Take a fresh look at your lifestyle.

झारखंड में जांच एजेंसियों ने नक्सलियों के 100 से अधिक बैंक खाते किये चिन्हित

0

Ranchi: झारखंड में नक्सली लेवी के करोड़ों रुपए बैंकों में फर्जी एकाउंट खुलवा कर जमा किये हैं. सामाचार हिन्दुस्‍थान समाचार ने यह खुलासा करते हुए अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पुलिस सूत्रों के अनुसार नक्सलियों ने लेवी की राशि से रांची सहित बड़े शहरों में चल अचल संपत्ति बनाई है.

जांच एजेंसियों के रडार में नक्‍सलियों के बैंक अकाउंट

विकास की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कई नक्सली इस पैसे से बड़े कारोबारी ठेकेदार और ट्रांसपोर्टर बन गये हैं. राष्ट्रीय जांच दल (एनआईए), इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) , क्राइम इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) “प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और राज्य पुलिस ऐसे नक्सलियों के बैंक खाते की जांच कर रही है.

जांच में सुरक्षा एजेंसियों को कई तकनीकी अड़चन आ रही है. जिन्हें दूर करने में अब उन्हें फाइनेंसियल इंटेलिजेंस यूनिट (दिल्ली) सहयोग करेगी और ऐसे नक्सलियों पर सख्ती से कार्रवाई करेगी.

42 नक्‍सलियों के बैंक अकाउंट में 57 करोड़ जमा

जांच एजेंसियों को अब तक झारखंड में सक्रिय 42 नक्सलियों के बैंक खाते में करीब 57 करोड़ रुपए होने की जानकारी मिली है. बैंक,पुलिस एवं जांच एजेंसियों ने मिलकर ऐसे खाते फ्रीज कर दिया है.

एजेंसियों ने पता लगाया है कि बैंकों में 16 नक्सली खाता खुलवाने में सफल रहे हैं. जिन पर इनाम घोषित था. एनआईए ,आईबी, सीआईडी और ईडी की नजर में नक्सलियों के 100 से अधिक खाते हैं. ईडी भी उनके खाते की जांच कर रही है. जांच में पता चला है कि 50 से ज्यादा नक्सली ठेकेदार, ट्रांसपोर्टर, फाइनेंसर कारोबारी बन चुके हैं.

सरकारी सड़क-पुल बनवा रहे नक्‍सली

कई बड़े नक्सली सरकारी सड़क-पुल बनवा रहे हैं. नक्सलियों ने रांची, जमशेदपुर, चाईबासा, बोकारो, धनबाद, चतरा एवं चाईबासा जैसे बड़े शहरों की बैंकों में फर्जी खाता खुलवाए हैं. कई खाते फ्रीज करने की अनुशंसा की गई है. रांची के अरगोड़ा स्थित एचडीएफसी बैंक की शाखा में नक्सली के खाते फ्रीज किये गये हैं. झारखंड के अन्य शहरों में भी जांच शुरू की गई है.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More