सीएए और एनआरसी को लेकर भारत बंद का असर

New Delhi: देश के कई हिस्सों में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) आने के बाद से इसके खिलाफ प्रदर्शन जारी है. इस कानून पर सुप्रीम कोर्ट ने भी बिना सरकार का पक्ष सुने रोक लगाने से इनकार कर दिया है. अब सीएए का विरोध करने वाले संगठनों ने 29 जनवरी को भारत बंद का ऐलान किया है. रिपोर्ट्स की मानें तो बहुजन क्रांति मोर्चा ने सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरोध में भारत बंद का आह्वान किया है.

लोगों ने रेलवे ट्रैक को ब्लॉक कर लिया है

बताया जा रहा है कि इस बंद में शाहीन बाग में प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने भी शामिल होने का फैसला किया है. साथ ही कई मुस्लिम संगठन भी इसका समर्थन कर रहे हैं. महाराष्ट्र के मुंबई शहर में बहुजन क्रांति मोर्चा के सदस्यों ने कंजूरमार्ग स्टेशन पर रेलवे ट्रैक को ब्लॉक कर लिया है. ये लोग हाथों में पोस्टर लिए सीएए और संभावित राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) का विरोध कर रहे हैं.

राज्य सरकारों को अलर्ट पर रहने की सलाह

वहीं केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों को अलर्ट पर रहने की सलाह दी है, ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे. बहुजन क्रांति मोर्चा के भारत बंद को देखते हुए राज्यों ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. बता दें इस कानून के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में दो महीने से भी अधिक समय से लोग प्रदर्शन कर रहे हैं. यहां प्रदर्शन करने वाली महिलाओं ने ये साफ कह दिया है कि वह तब तक ऐसे ही बैठी रहेंगी जब तक सीएए को वापस नहीं ले लिया जाता. शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों ने मुख्य सड़क को ब्लॉक किया हुआ है. इसके अलावा उत्तर प्रदेश में भी प्रदर्शन हो रहे हैं.

क्या है कानून?

नागरिकता संशोधन कानून में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से 31 दिसंबर 2014 तक आए छह गैर मुस्लिम समुदाय (हिंदू, सिख, बौद्ध, ईसाई, जैन और पारसियों) के उत्पीड़न के शिकार लोगों को भारत की नागरिकता देने का प्रावधान है.

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