108 एंबुलेंस मिलती तो बच जाती बच्‍चे की जान, फोन करने पर बताया ‘तेल नहीं है’

#Simdega: एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण सदर अस्पताल में एक बच्चे की मौत हो गयी. जानकारी के मुताबिक कुरकुरा निवासी देव महली की पत्नी कतरीना महली ने नौ सितंबर को पांचवें महीने में ही एक बच्चे को जन्म दिया. जन्म के बाद बच्चे की स्थिति गंभीर हो गयी. इसके बाद 9 सितंबर को ही बानो से सदर अस्पताल में ला कर भर्ती कराया गया. बच्चे की हालता और बिगडता देख चिकित्सकों ने बच्चे को इलाज के लिये बाहर ले जाने के लिये कहा. इसके बाद बच्चे के पिता देव महली सहित अन्य परिजन अस्पताल में एंबुलेंस के लिये दौडते रहे. अस्पताल परिसर में दो एंबुलेंस खड़ा था लेकिन पीड़ित परिवार को उपलब्ध नहीं कराया गया. उसे 108 को फोन करने के लिये कहा गया. फोन करने पर पता चला कि एक 108 में तेल नहीं है. दूसरा 108 कुरडेग गया था तथा आने के क्रम में पंचर हो गया. इसी क्रम में लगभग तीन घंटा गुजर गये. बच्चे की हालत बिगड़ती गयी.

परिजनों ने कहा ‘समय पर एंबुलेंस मिलती तो बच जाती बच्‍चे की जान’

इसके बाद चिकित्सकों ने सोमवार दोपहर दो बजे के करीब बच्चे को मृत घोषित कर दिया. बच्चे के पिता देव महली तथा माता कतरीना महली ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर समय पर एंबुलेंस की व्यवस्था हो जाती तो उनके बच्चे की जान बच जाती. लेकिन एंबुलेंस के लिये उन लोगों को लगभग तीन घंटा दौड़ाया गया. इसके बाद भी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराया गया.

वे लोग एंबुलेंस के लिये रूपये देने को भी तैयार थे. लेकिन इसके टाल मटोल किया जाता रहा. इसी क्रम में बच्चे की मौत हो गयी. देव महली व कतरीना ने कहा कि अगर समय पर एंबुलेंस मिल जाता तो वे लोग बच्चे को इलाज के लिये कहीं ले जाते. इलाज मिलने पर बच्चा बच सकता था.

अस्पताल में एंबुलेंस प्रबंधन की लापरवाही के कारण ही उसके बच्चे की मौत हुई है. दोषी लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिये.

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