स्मार्टफोन के अभाव में 1 लाख 90 हजार बच्चों की पढ़ाई छुटी

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Ranchi: कोरोना ने बच्चों की पढ़ाई पर सबसे बुरा असर डाला है. ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति तो और भी खराब है. 14 महीने से सरकारी स्कूल बंद पड़े हैं स्थिति यह है कि स्मार्टफोन नहीं रहने और आर्थिक तंगी के कारण सरकारी स्कूल में पहली से आठवीं तक के लगभग 35 लाख बच्चों में से एक लाख 90 हजार बच्चे पढ़ाई से दूर हो चुके हैं.

सर्वे में शामिल उस शिक्षकों ने बताया कि यह फरवरी तक का आंकड़ा है. दूसरी लहर शुरू होने के बाद बढ़ते संक्रमण के बीच अब तक करीब 2 लाख और बच्चों के पढ़ाई से दूर होने की आशंका है. यानी ग्रामीण क्षेत्रों के कुल 4 लाख बच्चे ना ऑनलाइन क्लास कर रहे हैं और ना ही घर पर ही पढ़ाई कर रहे हैं.

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यानी पढ़ाई-लिखाई से उनका नाता नहीं रह गया है. यह बच्चे ना तो ऑनलाइन क्लास ही कर रहे हैं और ना ही घर पर पढ़ाई ही कर रहे हैं. यह खुलासा झारखंड शिक्षा परियोजना के सर्वेक्षण से हुआ है.

दिसंबर से फरवरी तक सरकारी स्कूलों की पोषक क्षेत्रों में शिक्षकों ने पहली से आठवीं तक के बच्चों को लेकर यह सर्वे किया. इसमें पाया गया कि 3 महीने के दौरान एक लाख 90 हजार बच्चे स्कूल की सभी गतिविधियों से दूर हो चुके हैं. यह बच्चे JEPC के डीजी साथ (DG Sath) कार्यक्रम से भी नहीं जुड़ पाए हैं. यह अपने स्कूल के शिक्षकों से किसी भी माध्यम से शिक्षा नहीं ले रहे हैं. एडमिशन लेने के बाद भी महीनों से शिक्षकों से संपर्क में नहीं है. JEPC के आंकड़े के मुताबिक करीब 25% बच्चे ही इसमें डिजिटल लर्निंग मटेरियल का लाभ ले पा रहे हैं. पिछले साल कोरोनाकाल में भी यह प्रतिशत कमोबेश इतना ही था.

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शिक्षकों द्वारा गांव में जाकर पढ़ाने का मैकेनिज्म नहीं

  • बढ़ते कोरोनावायरस संक्रमण के कारण स्कूल लगातार बंद, घर में पढ़ाई के प्रति गंभीरता नहीं.
  • ऑनलाइन पढ़ाई के लिए ज्यादातर ग्रामीण बच्चों के पास स्मार्टफोन नहीं.
  • ऑफलाइन पढ़ाई भी नहीं हो रही, क्योंकि घर में पढ़ाने वाला कोई नहीं.
  • स्कूल के शिक्षकों द्वारा गांव में जाकर बच्चों को पढ़ाने का मैकेनिज्म विकसित नहीं हो पाया.
  • आर्थिक स्थिति कमजोर होने से अभिभावकों ने पढ़ाई से ज्यादा काम को महत्व दिया और बच्चों को अपने साथ काम पर लगा दिया.
  • बच्चों को पढ़ाई ना करता दिए किसी ने उसे टोका नहीं, पढ़ने के लिए प्रेरित नहीं किया.
  • देर से किताबें मिलने के कारण बच्चों के रूचि पढ़ाई के प्रति घटती चली गई.
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सेतु कक्षाएं चलेंगी

झारखंड शिक्षा परियोजना के राज्य परियोजना निदेशक शैलेश चौरसिया का कहना है की पढ़ाई से दूर हुए 1 लाख 90 हजार बच्चों के लिए झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद एक अभियान चलाएगी. इसके तहत सेतु कक्षाएं संचालित की जाएंगी. ताकि, इनकी छूट चुकी पढ़ाई पूरी हो सके. स्कूल खुलने के बाद इन बच्चों की पढ़ाई के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी.

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