आदिवासी समाज की छद्म हितैसी है हेमंत सरकार: दीपक प्रकाश

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Ranchi: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद दीपक प्रकाश ने आज राज्य सरकार पर कड़ा हमला बोला. श्री प्रकाश आज गुमला जिलान्तर्गत कामडारा प्रखंड के आमटोली टोला से लौटकर प्रदेश कार्यालय में मीडिया को संबोधित कर रहे थे. बीते मंगलवार को इस गांव में एक परिवार के 5 लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई थी.

दीपक प्रकाश ने कहा कि हेमंत सरकार में सबसे ज्यादा दलित और आदिवासी समाज के लोग प्रताड़ित हो रहे हैं. इस समाज के हितैषी होने का दम्भ भरने वाले के राज्य में आदिवासियों का नर संहार होना आम बात हो गई है. सरकार गठन के बाद चाहे वो चाईबासा के बुरुगुइलकेर में 19 जनवरी 2020 को सात आदिवासियों की नृशंस हत्या हो या फिर संथाल परगना के भोगना डीह में शहीद सिदो कान्हू के वंशज की हत्या हो और फिर गुमला की ये घटना हो, सभी राज्य के हालात को बताने केलिये काफी है.

उन्होंने कहा कि अब तो राष्ट्रीय अखबारों में राज्य के बदतर हालात की चर्चा प्रमुखता से हो रही है.

उन्होंने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर घटित होने वाली दुष्कर्म की घटनाओं में भी आदिवासी एवम दलित समाज की महिलाएं और बेटियां ही प्रभावित हुई हैं.

कामडारा की घटना सुनियोजित, खुफिया तंत्र असफल

गुमला कामडारा के घटना स्थल का दौरा कर लौटे प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एक ही परिवार के 5 लोगों की नृशंस हत्या सुनियोजित तरीके से की गई है. घटना स्थल पर बातचीत में इसके स्पष्ट संकेत मिले. उन्‍होंने कहा कि ज्ञात हुआ कि घटना को अंजाम देने के पूर्व  गांव में अपराधियों ने बैठक कर योजना बनाई और हत्या के बाद भी मीटिंग कर घटना की सूचना किसी को नहीं देने का ग्रामीणों को निर्देश दिया.

उन्होंने कहा कि सरकार का खुफिया तंत्र पूरी तरह से बिफल हो चुका है. आज अपराधियों के डर से क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल है. पुलिस प्रशासन केवल डायन बिसाही के नाम पर घटना की लीपापोती करने में है.

दीपक प्रकाश ने इसे अपराधियों कीऔर कुछ दूसरी मंशा होने की दृष्टि से भी जांच करना चाहिये. यह संपत्ति विवाद से जुड़ा मामला भी हो सकता है. उन्होंने कहा कि डायन से संबंधित हत्या में पूरे परिवार की हत्या का रिकॉर्ड नहीं मिलता.

असंवेदनशील सरकार प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने हेमंत सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि यह सरकार पूरी तरह असंवेदनशील सरकार है जिसके मन मे आदिवासियों, दलितों, महिलाओं, गरीबों के कोई दर्द नहीं.

उन्होंने कहा कि यह राज्य केलिये दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतने बड़े सामूहिक नरसंहार के बाद आज तक सरकार का कोई मंत्री और प्रतिनिधि घटनास्थल पर नही पहुंचा. इसी से लगता है कि सरकार के लोगों को केवल अपनी कुर्सी की चिंता है, राज्य की जनता के दर्द से कुछ भी लेना देना नहीं.

दीपक प्रकाश ने कहा कि भाजपा इस जघन्य अपराध से मर्माहत है, हम सिर्फ इस घटना की निंदा ही नहीं कर रहे बल्कि, पार्टी इस संकट में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है.

पूरी जिम्मेवारी ले राज्य सरकार

दीपक प्रकाश ने कहा कि जिस परिवार में तीन पीढियां,दादा, पिता, मां, बेटा सब की हत्या एक साथ कर दी गई हो उस घर मे केवल एक छोटी बच्ची जीवित है जो घटना के दिन रांची में अपने मौसी के घर थी. उन्‍होंने कहा कि उसकी पीड़ा मुख्यमंत्री जी संवैधानिक और मानवीय दोनो दृष्टि से महसूस करें और राज्य सरकार के माध्यम से  उसके सम्पूर्ण लालन पालन पढ़ाई की जिम्मेवारी लेने की घोषणा करें.

इसके पूर्व घटना स्थल पर दौरे में प्रदेश अध्यक्ष के साथ प्रदेश महामंत्री आदित्य साहू, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव, पार्टी के वरिष्ठ नेता एवम पूर्व आईपीएस अधिकारी डॉ अरुण उरांव सहित भाजपा गुमला जिलाध्यक्ष शामिल थे.

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