ने यहां जीत हासिल की. उन्हें 4 लाख 6 हजार वोट मिले. जबकि सौरभ नारायण सिंह को 2लाख 47 हजार के लगभग वोट मिले. जयंत सिन्हा भी जीतकर पहली बार सांसद बने.

साभार: ईटीवी भारत

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