झारखंड विधानसभा मानसून सत्र 2020 के आखिरी दिन हंगामेदार, सत्‍ता और विपक्ष दोनों कर रहे हैं प्रदर्शन

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Ranchi: झारखंड विधानसभा मानसून सत्र के अंतिम दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने विरोध प्रदर्शन किया. स्‍पीकर ने हंगामे के दौरान बीजेपी विधायक रणधीर सिंह को सदन से बाहर जाने को कहा. एक तरफ जहां सत्ता पक्ष किसान बिल के खिलाफ प्रदर्शन कर रही थी वही विपक्ष नियोजन नीति, युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दे पर विरोध कर रही थी.

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विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे बीजेपी विधायक अमर कुमार बाउरी ने हेमंत सरकार पर निशाना साथ हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के द्वारा दिए गए नौकरी को भी सरकार बचा नहीं पा रही है. झारखंड हाई कोर्ट ने सरकार के द्वारा मजबूती से पक्ष नहीं रखा गया, जिसके कारण 18000 हाई स्कूल शिक्षक की नियुक्ति को रद्द करने का फैसला आया है. हेमंत सरकार के द्वारा झारखंड हाईकोर्ट में मजबूती से पक्ष नहीं रखने के कारण आज युवा बेरोजगार हो गए हैं. उन युवाओं के साथ भारतीय जनता पार्टी हमेशा खड़ा रहेगी.

वहीं केंद्र सरकार के द्वारा पास कृषि विधेयक का विरोध करते सत्ता पक्ष के विधायक मिथलेश ठाकुर ने केंद्र सरकार के द्वारा लागू किए गए कृषि बिल को काला कानून बताया है.

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हर एक चीज को निजीकरण कर दी है अब जो खेती किसानी बची हुई थी उसे भी बड़े उद्योग कॉर्पोरेट घराने को हाथों में देने का काम कर रही है यह कानून देश विरोधी है किसान विरोधी है इस कानून का भरसक विरोध किया जाएगा.

विधायक रणधीर सिंह ने विधान सभा सत्र के अंतिम दिन गोकुल मित्र के बकाया मानदेय के अविलंब भगतान की मांग के साथ प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा कि राज्य में दूध उत्पादन को बढ़ावा देने में गोकुल मित्र की भूमिका महत्वपूर्ण होती है. ऐसे में उनके मानदेय का भगतान नही होने से काफी परेशानी हो रही है. उन्होने सरकार से मांग किया कि गोकुल मित्रों का मानदेय भुगतान जल्द किया जाए.

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