शहीदों के सम्‍मान में, राष्‍ट्रीय युवा शक्ति मैदान में | Teri Mitti | Independence Day 2021 Status

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अभी भी जिसका खून न खौला, वो खून नही पानी है, जो देश के काम न आए, वो बेकार जवानी है...

Ranchi: एक लंबी लड़ाई, हजारों त्याग और अनेक अत्याचारों के बाद भारत 15 अगस्त 1947 की आधी रात अंग्रेजों से मुक्त हो गया था. आजाद भारत देश की रक्षा के लिए आज भी अनेक वीर जवान बॉर्डर पर शहीद होते आते आए हैं. कभी सोचा है कि इन लोगो ने अपनी जान क्यों दी, इतने कष्ट क्यों सहे?  ऐसे ही कई सवालों के जवाब में राष्‍ट्रीय युवा शक्ति बनी है. रांची से काम करने वाली यह संगठन समाज को एक सूत्र में बांधने के लिए पिछले एक दशक से काम कर रहा है. बड़ी बात यह है कि यह देश के वीर शहीदों और उनके परिवारों के मान सम्‍मान के लिए हमेशा तत्‍पर रहता है.

राष्‍ट्रीय युवा शक्ति की शुरूआत 100 सदस्‍यों से हुई थी. आज पूरे झारखंड में इसके 5000 से अधिक एक्टिव मेंबर हैं. ये हर साल अनोखे तरीके से देश की आजादी का जश्‍न मनाते हैं. बड़ी बात ये है कि झारखंड की राजधानी रांची में परमवीर चक्र विजेता अलबर्ट एक्‍का चौक पर हर साल तिरंगा झंडा फहराया जाता है. इस आयोजन के पीछे राष्‍ट्रीय युवा शक्ति का खास मकसद होता है, जिससे शहीद जवान के परिवार भी फक्र महसूस करते हैं.

देश के वीर जवानों और उनके परिवार वालों के मान-सम्‍मान के साथ राष्‍ट्रीय युवा शक्ति संकट के दौरान समाज के लिए भी एक्टिव रहता है. कोविड संक्रमण के खतरे के देखते हुए यह संगठन फिलहाल कोई बड़ा कार्यक्रम नहीं कर रहा है. लेकिन, राष्‍ट्र प्रेम और एकता का संदेश जन-जन तक पहुंचे इसके लिए राष्‍ट्रीय युवा शक्ति घर-घर तिरंगा फहराने की मुहिम में जुटा है. स्वतंत्रता दिवस पर परमवीर अल्बर्ट एक्का चौक पर शहीद की पत्नी एवं उनके बच्चों के द्वारा राष्ट्रीय ध्वज झंडोत्तोलन किया जाएगा.

जिस तरह से देश के वीर जवान बॉर्डर पर सुरक्षा के लिए तैनात रहता है. उसी तरह राष्‍ट्रीय युवा शक्ति के एक्टिव मेंबर समाज के लिए हर वक्‍त खड़े रहते हैं. कोरोना के पहले और दूसरे दौर में इस संगठन के सदस्‍यों ने बढ़-चढ़कर हर तबके के लोंगों के बीच जाकर हर संभव मदद पहुंचाई. फिलहाल संगठन के पास एंबुलेंस सेवा और मोक्ष वाहन हैं जो सभी जरूरतमंदों के लिए मुफ्त हैं.

देश के वीर सपूत आज भी अपनी आजादी को कायम रखने और मिट्टी की रक्षा के लिए अपनी जान की कुर्बानी दे रहे हैं. वहीं अपने समाज में चंद्रशेखर आजाद,भगत सिंह, सुखदेव, भगवान बिरसा मुंडा, नीलांबर-पीतांबर, तिलका मांझी, लाल विश्‍वनाथ शाहदेव के विचारों से प्रेरित होकर काम करने वाले नौजवानों की कमी नहीं है. देश में जहां भ्रष्टाचार, अपराध और समाज को तोड़ने वाली शक्तियां खलनायक बनकर दीमक की तरह चाट रही हैं. वहीं राष्ट्रीय युवा शक्ति के हीरोज की आज बहुत जरूरी हो गई है, तभी हो सकती है- सत्यमेव जयते.

आप हर दिन दूसरों को, अपने रिकॉर्ड तोड़ने का इंतजार मत करो, बल्कि खुद उसे तोड़ने का प्रयत्न करो, क्योंकि सफलता के लिए आपसे खुद की एक लड़ाई है.

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