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झारखंड के 10 शहरों में पीपीपी मोड पर विकसित किया जायेगा सिटी बस स्टैंड

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Ranchi: झारखंड के 10 शहरों में सिटी बस स्टैंड को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तर्ज पर विकसित किया जायेगा. जिन 10 शहरों में सरकार ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप पर सिटी बस स्टैंड बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है उन शहरों में धनबाद, मानगो, चाईबासा, गिरिडीह, फुसरो, मेदिनीनगर, दुमका, गोड्डा, सिमडेगा और गुमला का नाम शामिल है.
इसके लिए नगर विकास एवं आवास विभाग की संस्था झारखंड अर्बन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन लिमिटेड की ओर से दिनांक 5 सितंबर दिन बुधवार को रांची के होटल चाणक्य बीएनआर में एक दिवसीय राष्ट्रीय इंवेस्टर मीट का आयोजन किया गया. इस इंवेस्टर मीट में प्रदेश की प्रतिष्ठित निर्माण कंपनियों के साथ साथ देश के कई हिस्से से निर्माण कंपनियों के प्रतिनिधि और कई कंसल्टेंट कंपनी के प्रतिनिधि शामिल हुए.
इस मौके पर राज्य सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप पर बनने वाले सिटी बस स्टैंड के रूप रेखा से लेकर मॉडल और सरकार की इन्वेस्टमेंट पॉलिसी, शर्तें और रेवेन्यू के मॉडल को भी निवेशकों के समक्ष रखा गया. इसके अलावा निवेशकों ने भी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप में बस स्टैंड विकसित करने में आ रही समस्याओं पर चर्चा की.
कंसलटेंट कंपनियों ने विभिन्न शहरों के लिए बनाए गए डीपीआर का पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन सब के समक्ष रखा. साथ ही गुजरात के अहमदाबाद में बने गीता मंदिर बस स्टैंड पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई. फिल्म के माध्यम से बताया गया कि एक वक्त था जब इस बस स्टैंड की दुर्दशा कैसी थी और आज यह बस स्टैंड दुनिया में खुद का एक मॉडल पेश कर रहा है. इस बस स्टैंड के संचालन, नागरिक सुविधाओं, इंक्वायरी सिस्टम, पब्लिक रिलेशन सिस्टम की व्यवस्था, साफ सफाई, बसों के लिए बने प्लेटफार्म के साथ-साथ अन्य सुविधाओं का भी वर्णन लोगों के समक्ष रखा गया.
इस मौके पर नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि झारखंड सरकार निवेशकों के लिए एक बेहतर माहौल बनाने का लगातार प्रयास कर रही है. इस दिशा में हम चाहते हैं कि निवेशकों के सौजन्य से झारखंड के शहरी क्षेत्र में एक बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को विकसित कर पाएं. उन्होंने कहा कि अगर इन्वेस्टमेंट पॉलिसी में कोई बदलाव करना पड़ा, अगर बस स्टैंड के लिए चिन्हित जगह में भी कोई बदलाव की जरूरत हो, यदि पहले से बने डीपीआर में संशोधन की जरूरत हो, तो सरकार इस दिशा में कदम उठाने के लिए तैयार है. सचिव ने कहा कि इस मॉडल को पहले हम बड़े शहरों से शुरू करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि रांची सहित झारखंड के कुछ बड़े शहरों में ट्रांसपोर्ट नगर बनाने पर सरकार का जोर है.
वहीं नगरीय प्रशासन निदेशालय के निदेशक आशीष सिंहमार ने निवेशकों से झारखंड में खुले दिल से निवेश करने की अपील करते हुए कहा कि हमारे यहां निवेशकों के लिए बेहतर माहौल तो है ही अर्बन ट्रांसपोर्ट के साथ-साथ शहरीकरण के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं.
रांची स्मार्ट सिटी के एबीडी क्षेत्र में शैक्षणिक संस्थानों, मेडिकल इंस्टिट्यूट, होटल्स, कमर्शियल और रेसिडेंशियल क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों के लिए भी अपार संभावनाएं हैं. उन्होंने कहा कि पूरे देश में शहरी आबादी तेजी से बढ़ रही है, और यही वजह है कि केंद्र और राज्य की सरकारें भी लगातार नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही हैं. इसके लिए जरूरी है कि आधारभूत संरचना का विकास किया जाए, लेकिन इसके लिए प्राइवेट सेक्टर को आगे आने की जरूरत है.
इस इंवेस्टर मीट में नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव के साथ-साथ डायरेक्टरेट ऑफ म्यू निसिपल एडमिनिस्ट्रेशन के निदेशक आशीष सिंहमार, स्टेट अर्बन डेवलपमेंट एजेंसी के निदेशक अमित कुमार, विशेष सचिव नगर विकास एवं आवास विभाग बीपीएल, संयुक्त सचिव एके रतन, झारखंड अर्बन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड के सीईओ नवनीत पंजियार के साथ-साथ कई विभागों के पदाधिकारी तथा झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सदस्य शामिल रहे.

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