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अंतरिक्ष में गुरुत्‍वाकर्षण के बिना इंसान कैसे पैदा करेंगे बच्‍चे

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New Delhi: पहले के मुकाबले अंतरिक्ष यात्रा अब सहज और सुलभ होने जा रही है. अब तो प्राइवेट अमेरिकी कंपनियों के पास क्रू मॉड्यूल भी मौजूद हैं, जिनके ज़रिये वे इंसानों को अंतरिक्ष में सैर के लिए ले जाने की तैयारी कर रही हैं. और आने वाले समय में इंसान अंतरिक्ष में लंबे समय तक बसने भी लगेंगे.

इस बीच एक बड़ा सवाल यह है कि जब अंतरिक्ष में इंसानों की  कॉलोनी हकीकत हो जाएगी. तब  एक बड़ा सवाल अंतरिक्ष विशेषज्ञों को परेशान कर रही है. सवाल यह है कि गुरुत्‍वाकर्षण के बिना बढ़े हुए रेडिएशन वाले वातावरण में इंसान सेक्‍स कैसे कर सकेगा.

यह सवाल भारत के लिए भी मायने रखता है. क्‍योंकि अब भारत भी ‘गगनयान के साथ इंसान को अंतरिक्ष में भैजने की तैयारी कर रहा है. सवाल विवादित जरूर है, लेकिन इंसानी लाइफस्‍टाल का जरूरी हिस्‍सा भी है. जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है.

जनरल चार्ल्स बोल्डन आठ साल तक NASA के प्रमुख रह चुके हैं. इस समय जनरल चार्ल्स बोल्डन भारत-अमेरिका अंतरिक्ष सहयोग का प्रचार-प्रसार करने के लिए भारत आए हुए हैं. एनडीटवी ने चार्ल्‍स ने ऐसे ही कई अनसुलझे सवाल पूछे.

NDTV के साइंस एडिटर पल्लव बागला ने NASA के पूर्व प्रमुख, दिग्गज अंतरिक्ष यात्री तथा मौजूदा समय में अमेरिका के अंतरिक्ष मामलों के विज्ञान दूत से पूछा कि इंसान गुरुत्वाकर्षण के बिना अंतरिक्ष में सेक्स कैसे कर पाएगा, या बच्चे कैसे पैदा करेगा.

इनके सवाल पर चार्ल्‍स ने कहा ओह, अगर आपको बच्चे पैदा करने होंगे, तो उसी तरह करने होंगे, जिस तरह हम पैदा हुए. यह एक पुरुष और महिला के बीच का मामला है, और आप जानते ही हैं, सब हो जाता है.

जहां तक मेरी जानकारी है, मुझे नहीं लगता, इस मुद्दे पर कुछ ज़्यादा रिसर्च की गई है कि यह कैसे होगा, क्योंकि यह बिल्कुल वैसा ही है, जैसे अंतरिक्ष में बाथरूम जाना. हम कोई नई चीज़ ईजाद नहीं करते हैं, सच यही है कि क्रू माइक्रो-ग्रैविटी में रहता है, और इसीलिए उन्हें खुद को स्थिर रखना सबसे ज़रूरी है. हम टॉयलेट की साइड पर छोटे-छोटे हैंडल लगा देते हैं, उन्हें घुमाओ, बस. वे स्प्रिंग-लोडेड होते हैं, और आपकी जांघ पर टिके रहते हैं. आप इसी तरह का कुछ कर सकते हैं, जो आप वहां करते हैं. जब आप बाथरूम जाते हैं, हम एक फैन सिस्टम की मदद से सक्शन पैदा करते हैं, जो एक बहुत छोटे वैक्यूम क्लीनर जैसा होता है.

चार्ल्‍स ने बताया कि हम उन हालात में ढल जाते हैं, जिनमें हम रहते हैं. धरती पर हम जो कुछ भी कर पाते हैं, उसे अंतरिक्ष में करने से रोकने या मुश्किल बना देने वाली बात है कि वहां गुरुत्वाकर्षण नहीं होता. लेकिन जब भी कुछ करने का वक्त आता है, लोग कोई न कोई रास्ता निकाल ही लिया करते हैं.

एनडीटीवी ने पूछा कि आपसे साफ-साफ पूछते हैं, कोई अंतरिक्ष में यौन संबंध कैसे बना सकता है ?

इस पर चार्ल्‍स ने कहा कि मुझे उम्मीद है, बिल्कुल उसी तरह, जैसे हम धरती पर सेक्स करते हैं, लेकिन पक्का नहीं कह सकता. इसीलिए मैंने कहा, आप कोई न कोई रास्ता खोज लेंगे.

इस तरह की अफवाहें अक्सर उड़ती रही हैं कि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) में अंतरिक्ष यात्री सेक्स करते रहे हैं, लेकिन आधिकारिक रूप से NASA हमेशा इसका खंडन करता रहा है. ISS दरअसल अरबों डॉलर के खर्च से बनाई गई ऐसी प्रयोगशाला है, जो लगातार धरती की परिक्रमा करती रहती है, औऱ जिसमें हर समय मानव मौजूद रहे हैं. ISS पिछले 18 साल से धरती की निचली कक्षा में चक्कर काट रहा है.

एयरस्पेस फिज़ीशियन तथा NASA के अंतरिक्ष यात्री डॉ माइकल आर. बैरेट का कहना है कि आजकल चुने जाने वाले अधिकतर अंतरिक्ष यात्री काफी परिपक्व लोग होते हैं, जो कठिन परिस्थितियों में शांत रहना जानते हैं. बैरेट यह भी कहते हैं कि गुरुत्वाकर्षण-रहित अंतरिक्ष में गर्भ धारण करना और गर्भावस्था हरगिज़ नहीं होनी चाहिए, क्योंकि अब तक हम जीवविज्ञान को पूरी तरह नहीं समझते हैं. लेकिन बैरेट के अनुसार, सबसे बड़ी चुनौती है “उच्च रेडिएशन के संपर्क में गैरज़रूरी रूप से रहना, जब कोई धरती के सुरक्षाकवच से बाहर होता है.” दरअसल, पृथ्वी हमें जीवन को सहारा देने वाला आदर्श ‘गोल्डिलॉक्स वातावरण’ उपलब्ध कराती है.

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