शिकायत के बाद भी नहीं रूका अवैध बालू उत्‍खनन और टूट गया 8 करोड़ का पुल

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Vrindavan Mahto

Sonahatu: हाराडीह स्थित कांची नदी का पुल यास चक्रवात में ध्‍वस्‍त हो गया. सिल्‍ली के पूर्व विधायक केशव महतो कमलेश ने इसके पीछे पुल के खराब निर्माण को जिम्‍मेदार बताया है और इसकी जांच कराने की मांग की है. आपको बता दें कि केशव महतो पतराहातू में राढू नदी पुल निर्माण का मुद्दा बनाकर चुनाव लड़कर विधायक बने थे और जब अपना वादा पूरा नहीं कर सके तो चुनाव हार भी गए थे. अब बात करते हैं हाराडीह स्थित कांची नदी के पुल की.

यदि किसी के घर में नीचे चुहों का ठिकाना हो और वह आपके घर के नीचे खुदाई करना शुरू कर दे तो आपके मकान का क्‍या होगा. आप बिना समय गंवाए कहेंगे कि मकान कमजोर हो जाएगा और चुहों का उपाय नहीं किया गया तो ढह भी जाएगा. कुछ ऐसा ही हुआ है हाराडीह स्थित कांची नदी पुल का. यहां पिछले कुछ सालों से बालू की अवैध उत्‍खनन और ढुलाई बढ़ गई है. रोज दर्जनों ट्रकों के चलने गांव की सड़कें जर्जर हो गई हैं. ग्रामीणों ने पुल और सड़क बचाने के लिए कई बार थानों में इसकी सूचना दी और शिकायत दर्ज कराई. बावजूद इसके यहां से बालू का अवैध ढुलाई बंद नहीं हुआ.

अवैध बालू उठाव से ग्रामीण सड़क जर्जर

बिरसा प्रगतिशील मंच के संरक्षक आदिवासी चिंतक रतन सिंह मुंडा ने बताया कि बुंडू ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन ग्रामीण सड़कों पर जेसीबी हाईवा ट्रक का आवागमन अवैध बालू उठाव के रूप में उपयोग किया जाता है. जबकि सरकारी नियम के मुताबिक ग्रामीण सड़कों पर अत्यधिक लोड वाहनों का परिचालन बंद है. इसके बावजूद खनन विभाग,पुलिस प्रशासन के संरक्षण में बालू माफिया प्रतिदिन सैकड़ों भारी वाहनों का परिचालन करते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में कई प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत सरकार ने रोड बनाई थी. संवेदक ने रोड निर्माण कार्य पूरा करने के बाद से ही भारी वाहनों का परिचालन होने से सड़क भी टूट कर जर्जर हो गया है. बालू गाड़ियों के लगातार उठाव के कारण ग्रामीण इलाके की सड़कें पूरी तरह चौपट हो गई है. सरकार की भ्रष्टाचार की व्यवस्था की पोल खोल रही है. जनता में आक्रोश है. सरकार संवेदक और बालू उठाव करने वाले माफियाओं के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई करें. अन्यथा जनता बांधकर जन आंदोलन तेज करेगी.

पुल ढहने से चार प्रखंडों का टूटा संपर्क

हाराडीह का यह पुल ग्रामीण क्षेत्र का मेरुदंड था. जो सरायकेला खरसावां जिला को जोड़ते हुए पश्चिम बंगाल बंगाल के रास्ते को सीधा संपर्क बनाता था. रांची जिला का सबसे लंबा पुल था. ग्रामीण क्षेत्रों का मुख्य सड़क हेठ‌बुढ़ाडीह और हाराडीह‌ मंदिर को जोड़ने वाली कांची नदी पर बने सबसे लंबे पुल जो बुंडू, तमाड़, सोनाहातू, राहे प्रखंड को जोड़ती है, गुरुवार को दोपहर में ढह दर्जनों गांव का संपर्क टूट गया है. अब लोगों को नदी पार होने के लिए 12 किलोमीटर दूरी तय करनी होगी. इस पुल का निर्माण संवेदक रंजन पांडे के द्वारा कराया गया था. आसपास के ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में भी भारी अनियमितता की गई थी.

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ग्रामीणों का कहना है कि अवैध बालू उठाओ की ब पुल के आसपास जेसीबी मशीन का प्रयोग लगातार होने के कारण यह ढह गया है.

फीता भी नहीं कटा था पुल का

बता दें कि इस पुल का निर्माण तीन वर्ष पूर्व हुआ है. पुल का संपर्क रोड भी नहीं बना है और अभी इसका विधिवत उदघाटन भी नहीं हुआ है. इस सड़क पर प्रतिदिन सैकड़ों वाहनों का आगमन होता था. ग्रामीण क्षेत्र का मुख्य सड़क बन रहा था. इस सड़क से तमाड़ होते हुए ईसागढ़ प्रखंड के मिलन चौक कुकरू प्रखंड सरायकेला खरसावां जिला को संपर्क करते हुए सीधे पश्चिम बंगाल राज्य को जोड़ती थी. ग्रामीणों को आने-जाने का सीधा रास्ता था. शादी विवाह के समय हर रात भर सैकड़ों वाहनों का आवागमन होते रहता था. धीरे-धीरे यह सड़क ग्रामीण क्षेत्र का अंतर राज्य सड़क बनने जा रहा था.

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ठेकेदार ने जो भी पुल निर्माण किया ढह गया

इस पुल का निर्माण लगभग आठ करोड़ की लागत से संवेदक रंजन पांडे की ओर से लगभग 5 वर्ष में पूरा किया था. इसके पूर्व इसी संवेदक ने सोनाहातू और तमाड़ प्रखंड को जोड़ने के लिए कांची नदी पर बामलाडीह और गोमियाडीह के बीच 8 वर्ष पूर्व पुल निर्माण किया था वह पुल भी उद्घाटन के पूर्व ही ढह गया था. पुल निर्माण करने वाले संवेदक और बालू उठाव अवैध रूप से करने वाले लोग पर भी सवाल खड़ा कर रहे हैं. इस पुल के ढहने से संवेदक और ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंताओं का पोल खुल गया है. ग्रामीण तरह-तरह के सवाल खड़ा कर रहे हैं. पुल निर्माण कार्य में अभियंताओं की देखरेख नहीं होती थी. संवेदक के लोक मनमानी ढंग से कार्य करते थे.

नदी में बालू उठाव के लिए जेसीबी का इस्‍तेमाल

इसके साथ ही बालू माफिया भी नदी आसपास में जेसीबी मशीन का प्रयोग कर बालू उठाव करने लगे थे. जिसके परिणाम स्वरूप करोड़ों रुपए की लागत से जनता को समर्पित यह नवनिर्मित पुल विधिवत उद्घाटन के बिना ही ढह गया.

प्रशासन पुल के सामने बालू उठाव रोकने में विफल

बुंडू कांची नदी पर अवैध बालू उठाव को रोकने में प्रशासन भी विफल रही है. सुमानडीह पंचायत के ग्रामीण लगातार प्रशासन से पुल पुलिया के समीप नदी में बालू उठाव रोकने के लिए शिकायत करते रहे. इसके बावजूद पुलिस प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की. जिसके परिणाम जनता के लाभ के लिए सरकार के करोड़ों की लागत का पुल पुलिया का अस्तित्व खतरे में है. 19 मई को ग्रामीणों की ओर से योगेश्वर महतो ने प्रशासन और उच्च अधिकारियों से शिकायत किया था. जहां पर बाल उठाओ रोकने के बजाय दोनों पक्षों में पुलिस ने 107 का मुकदमा दर्ज कर अपना कागजी खानापूरी की है. प्रशासन की विफलता और बालू माफियाओं की सक्रियता से ग्रामीण कमजोर पड़ रहे हैं. दिन में नहीं रात भर बालू की जेसीबी मशीन से चोरी हो रही है. खनन विभाग मुकदमा करने के बजाय मौन स्वीकृति दे रखी है. गुरुवार को कांची नदी पर बना सबसे लंबा पुल ढहने के बाद सरकार की आंखें खोल दी है. ग्रामीण और राजनीतिक दलों ने संवेदक एन पांडे कंपनी के ऊपर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है.

संवेदक और दोषी अभियंता पर कार्रवाई हो केशव महतो कमलेश बुंडू कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारीअध्यक्ष सह पूर्व विधायक केशव महतो कमलेश ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विभागीय मंत्री आलमगीर आलम को पत्र लिखकर बुंडू प्रखंड के प्राचीन कालीन महामयी मंदिर को जोड़ने वाला कांची नदी पर नवनिर्मित पुल का ढहने के मामले में उच्च स्तरीय जांच कर संवेदक को काली सूची में डालने और दोषी अभियंता पर कार्रवाई करने की मांग की है.

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श्री कमलेश ने आगे कहा है कि यह पुलपंच परगना ग्रामीण क्षेत्र का मेरुदंड रोड है प्रतिदिन सैकड़ों वाहन का आवागमन होता है बुंडू तमाड़ सोनाहातु ग्रामीण क्षेत्र के सीधे संपर्क रोड़ है सरायकेला खरसावां के इचागढ़ मिलन चौक कुकड़ू होते हुए पश्चिम बंगाल को भी जोड़ने का संपर्क रोड बन रहा है. इस पुल टूटने से हजारों लोगों का संपर्क टूट गया है. मामले को सरकार गंभीरता से लेकर दोषी पर कार्रवाई करें.

संवेदक पर करवाई हो.

गोविंद महतो बुंडू पंच परगना क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल महामाया वैष्णो मां दुर्गा मंदिर को जोड़ने वाला कांची नदी पर बना नवनिर्मित पुल ढहने पर कड़ा प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए झारखंड आंदोलनकारी क्षेत्र के अधिवक्ता गोविंद महतो बिरसा प्रगति शील मंच के संरक्षक आदिवासी चिंतक रतन सिंह मुंडा एवं क्षेत्र के नेता योगेश्वर महतो ने उच्च स्तरीय जांच कर दोषी संवेदक पर सख्त करवाई करते हुए सन लिप्त अभियंताओं पर प्राथमिकी दर्ज करते हुए कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है. सभी वक्ताओं ने कहा है की यह सड़क ग्रामीण क्षेत्र का मेरुदंड है. प्रतिदिन सैकड़ों वाहन का आगमन होता है.

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