वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों एवं हॉटस्पॉट को चिन्हित करना क्लीन एयर एक्शन प्लान के लिए बेहद जरूरी

by

Ranchi: सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) ने आज रांची, रामगढ़ और हजारीबाग जिलों में स्वच्छ वायु के मुद्दे पर कार्य कर रहे स्थानीय सिविल सोसाइटी संगठनों, अकादमिक विशेषज्ञों, रिसर्च-थिंक टैंक, मीडियाकर्मियों सहित विभिन्न स्टेकहोल्डर्स को एक मंच पर लाते हुए एक वेबिनार का आयोजन किया, जिसका मुख्य उद्देश्य इन जिलों में बेहतर वायु गुणवत्ता के समग्र लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए व्यावहारिक समाधानों पर चर्चा करना था. क्लीन एयर इम्प्लीमेंटेशन नेटवर्क (कैन) के तत्वावधान में आयोजित इस परिचर्चा का मुख्य उद्देश्य इन जिलों में वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों एवं केंद्रों (हॉटस्पॉट) को चिन्हित करना, इनके दीर्घकालिक प्रभावों एवं गड़बड़ियों पर नज़र रखना और स्वच्छ हवा को सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय लोगों एवं समुदायों की आकांक्षाओं को सामने लाना था.

स्वच्छ वायु से संबंधित कार्यक्रम के योजना निर्माण एवं कार्यान्वयन में समुचित तालमेल और कन्वर्जेन्स के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सीड में सीनियर प्रोग्राम अफसर अंकिता ज्योति ने कहा कि, “वायु प्रदूषण के कारण होने वाले जोखिम को कम करने के लिए मल्टी स्टेकहोल्डर्स एप्रोच जरूरी है ताकि सभी एजेंसियों एवं संगठनों के बीच समन्वय एवं क्षमता-निर्माण गतिविधियों से मूल्यांकन और कार्यदक्षता की गति बढ़ सके. क्लीन एयर इम्प्लीमेंटेशन नेटवर्क आम नागरिकों से लेकर सभी प्रमुख स्टेकहोल्डर्स के बीच स्वच्छ हवा पर जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में सक्रियता से काम कर रहा है और आज की चर्चा राज्य में एक स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करने के लिए इन प्रयासों को मजबूत करेगी.’’

Read Also  झारखंड में ब्लैक फंगस महामारी घोषित, कैबिनेट की मुहर

उल्लेखनीय है कि झारखंड सरकार राज्य के आठ शहरों, रांची, जमशेदपुर, साहिबगंज, दुमका, पाकुड़, चाईबासा, हजारीबाग और रामगढ़ के लिए क्लीन एयर एक्शन प्लान तैयार कर रही है, जहां सीड एक टेक्निकल पार्टनर की भूमिका निभा रहा है. स्वच्छ वायु की स्थापना के लिए जरूरी स्थानीय चिन्ताओं और समाधानपरक विचारों को योजना प्रक्रिया में लाने के महत्व को रेखांकित करते हुए सीड आने वाले दिनों में क्लीन एयर एक्शन प्लान के निर्माण एवं कार्यान्वयन में जनभागीदारी बढ़ाने की भी कोशिश कर रहा है.

क्लीन एयर इम्प्लीमेंटेशन नेटवर्क के एक सदस्य और आकांक्षा संस्था के श्री शंकर राणा ने कहा कि ‘वायु प्रदूषण के नियंत्रण से जुड़े उपायों के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए प्रत्येक व्यक्ति और संगठन को अधिकाधिक सामाजिक उत्तरदायित्व लेने की आवश्यकता है. आज की परिचर्चा स्थानीय स्तर पर वायु प्रदूषण के मुद्दे पर समझ विकसित करने, प्रदूषण स्रोतों एवं केंद्रों को चिन्हित करने और इनको सार्वजनिक बहस के दायरे में लाने में काफी मददगार साबित हुई है. राज्य में स्वच्छ वायु कार्य योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए क्लीन एयर इम्प्लीमेंटेशन नेटवर्क एक समाधानपरक दृष्टिकोण के साथ नेतृत्वकारी भूमिका निभाएगा.”

Read Also  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मानहानि मामले में ट्विटर फेसबुक को नोटिस

इस वेबिनार में रांची, रामगढ़ और हजारीबाग के प्रतिष्ठित सिविल सोसाइटी संगठनों और नागरिक समूहों आदि 35 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें पूजा (सृजन फाउंडेशन), नीलम बेसरा (झारखंड महिला उत्थान), उमेश प्रताप (भारतीय जनजागृति), नरेंद्र महतो (जन सहयोग केंद्र), अरुण कुमार पटेल (रजरप्पा ग्रामीण विकास संस्था), प्रिंस कुणाल (लोक स्वर), दीपक बाड़ा (डाक्यूमेंट्री फिल्ममेकर), मंगेश दीनबंधु, मुरारी सिंह, कृष्णा गुप्ता, शिव डांगी, मनोहर यादव, रवींद्र कुमार, गीता देवी, सुरेश यादव, कुंदन गोप प्रमुख थे और राज्य में क्लीन एयर एक्शन प्लान के कार्यान्वयन के प्रयासों को मजबूत करने के लिए अपने सुझाव एवं विचार व्यक्त किया.

क्लीन एयर इम्प्लीमेंटेशन नेटवर्क (कैन) दरअसल सीड की एक पहल है और यह विविध स्टेकहोल्डर्स का एक साझा मंच है, जो राज्य में वायु गुणवत्ता में सुधार और ‘स्वच्छ वायु कार्य योजना’ (क्लीन एयर एक्शन प्लान) के कार्यान्वयन को ठोस ढंग से जमीन पर उतारने की दिशा में कार्यरत है. यह मंच वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के सततशील उपायों को सामने लाने, सूचना एवं शोध-तथ्यों का आदान-प्रदान करने और साझा गतिविधियों को बढ़ावा देता है.

Read Also  झारखंड में ब्लैक फंगस महामारी घोषित, कैबिनेट की मुहर

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.