प्लास्टिक फ्री इंडिया मुहिम के लिए पीएम मोदी और मंत्रियों की दिलचस्‍प तस्‍वीरें

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New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) 9 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र के एक कार्यक्रम में वैश्विक स्तर पर ‘सिंगल-यूज प्लास्टिक’ (Single use Plastic) का प्रयोग न करने का आह्वान किया था. अब पीएम मोदी के मंत्री इस अभियान को सफल बनाने में जुट गए हैं.

एक ताजा तस्वीर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के एक मीटिंग की है.इस मीटिंग में टेबल पर पानी की प्लास्टिक वाली बॉटल नजर नहीं आई. उसकी जगह पर शीशे की बॉटल में पानी रखा हुआ था.

पीएम मोदी के इस आह्वान से पहले अमूमन मीटिंग में प्लास्टिक वाली पानी की बॉटल ही दिखती थी. अब आधिकारिक तौर पर पीएम मोदी ने इसके खिलाफ मुहिम छेड़ दी है.

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बीते 15 अगस्‍त को लाल किले से पीएम मोदी ने अपने भाषण में भारत को प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त करने की घोषणा की थी. इसके साथ ही उन्‍होंने 2 अक्टूबर से सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन लगाने के संकेत दे दिए थे.

प्‍लास्टिक के प्रदूषण के असर से कोई अछूता नहीं है. इसे देखते हुए उत्तर प्रदेश के मथुरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को रोकने के लिए मिशन की शुरुआत की. इस दौरान पीएम मोदी ने वहां पर मौजूद कर्मचारियों से बातचीत भी की थी.

रोजमर्रा की जिंदगी में तमाम ऐसे प्‍लास्टिक के प्रोडक्‍ट हैं जिसे हम एक बार इस्‍तेमाल कर फेंक देते हैं. इसी तरह के प्‍लास्टिक को सिंगल यूज प्‍लास्टिक कहा जाता है. इसे डिस्पोजेबल प्‍लास्टिक के नाम से भी जाना जाता है.

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सिंगल यूज प्‍लास्टिक प्रोडक्‍ट की बात करें तो इसमें- प्लास्टिक बैग, प्लास्टिक की बोतलें, स्ट्रॉ, कप, प्लेट्स, फूड पैकजिंग में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक, गिफ्ट रैपर्स और कॉफी के डिस्पोजेबल कप्स आदि शामिल हैं.

भारत में सिंगल प्‍लास्टिक यूज करने वालों में ई-कॉमर्स कंपनियां सबसे आगे हैं. एक अनुमान के मुताबिक सालाना उपयोग होने वाले प्लास्टिक प्रोडक्ट में करीब 40 फीसदी प्लास्टिक की खपत ई-कॉमर्स सेक्टर में होती है.

यूरोपियन यूनियन ने साल 2021 तक सिंगल यूज प्लास्टिक आइटम का उपयोग पूरी तरह बंद करने का लक्ष्य तय किया है. वहीं चीन के कॉमर्शियल हब शंघाई ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर साल 2025 तक पूर्ण प्रतिबंध का लक्ष्य तय किया है.

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बता दें कि हर साल 300 मिलियन टन प्‍लास्टिक प्रोड्यूस होता है. इसमें से 150 मिलियन टन प्‍लास्टिक सिंगल-यूज होता है. यानी ये प्‍लास्टिक हम एक बार इस्‍तेमाल कर फेंक देते हैं. वहीं दुनियाभर में सिर्फ 10 से 13 फीसदी प्‍लास्टिक री-साइकिल हो पाता है.  

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