इरफान खान की टीवी, बॉलीवुड और हॉलीवुड दास्तान

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इरफान खान ने बॉलीवुड ही नहीं हॉलीवुड तक में अपने अभिनय की छाप छोड़ी है. उन्होंने अपने अभिनय से हर वर्ग के दर्शकों को प्रभावित किया है. सात फरवरी 1967 को राजस्थान के जयपुर में इरफान का जन्म एक मुस्लिम पठान परिवार में हुआ था. पिछले कुछ समय से वो कैंसर से जूझ रहे थे. महज 53 साल की उम्र में इरफान ने दुनिया को अलविदा कह दिया.

इरफान के पिता टायर का व्यापार करते थे.

पठान परिवार के होने के बावजूद इरफान बचपन से ही शाकाहारी थे. इस वजह से उनके पिता उन्हें हमेशा यह कहकर चिढ़ाते थे कि पठान परिवार में ब्राह्मण पैदा हो गया. इंडस्ट्री में आने के बाद इरफान ने काफी संघर्ष किया. जब उनका एनएसडी में प्रवेश हुआ, उन्हीं दिनों उनके पिता की मृत्यु हो गई. जिसके बाद इरफान को घर से पैसे मिलने बंद हो गए. एनएसडी से मिलने वाली फेलोशिप के जरिए उन्होंने अपना कोर्स खत्म किया.

इरफान खान ने अपनी क्लासमेट सुतापा सिकंदर से 1995 में शादी की थी. इरफान के संघर्ष के दिनों में सुतापा हमेशा उनके साथ खड़ी रहीं. पहले तो इरफान और सुतापा की शादी के लिए दोनों के घरवाले तैयार नहीं थे लेकिन बाद में मान गए. इरफान के दो बेटे बाबिल और अयान हैं.

इरफान खान ने अपने करियर में कई यादगार फिल्मों में काम किया. बॉलीवुड के साथ-साथ इरफान हॉलीवुड में भी सक्रिय थे. उन्होंने ‘स्पाइडर मैन’, ‘जुरासिक वर्ल्ड’ और ‘इन्फर्नो’ जैसी फिल्मों में काम किया. हॉलीवुड अभिनेता टॉम हैंक्स ने उनकी सराहना करते हुए एक बार कहा था कि इरफान की आंखें भी अभिनय करती हैं.

फिल्म ‘हासिल’ के लिए इरफान खान को उस साल का ‘बेस्ट विलेन’ का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला. उसके बाद इरफान ने ‘मकबूल’, ‘लंचबॉक्स’, ‘लाइफ इन ए मेट्रो’, ‘न्यूयॉर्क’, ‘द नेमसेक’, ‘पान सिंह तोमर’, ‘तलवार’, ‘मदारी’, ‘हैदर’, ‘पीकू’ और ‘हिंदी मीडियम’ जैसी बेहतरीन फिल्मों में काम किया.

इरफान खान को फिल्म ‘पान सिंह तोमर’ के लिए साल 2013 में राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था. साल 2011 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया। इरफान हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘अंग्रेजी मीडियम’ में नजर आए थे.

इरफान खान के बारे में कुछ खास बातें

1. इरफान खान का जन्म 7 जनवरी 1967 को जयपुर (राजस्थान) में हुआ था. उनके पिता टायर का बिजनेस किया करते थे. जन्म के वक्त इरफान का नाम साहबजादे इरफान अली खान था.

2. इरफान को एमए की पढ़ाई के दौरान ही दिल्ली के ‘नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD)’ में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप मिली और इरफान ने NSD से 1984 में एक्टिंग के क्षेत्र में कदम रखा. यानी एक्टिंग की डिग्री लेने के लिए एडमीशन लिया.

3. NSD के कोर्स बाद इरफान खान ने दिल्ली में ही थिएटर करने लगे, जहां उन्होंने काफी नाम कमाया.

4. इसके बाद इरफान ने दिल्ली से मुंबई का सफर तय करने का निर्णय लिया. मुंबई पहुंचकर ‘चाणक्य’, ‘भारत एक खोज’, ‘सारा जहां हमारा’, ‘बनेगी अपनी बात’, ‘चंद्रकांता’ और ‘श्रीकांत’ जैसे सीरियल में काम किया.

5. थिएटर और टीवी के सीरियल्स में काम करके इरफान अपनी पहचान हासिल कर ही रहे थे तभी फिल्ममेकर मीरा नायर ने अपनी फिल्म ‘सलाम बॉम्बे’ में एक कैमियो रोल दिया लेकिन जब फिल्म रिलीज हुई तो उनका हिस्सा काट दिया गया था.

6. इसके बाद साल 1990 में इरफान ने फिल्म ‘एक डॉक्टर की मौत’ में काम किया. जिसे समीक्षकों की काफी तारीफ मिली. उसके बाद इरफान ने ‘द वॉरियर’ और ‘मकबूल’ जैसी फिल्मों में भी अहम किरदार निभाए.

7. इरफान ने पहली बार 2005 की फिल्म ‘रोग’ में लीड रोल किया. उसके बाद फिल्म ‘हासिल’ के लिए इरफान खान को उस साल का ‘बेस्ट विलेन’ का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला.

8. इरफान खान ने ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ फिल्म में भी पुलिस इंस्पेक्टर का अहम किरदार निभाया. इस फिल्म को कई पुरस्कारों से नवाजा गया.

9. इरफान खान को फिल्म ‘पान सिंह तोमर’ के लिए नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया उर साथ ही उन्हें भारत सरकार की तरफ से पद्मश्री अवॉर्ड भी दिया गया है.

10. इरफान ने 23 फरवरी 1995 को एनएसडी ग्रेजुएट ‘सुतपा सिकंदर’ से विवाह रचाया. उन्हें दो बेटे बाबिल और अयान हैं.

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