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क्‍या कांग्रेस के डीएनए में है गांधी परिवारवाद?

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Subhash Shekhar

सबसे पहले बधाई. कांग्रेस को नया अध्‍यक्ष मिल गया है, वह भी गांधी परिवार का. अंतरिम ही सही सोनिया गांधी को कांग्रेस का अध्‍यक्ष फिर से चुन लिया गया है.

इसके पहले राहुल गांधी को फिर से कांग्रेस का अध्‍यक्ष बनाने के लिए खूब मनाया गया. कांग्रेस के महासचिव सी वेणुगोपाल ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों, विधायक दल के नेताओं, सांसदों और अन्य नेताओं से चर्चा के बाद CWC ने सर्वसम्मति से फैसला किया कि राहुल गांधी को ही अध्यक्ष बनना चाहिए. 

कांग्रेस कार्यसमिति में पास हुए पहले प्रस्ताव में राहुल गांधी के नेतृत्व की तारीफ की गई. प्रस्ताव में कहा गया कि राहुल गांधी ने बेबाकी से देश के मुद्दों को उठाया, पार्टी को नई ऊर्जा दी और कांग्रेस के सभी कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया. दूसरा प्रस्ताव राहुल गांधी को अध्यक्ष पद न छोड़ने की अपील संबंधी प्रस्‍ताव पास किया गया.

राहुल गांधी ने विनम्रता से इसे ठुकरा दिया. तब जाकर सोनिया गांधी को कांग्रेस का अंतरिम अध्‍यक्ष बनाया गया. हालांकि कांग्रेस अध्‍यक्ष के के लिए प्रियंका गांधी के नाम पर भी चर्चा हुई थी. इससे पहले राहुल गांधी ने कहा था कि गांधी परिवार से कांग्रेस का अध्‍यक्ष नहीं होना चाहिए.

अब देखना यह है कि झारखंड के प्रदेश अध्‍यक्ष रहे डॉ अजय कुमार का क्‍या होगा. डॉ अजय गांधी परिवार से नहीं हैं. लेकिन उन्‍होंने भी सीडब्‍ल्‍यूसी की बैठक से ठीक पहले झारखंड प्रदेश कांग्रेस से इस्‍तीफा दे दिया था.

डॉ अजय ने भी राहुल गांधी के नेतृत्‍व और दिशा निर्देश पर 2019 लोकसभा चुनाव में झारखंड का कमान संभाला था. अब कांग्रेस के बड़े नेताओं ने राहुल गांधी पर जो दरियादिली दिखाई और कांग्रेस अध्‍यक्ष बने रहने की अपील की. क्‍या ऐसी ही दरियादिली डॉ अजय कुमार के साथ भी दिखाई जाएगी.

क्‍या कांग्रेस के बड़े नेता डॉ अजय कुमार से वही बात कह सकेंगे जो राहुल गांधी से सीडब्‍ल्‍यूसी की बैठक में कहा गया. डॉ अजय ने भी लोकसभा चुनाव 2019 में झारखंड की कमान बखूबी निभाई थी. कांग्रेस को यहां 14 में से 2 सीटों पर जीत मिली थी. कई सीटों पर बहुत कम अंतर से हार का सामना करना पड़ा था.

राहुल गांधी की तरह ही डॉ अजय कुमार ने भी लोकसभा चुनाव के बाद खराब परफॉरर्मेंस की जिम्‍मेदारी लेते हुए इस्‍तीफा दे दिया था. लेकिन, पार्टी के केंद्रीय नेतृत्‍व के कहने पर वह अपने पद पर बने रहे.

इस बीच झारखंड प्रदेश कांग्रेस में अंतर्कलह बढ़ गया. लोकसभा चुनाव के बाद एक ओर जहां राहुल गांधी को कांग्रेस अध्‍यक्ष के पद पर बने रहने के लिए आला नेता लगे रहे. वहीं इस दौरान झारखंड में सुबोध कांत सहाय जैसे नेताओं के समर्थक डॉ अजय कुमार के खिलाफ खुलेआम मोर्चाबंदी शुरू कर दी. 

कांग्रेस अध्‍यक्ष पद से इस्‍तीफा देने के पहले राहुल गांधी ने कांग्रेस के पुराने कद्दावर नेताओं को फटकार लगाई थी. उन्‍होंने कहा था कि सभी नेता इस चुनाव में अपने रिश्‍तेदारों और बेटे-बेटियों को चुनाव लड़ाने और जीताने में लगे रहे.

कुछ इसी तरह की बात डॉ अजय कुमार ने भी झारखंड के कांग्रेस हेडक्‍वार्टर के बाहर कही थी. उन्‍होंने सुबोधकांत सहाय का नाम लेते हुए कहा था कि इन्‍हें सिर्फ पद चाहिए, ताकि खुद लोकसभा चुनाव लड़े, भाई हटिया विधानसभा चुनाव लड़े, अपने लोग के बाप-बेटा चुनाव लड़े, जिलाध्यक्ष अपने लोगो को बनाए और जरूरत पड़े तो यही लोग नगर निकाय चुनाव भी लड़ेंगे.

कांग्रेस में डॉ अजय और राहुल गांधी के पॉलिटिकल कॅरियर और विचारों में ज्‍यादा अंतर नहीं है. दोनों नेताओं के बीच एक ही अंतर है. राहुल, गांधी परिवार से हैं और डॉ अजय, गांधी परिवार का हिस्‍सा नहीं हैं. अब देखना होगा कि डॉ अजय के इस्‍तीफे के बाद कांग्रेस पार्टी के बड़े नेताओं का नजरिया क्‍या होगा.

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