IPL 2021: Venkatesh Iyer ने 20 चौके-7 छक्के लगाकर बनाए 198 रन, Virat Kohli की टीम हुई पस्‍त

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विराट कोहली (Virat Kohli) की कप्तानी वाली रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (Royal Challengers Bangalore) को IPL 2021 में 20 सितंबर को कोलकाता नाइटराइडर्स (Kolkata Knight Riders) ने नौ विकेट से हराया. 

अबुधाबी में खेले गए मुकाबले में आरसीबी की टीम 93 रन पर सिमट गई. फिर केकेआर ने लक्ष्य को एक विकेट गंवाकर 10 ओवर में हासिल कर लिया. कोलकाता का इकलौता विकेट शुभमन गिल के रूप में गिरा जिन्होंने 48 रन की पारी खेली. वहीं इस मैच से एक खिलाड़ी ने आईपीएल डेब्यू किया और 27 गेंद में नाबाद 41 रन की पारी खेली.

इस खिलाड़ी का नाम है वेंकटेश अय्यर (Venkatesh Iyer). उन्होंने गिल के साथ मिलकर पारी की शुरुआत की और 27 गेंद में सात चौकों और एक छक्के से सजी पारी खेली. बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने जिस तरह से बैटिंग की उससे लगा ही नहीं कि वह पहली बार आईपीएल मैच खेल रहे हैं.

26 साल के वेंकटेश अय्यर घरेलू क्रिकेट में मध्य प्रदेश के लिए खेलते हैं. वे टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज होने के साथ ही ठीकठाक मीडियम पेस बॉलिंग भी कर लेते हैं. वेंकटेश ने क्रिकेट में एंट्री अपनी मां के कहने पर ली. बचपन में वे पढ़ाई-लिखाई में डूबे रहते थे. ऐसे में उनकी मां ने उन्हें बाहर जाकर खेलने और फिट रहने के लिए कहा. फिर ऐसा करते-करते ही वेंकटेश ने क्रिकेट बैट थाम लिया और अब अच्छे खेल की बदौलत आईपीएल तक पहुंच गए.

वेंकटेश ने 19 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया था और सात साल के अंदर वे दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों के बीच खेल रहे हैं. हालांकि पढ़ाई में भी यह खिलाड़ी कमाल है. क्रिकेट में मन रमाने से पहले वे कॉमर्स के स्टूडेंट थे. वे बीकॉम डिग्री धारक हैं. साथ ही चार्टर्ड अकाउंटेट के फाइनल तक पहुंचे हैं. हालांकि क्रिकेट में आने के बाद उन्होंने सीए फाइनल नहीं दिया.

क्रिकेट के लिए छोड़ी सीए की पढ़ाई

इस बारे में उन्होंने ईएसपीएनक्रिकइंफो को बताया कि सीए फाइनल देने का मतलब था कि क्रिकेट छोड़ना पड़ता या कुछ समय के लिए इससे दूरी बनानी पड़ती. लेकिन तब तक वे मध्य प्रदेश के लिए टी20 और लिस्ट ए क्रिकेट में कदम रख चुके थे. ऐसे मे उन्होंने सीए के ऊपर क्रिकेट को तरजीह दी.

उन्होंने बताया, “मैंने सीए छोड़ने और फाइनेंस में एमबीए करने का फैसला किया. मैंने कई प्रवेश परीक्षाएं दीं और अच्छे स्कोर हासिल किए. फिर अच्छे कॉलेज में दाखिला लिया. पढ़ाई में मेरा इतना भरोसा है कि अगर क्रिकेट नहीं खेलता तो आईआईटी या आईआईएम में दाखिला मिल जाता.’

2020-21 के सीजन में छाए वेंकटेश

वेंकटेश अय्यर 2015 से घरेलू क्रिकेट खेल रहे हैं. लेकिन उन्होंने छाप छोड़ी 2020-21 के सीजन में. कोरोना के चलते यह सीजन काफी अधूरा रहा था और रणजी ट्रॉफी नहीं हो पाई. इस सीजन में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (20 ओवर क्रिकेट) और विजय हजारे ट्रॉफी (50 ओवर क्रिकेट) में उन्होंने कमाल खेल दिखाया.

सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उन्होंने पांच पारियों में 75.66 की औसत से 227 रन बनाए. इस दौरान उनकी स्ट्राइक रेट 149.34 की रही. वहीं विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान वेंकटेश अय्यर ने 146 गेंद में 198 रन की पारी खेली. यह पारी उन्होंने पंजाब के खिलाफ खेली थी. इससे आईपीएल टीमों का ध्यान उन पर गया था. इसके बाद ही केकेआर ने उन्हें अपने साथ लिया.

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