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WhatsApp में फेक न्‍यूज वायरल किया तो होगा अकाउंट ब्‍लॉक

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#New Delhi: पिछले दिनों खबर आई थी की WhatsApp जल्‍द ही आपके स्‍टेटस पर अपने विज्ञापन डालकर कमाई करेगा. अब WhatsApp कंपनी इसपर किये आने वाले पोस्‍ट पर नकेल कसने जा रही है. अब आप यहां कुछ भी अनाप-शनाप पोस्‍ट नहीं कर सकते हैं. ऐसा किया तो आपका WhatsApp अकाउंट ब्‍लॉक हो सकता है.

WhatsApp यह स्‍टेप आने वाले मिशन 2019 के पहले कर सकता है. आने वाले चुनावों में वाट्सएप के जरिए भौंडे और अपशब्द भरी राजनीतिक बयानबाजी को नहीं फैलाया जा सकेगा. वाट्सएप ने स्पष्ट कर दिया है कि वह चुनावों के वक्त इस तरह के संदेश प्रसारित करने वाले अकाउंट पर रोक लगाते हुए उसे ब्लॉक कर देगा. इस बारे में वाट्सएप चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को जानकारी दे चुका है. इस संबंध में भारत की चिंताओं को देखते हुए वाट्सएप ने यहां अपना एक स्थानीय प्रतिनिधि भी नियुक्त करने का फैसला किया है.

कर्नाटक में कई अकाउंट की हुई थी पहचान

सरकार की तरफ से अफवाहों और फेक न्यूज को रोकने की दिशा में भेजे गए दूसरे नोटिस के जवाब में वाट्सएप ने कहा है कि वह अपने प्लेटफार्म का गलत इस्तेमाल होने से रोकने के हर संभव प्रयास कर रहा है. कर्नाटक के चुनाव में उसने ऐसे कई अकाउंट की पहचान की थी जिनका व्यवहार अवांछनीय पाया गया. ऐसे सभी अकाउंट पर उस वक्त रोक लगा दी गई थी.

अवांछनीय संदेशों को रोकने की व्यवस्था

27 जुलाई को सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को भेजे अपने जवाब में वाट्सएप के डायरेक्टर एंड एसोसिएट जनरल काउंसिल ब्रायन हैंसी ने लिखा है कि चुनाव आयोग और राजनीतिक प्रतिनिधियों से वाट्सएप सीधे इस संबंध में बात कर चुका है. वाट्सएप का कहना है कि वह बिना किसी राजनीतिक पक्षपात के इस तरह के अवांछनीय संदेशों को रोकने की व्यवस्था कर रहा है.

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने पहले तीन जुलाई को वाट्सएप को पत्र लिखकर अफवाहें फैलाने वाले संदेशों पर रोक लगाने को कहा था. वाट्सएप ने उसके बाद कुछ कदम उठाये थे, लेकिन सरकार उन कदमों से संतुष्ट नहीं थी. लिहाजा 19 जुलाई को सरकार ने फिर पत्र लिखकर वाट्सएप को आगाह करते हुए और सख्त कदम उठाने को कहा था.

छवि खराब करने वाले संदेश चिंता की वजह

ब्रायन ने इसके जवाब में कहा है कि उनकी संस्था चुनावों में वाट्सएप के दुरुपयोग को लेकर सरकार की इस चिंता को समझती है. खासतौर पर चुनाव के दौरान अफवाह फैलाने से लेकर अपशब्दों के जरिए छवि खराब करने वाले संदेश अधिक चिंता की वजह बनते हैं. इसलिए वाट्सएप भारत में होने वाले आगामी चुनावों को लेकर अधिक संवेदनशील है.

तत्काल कदम उठाये जाने की जरूरत

वाट्सएप ने माना है कि इस संबंध में तत्काल कदम उठाये जाने की जरूरत है. कंपनी का कहना है कि वह इस मामले में सरकार के साथ मिलकर काम करेगी. इसीलिए भारत में एक स्थानीय प्रतिनिधि नियुक्त करने का निर्णय हुआ है. यह प्रतिनिधि अपनी टीम गठित कर स्थानीय चिंताओं के संबंध में काम करेगा.

निजता के अधिकार का हनन
ब्रायन ने अपने पत्र में वाट्सएप पर संदेश फारवर्ड करना सीमित करने जैसे कदमों का ब्यौरा भी दिया है. साथ ही वाट्सएप के दुरुपयोग को रोकने के लिए अवांछनीय अकाउंट बंद करने जैसे कदम उठा रहा है. लेकिन संदेशों के स्त्रोत का पता लगाने के बारे में वाट्सएप का कहना है कि लोगों के निजी संदेशों में स्त्रोत का पता लगाना उनकी निजता के अधिकार का हनन की श्रेणी में आ सकता है.

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