नेता प्रतिपक्ष को लेकर भाजपा और कितना फजीहत कराएगी?

by

Puskar Mahto

झारखंड में भाजपा जब-जब सत्ता में आयी है. उसे फजीहतों का भारी सामना करना पड़ा है. 15 नवंबर 2000 में भाजपा ने प्रथम सरकार बनाने का सुनहरा अवसर पाया. इसका हकदार भी भाजपा थी. भाजपा सत्ता ज्यादा दिनों तक स्थिर सरकार दे नहीं पाई. 2003 में भाजपा की सरकार गिर गई थी. प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी बदल दिए गए थे. अर्जुन मुंडा मुख्यमंत्री बनाए गए थे.

पांच वर्षों का कार्यकाल भाजपा ने सिर्फ रघुवर दास के नेतृत्व में पूरा किया है. इस सरकार का कार्यकाल भी विवादों से भरा रहा. न अधिकारी खुश थे न पार्टी के ही मंत्री व विधायकगण. चारों तरफ नाराजगी का वातावरण था. 12 में से 11 ही विधायक मंत्री बनाए गए. इसलिए इस सरकार को विधायक सरयू राय ने असंवैधानिक सरकार की संज्ञा दी थी.

Read Also  झारखंड की 23 लाख महिलाएं कोरोना वारियर्स बन ग्रामीणों को कर रहीं हैं जागरूक

झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 का परिणाम सामने है. फजीहतों से भरा. किस्से सिर्फ यहीं समाप्त नहीं होते हैं. जेवीएम के विलय से लेकर बाबूलाल मरांडी के नेता प्रतिपक्ष का प्रस्ताव भी फजीहत का रहा है. इस पांचवीं विधानसभा के दूसरे सत्र में भी भाजपा नेता प्रतिपक्ष नहीं दे पाई.

यह विडंबना है भाजपा कि 5 विधायकों के साथ भाजपा हाउस में सबसे बड़ी पार्टी है. 1 विधायक बाबूलाल मरांडी को लेकर कुल 26 है. फिर भी भाजपा के पास नेता का न होना हाउस के अंदर दुर्भाग्य की बात है.

विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र महतो ने नीतिगत तरीके से बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष मानने को अभी तक तैयार नहीं हुए हैं. अब बाबूलाल मरांडी के संबध में दो बातें होने लगे हैं. पहला कि बाबूलाल मरांडी दुमका विधानसभा उपचुनाव लड़कर व जीतकर विधिपूर्वक नेता प्रतिपक्ष बनेंगे या फिर भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे. भाजपा अपनी कमजोरियों पर ध्यान कम और दूसरो में गलतियां ज्यादा ढूंढ़ती रही है जिसके कारण उसे हर बार फजीहतों का सामना करना पड़ता रहा है. अभी स्थिति कुछ भी ठीक नहीं है. केंद्रीय नेतृत्व को गलत रिपोर्ट देकर गुमराह किया जाता रहा है. भाजपा संगठन में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है. सही आईना नहीं दिखाया जा रहा है. फलाफल भाजपा जैसी बड़ी पार्टी को लगातार फजीहतों का सामना झेलना पड़ रहा है.

Read Also  रांची का टाना भगत स्‍टेडियम बना प्रवासी मजदूरों के लिए क्वॉरेंटाइन सेंटर

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.