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सरकारी विभागों में खाली पड़े 24 हजार रिक्त पदों को भरेगी हेमंत सोरेन सरकार

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Ranchi: झारखंड सरकार विभिन्न सरकारी विभागों में खाली पड़े 24 हजार रिक्त पदों को भरेगी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस बाबत अधिकारियों को निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि खाली पदों को भरने की प्रक्रिया जल्द आरंभ की जाए और इसमें आरक्षण समेत तमाम नियमों का सख्ती से पालन किया जाए.

मुख्यमंत्री संग बैठक में मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी समेत तमाम वरीय अधिकारी मौजूद थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी पदों को भरने की प्रक्रिया लंबे समय से लंबित है. सरकारी पदों को भरने से युवाओं को रोजगार मिलेगा. बेरोजगारों को रोजगार मुहैया कराना सरकार की प्राथमिकता है.

इस विभाग में इतने पद रिक्त

कृषि – 3913
पशुपालन – 1615
सहकारिता – 3947
मत्स्य – 662
डेयरी – 176
भवन निर्माण – 955
मंत्रिमंडल सचिवालय – 199
राज्यपाल सचिवालय – 10
निर्वाचन – 27
मंत्रिमंडल निगरानी – 396
नागर विमानन – 04
ऊर्जा – 97
उत्पाद – 854
आइपीआरडी- 177
योजना विकास – 716
पेयजल – 2965
पथ निर्माण – 1485
ग्रामीण विकास – 3295
विज्ञान प्रौद्योगिकी – 1943
स्कूली शिक्षा – 41674
सूचना तकनीक – 22
पर्यटन – 39
परिवहन – 219
नगर विकास – 39
जल संसाधन – 4922
लघु सिंचाई – 679
कल्याण – 2401
कला संस्कृति – 533
वित्त – 625
राष्ट्रीय बचत – 172
वाणिज्यकर – 460
आरईओ – 2358
पंचायती राज – 6680
राजस्व, भूमि सुधार – 11180
समाज कल्याण – 1558
राजभाषा – 181

दूसरे राज्य के अभ्यर्थी नहीं होंगे सीएचओ नियुक्त

कम्युनिटी हेल्थ अफसर (सीएचओ) के पद पर झारखंड के निवासी ही नियुक्त होंगे. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को सीएचओ नियुक्ति को लेकर स्वास्थ्य सचिव डॉ. नितिन मदन कुलकर्णी से जानकारी ली. इसपर स्वास्थ्य सचिव ने मुख्यमंत्री को बताया कि संबंधित विज्ञापन में स्पष्ट रूप से लिखा है कि इस पद पर नियुक्ति के लिए झारखंड का निवासी होना जरूरी है.

स्वास्थ्य सचिव ने मुख्यमंत्री को बताया कि अभी इस पद पर नियुक्ति नहीं हुई है. झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद ने अभ्यर्थियों द्वारा आवेदन किए जाने के आधार पर केवल मेरिट लिस्ट बनाई है, जिसमें दूसरे राज्यों के भी कुछ उम्मीदवारों के भी नाम हैं जिन्होंने इस पद के लिए आवेदन किए हैं. उनके अनुसार, नियुक्ति के लिए काउंसिलिंग की जानी है, जिसमें प्रमाणपत्रों की जांच की जाएगी. काउंसिलिंग में दूसरे राज्यों के अभ्यर्थी नियुक्ति से वंचित किए जाएंगे.

मुख्यमंत्री ने नियमानुसार नियुक्ति का निर्देश स्वास्थ्य सचिव को देते हुए कहा कि इस पद पर नियुक्ति झारखंड के अभ्यर्थियों की ही होनी चाहिए. इधर, सोमवार को अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग शुरू कर दी गई. बता दें कि जीएनएम पद पर कार्य कर रहे अभ्यर्थियों को छह माह का ब्रिज कोर्स कराकर इस पद पर एक वर्ष के लिए अनुबंध पर नियुक्ति होनी है.

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