भारत में चक्रवाती तूफान की चेतावनी, ओडिशा समेत कई राज्‍यों में ‘अम्फान’ मचा सकता है कहर

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New Delhi: साल 2020 का पहला चक्रवाती तूफान “अंफन” अगले 24 घंटों में सक्रिय हो सकता है. आशंका है कि यह लैंडफॉल से पहले अति भीषण चक्रवात बन जाएगा. इसके संभावित ट्रैक को देखते हुए भारत के तमाम क्षेत्रों को अलर्ट कर दिया गया है.

पूर्वी तटों पर तमिलनाडु और पुद्दुचेरी से लेकर आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, मिज़ोरम और मणिपुर जैसे तटीय क्षेत्रों को अलर्ट किया गया है. अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह में तूफानी हवाओं के साथ पहले से ही भारी बारिश हो रही है. अगले 48 घंटों तक अंडमान पर इसका प्रभाव बना रहेगा.

मौसम की जानकारी देने वाली स्काईमेट एजेंसी के मुताबिक बंगाल की खाड़ी पर बना गहरे निम्न दबाव का क्षेत्र जल्द ही और प्रभावी हो सकता है. इस समय सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों में जिस तरह से बादल दिखाई दे रहे हैं उससे अनुमान लगाया जा रहा है कि यह सिस्टम अब डिप्रेशन बन चुका है. यह 16 मई की शाम तक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है. इस समय यह 10.6 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 87.3 डिग्री पूर्वी देशांतर यानी विशाखापट्टनम से 900 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में है.

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस समय जहां पर यह सिस्टम है वहां ना सिर्फ समुद्र में स्थितियां  अनुकूल हैं बल्कि वायुमंडल में भी स्थितियां इसके पक्ष में हैं. इसके प्रभावी होने के लिए एक तरफ समुद्र की सतह का तापमान काफी गर्म है जो चक्रवाती तूफान के विकसित होने में अहम भूमिका अदा कर रहा है, तो दूसरी ओर वर्टिकल विंडशियर भी इस समय कमजोर है. अनुमान यह कि कल तक यह साइक्लोनिक स्टॉर्म यानी चक्रवाती तूफान का रूप ले लेगा.

चक्रवाती तूफान बनने के बाद 17 मई तक यह उत्तर पश्चिमी दिशा में बढ़ता रहेगा. चेन्नई से महज़ 600 किलोमीटर दूर तक पहुंचने के बाद यह अपना रास्ता बदलेगा और उत्तर दिशा में आंध्र प्रदेश के तटों की तरफ बढ़ेगा. उसके बाद पुनः इसके रास्ता बदलने की संभावना है. तब यह अनुमान है कि उत्तर तथा उत्तर पूर्वी दिशा में आगे बढ़ेगा.

इसलिए तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों पर इससे व्यापक प्रभाव की आशंका बहुत अधिक भले नहीं है लेकिन उत्तरी तटीय ओड़िशा और इससे पश्चिम बंगाल को इस तूफान से खतरा नजर आ रहा है.

जिस समय तूफान अपना मार्ग परिवर्तित कर रहा होगा उसी दौरान यह प्रभावी होता भी रहेगा. तटों पर लैंडफॉल करने से पहले यह भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है. इस दौरान आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय भागों के पास समुद्र में हलचल बहुत अधिक रहेगी. 16 मई की रात से तूफान के लैंडफॉल करने तक समुद्र में स्थितियां बहुत विपरीत हो जाएंगी.

देश के इन राज्यों को भी रहना होगा सतर्क

अगर यह तूफान आंध्र प्रदेश या ओडिशा के रास्ते भारत में लैंडफॉल करता है तो भारत के अंदरूनी राज्यों यानि तेलंगाना, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे राज्यों को भी अलर्ट रहना होगा. जब कोई भी समुद्री तूफान जमीनी भागों पर पहुंचता है तो यह कई हज़ार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर अपना प्रभाव दिखाता है.

मौसम विभाग ने तेलंगाना, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और झारखंड, उत्तरी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में अलर्ट जारी किया है. वहीँ इसी को लेकर राज्य सरकारों ने संबधित जिला कलेक्टरों को तूफान से निपटने के लिए पूर्व से तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए है.

ओडिशा और पश्चिम बंगाल में ज्यादा खतरा

तूफान अंफन का सबसे ज्यादा खतरा ओडिशा और पश्चिम बंगाल पर बना हुआ है. तटों पर लैंडफॉल करने से पहले यह भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है. इस दौरान आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय भागों के पास समुद्र में हलचल बहुत अधिक रहेगी. इसलिए विभाग ने मछुआरों को समुद्र के दक्षिण में ना जाने की सलाह दी है.

भारतीय मौसम विभाग (IMD) का कहना ही कि समुद्र की सतह का तापमान काफी गर्म होने की वजह से चक्रवाती तूफान तेजी से विकसित हो रहा है. बताया गया कि 18 मई को ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है. वहीँ 19 और 20 मई को पश्चिम बंगाल में भारी बारिश हो सकती है.

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