जगन्‍नाथपुर रथयात्रा पर लगी रोक, 329 साल में पहली बार भगवान नहीं जाएंगे मौसीबाड़ी

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Ranchi: रांची जिला प्रशासन ने ऐतिहासिक रथयात्रा पर रोक लगा दी है. 329 साल में पहली बार भगवान श्रीकृष्‍ण, बलबभद्र और सुभद्रा मौसीबाड़ी नहीं जाएंगे. प्रशासन ने यह फैसला कोरोना वायरस महामारी के संक्रमण के खतरे को देखते हुए लिया है.

जगन्‍नापुर रथयात्रा समिति और प्रशासन के बीच रथयात्रा आयोजन को लेकर एक महत्‍वपूर्ण बैठक बुलाई गई. रांची सदर एसडीओ लोकेश मिश्रा की अध्‍यक्षता में आयोजित इस बैठक में जगन्नथपुर मंदिर संस्थापक के प्रत्यक्ष उतराधिकारी के तौर पर लाल प्रवीर नाथ शाहदेव, मनोज तिवारी, शिवेश सिंह,लाल चित्तरंजन नाथ शाहदेव उपस्थित थे. लाल प्रवीर नाथ शाहदेव ने बताया कि बैठक में हुआ कि इस बार रथ नहीं चलेगा. सिर्फ मंदिर के कपाट बंद कर धार्मिक अनुष्‍ठान संपन्‍न होंगे. श्रद्धालुओं और मीडिया पर रोक रहेगी.

जगन्नाथपुर में रथ यात्रा सन् 1691 से धुर्वा के जगन्नाथपुर मंदिर परिसर से निकलती है. इस दौरान भव्य मेला भी लगता है. रथ मेला में झारखंड के अलावा छत्तीसगढ़, ओड़िशा, बिहार व बंगाल के लोग भी प्रत्येक वर्ष रांची आते हैं. कई दुर्लभ उपयोगी सामान इस मेला में मिलते हैं, जो आम दिनों में बाजारों में नहीं मिलते. मछली का जाल, झूला, घरेलू सामान, किचन के सामान, फर्नीचर, बांसुरी, तरह-तरह के खिलौने आदि के सैकड़ों स्टॉल यहां लगते हैं. लेकिन इस बार ऐसा कुछ भी नहीं होगा.

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