World Environment Day 2020: लॉकडाउन में कैसा रहा रांची और दुनिया का वातावरण

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Ranchi: भारत में करीब 60 दिनों तक पूर्ण लॉकडाउन रहा. इस दौरान देश में सिर्फ अनिवार्य सेवा ही बहाल रहीं. सभी लोग घरों में कैद रहे. सभी तरह के वाहन बंद, सड़कें सुनसान, शहर हो या गांव सभी तरफ सन्‍नाटा, ट्रेन-हवाई जहाज सभी लॉकडाउन से बंद रहे. फैक्ट्रियां और कलकारखाने भी बंद रहे.

लॉकडाउन का हमारे धरती के पर्यावरण पर कई तरह के असर देखने को मिले. इसके सकारात्‍मक और नकारात्‍मक दोनों तरह के प्रभाव देखने को मिले. विश्‍व पर्यावरण दिवस के मौके पर ऐसे ही कई सवालों के जवाब पर्यावरणविद और भूगर्भशास्‍त्री डॉ नीतिश प्रियदर्शी ने localkhabar.com के साथ शेयर किया.

लोकल खबर के साथ बातचीत में डॉ नीतिश प्रियदर्शी ने कहा कि दो महीनों तक हमारे घरों में बंद रहने से पर्यावरण बहुत खुश है. कोरोना सिर्फ हमें इफेक्‍ट कर रहा है. इससे जीव-जंतु, पशु-पक्षी, नदी-पहाड़, पेड़-पौधे बेअसर हैं. पर्यावरण बहुत खुश है. आसमान साफ और नीला दीख रहा है. प्रदूषण बहुत कम हुआ है.

उन्‍होंने कहा कि हवा का प्रदूषण बहुत कम हुआ है. रांची का एयर क्‍वालिटी इंडेक्‍स 50-60 के बीच का है. लॉकडाउन से पहले यह 100 से उपर 120, 125, 130 हुआ करता था. धनबाद और झरिया में यह पैमाना 200 से उपर तक चला जाता था. अब वहां भी एयर क्‍वालिटी 50 और 60 के बीच आ गया है. यह बहुत अच्‍छा संकेत है.

डॉ नीतिश प्रियदर्शी ने बताया कि बहुत सारी पक्षियां जो हमारे आस-पास नहीं दीखती थी और चहचहाने लगी हैं. कुछ दिन पहले इतनी तितलियां देखी गई जो पहले शहरों में कभी नहीं देखी गईं. इस दौरान प्रकृति ने सभी को पनपने और बढ़ने का अवसर दिया है.

लॉकडाउन के दौरान मौसम में शानदार बदलाव देखा गया. पिछले साल मार्च महीने में गर्मी में अनुभव होता था, वह भी जून में अनुभव हो रहा है. वैशाख तक हम सभी बसंत का आनंद लेते रहे. रांची अपने पुराने अंदाज में लौट आई है. सौ साल पहले की अंग्रेजों ने रांची को ग्रीष्‍मकालीन राजधानी यही सब देखकर घोषित किया था.

उन्‍होंने बताया कि कुछ दिन पहले मैंने रांची की कुछ तस्‍वीरें ली थी. दोपहर से लेकर शाम तक शहर में कुहासा छाया हुआ था. गर्मियों में इतना कुहासा हमलोग कभी नहीं देखे थे. बचपन में भी शायद देखे होंगे, लेकिन याद नहीं. कई लोगों को आश्‍चर्य लग रहा था कि यह कुहासा कहां से आ रहा है. प्रकृति में बहुत कुछ बदलाव हुआ है.

रात में भी आसमान में बदलाव देखने को मिलता है. रंग-बिरंगे बादल देखने को मिलते है. खुले आसमान में सभी तारे देखे जा सकते हैं. ये पहले कभी नहीं दिखते थे.

(लॉकडाउन पर क्‍या कहता है डॉ नीतिश प्रियदर्शी का पर्यावरण अध्‍ययन, देखिए वीडियो में)

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