जम्मू-कश्मीर में प्रतिबंधों के चलते IAS कन्नन गोपीनाथन ने दिया इस्तीफा

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Thiruvananthapuram: भारतीय प्रशासनिक सेवा(IAS) के एक 33 वर्षीय अधिकारी कन्नन गोपीनाथन (Kannan Gopinathan) ने जम्मू एवं कश्मीर (Jammu Kashmir) में लगाए गए प्रतिबंध और मौलिक अधिकारों के हनन के विरोध में इस्तीफा (IAS Resignation) दे दिया. केरल में 2018 में आई बाढ़ के दौरान उनके काम की सराहना हुई थी.

बड़ी बातें

  • आईएएस कन्नन गोपीनाथन ने दिया इस्‍तीफा
  • जम्‍मू और कश्‍मीर में लगाये प्रतिबंध का विरोध
  • 2018 में बाढ़ के दौरान काम की हुई थी तारीफ
  • 21 अगस्‍त को आईएएस ने दिया इस्‍तीफा

दादरा और नगर हवेली में बिजली और गैर-पारंपरिक ऊर्जा सचिव के रूप में तैनात केरल के 2012 बैच के आईएएस अधिकारी कन्नन गोपीनाथन ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा छीने जाने के बाद से हफ्तों से वहां के लाखों लोगों के मौलिक अधिकारों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

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आईएएस अधिकारी ने 21 अगस्त को इस्तीफा दे दिया.

इस्‍तीफे के बाद आईएएस कन्नन गोपीनाथन का बयान

इस्तीफे के बाद गोपीनाथन ने कहा, “मैंने प्रशासनिक सेवा इसलिए ज्वाइन की, क्योंकि मुझे लगा कि मैं उन लोगों की आवाज बन सकता हूं, जिनकी आवाज को बंद कर दिया जाता है. लेकिन यहां, मैंने खुद अपनी आवाज खो दी.”

एजीएमयूटी काडर के आईएएस अधिकारी गोपीनाथन ने 20 अगस्त को ट्वीट कर कहा, “मैंने एक बार सोचा था कि सिविल सेवाओं में होने का मतलब साथी नागरिकों के अधिकारों और स्वतंत्रता का विस्तार करना है!”

उन्होंने कहा, “कश्मीर में 20 दिनों से लाखों लोगों के मौलिक अधिकारों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और भारत में कई लोगों को यह ठीक लग रहा है. यह सब भारत में 2019 में हो रहा है.”

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गोपीनाथन ने एनडीटीवी से कहा, “अनुच्छेद 370 को रद्द करना मुद्दा नहीं है, लेकिन नागरिकों का मारा जाना और उनके प्रतिक्रिया देने का अधिकार मुख्य मुद्दा है. वह इस फैसले का स्वागत कर सकते हैं, या विरोध कर सकते हैं यह उनका अधिकार है.”

गोपीनाथन ने घाटे में चल रही सरकारी बिजली वितरण फर्म को लाभ कमाने वाली कंपनी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे ने उन्हें परेशान कर दिया, जो इस्तीफा देने के लिए काफी था.

आईएएस कन्नन गोपीनाथन का इस्‍तीफा

सोशल मीडिया पर बहस शुरू

कन्नन के इस्तीफे के बाद मीडिया और सोशल मीडिया में लोगों के बीच कश्मीर मुद्दे पर वाद-विवाद भी हो रहा है.

कन्नन गोपीनाथन का संक्षिप्‍त परिचय

कन्नन इन दिनों पावर एंड नॉन कन्वेंशनल ऑफ एनर्जी में सचिव पद पर कार्यरत थे. कहा जा रहा है कि कश्मीर कैडर के आईएएस अधिकारी शाह फैसल के बाद सबसे कम उम्र में आईएएस से इस्तीफा देने वाले वह दूसरे आईएएस अधिकारी हैं.

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चर्चा है कि वह मौजूदा प्रशासनिक कार्यशैली से नाखुश थे. हालांकि उन्होंने अपने त्यागपत्र में इसे लेकर कुछ लिखा नहीं है. 2012 सिविल सेवा परीक्षा में कन्नन ने 59वीं रैंक हासिल की थी. उन्होंने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग की थी. आईएएस बनने से पहले वह एक निजी कंपनी में डिजाइन इंजीनियर थे.

कन्नन पिछले दिनों डीएनएच प्रशासन के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर के तौर पर बाढ़ पीढ़ितों की मदद करने के लिए चर्चा में आए थे. उन्हें रिलीफ और रेस्क्यू ऑपरेशन में एक्टिव तरीके से मदद करते देखा गया था. उन्होंने प्रशासन की तरफ से केरलसीएम डिजास्टर रिलीफ फंड को एक करोड़ रुपये का चेक भी दिया था.

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