चुनावी वादों को भूल गई हेमंत सरकार, 29 दिसंबर को विश्वासघात दिवस मनाएगी आजसू पार्टी

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Ranchi: हेमंत सोरेन सरकार की पहली वर्षगांठ को आजसू पार्टी विश्‍वासघात दिवस के रुप में मनाएगी. इसके तहत पार्टी झारखंड के सभी जिलों के मुख्‍यालयों में जन पंचायत आयोजित करेगी. यह निर्णय आजसू पार्टी ने केंद्रीय कार्यालय में जिला प्रभारियों की बैठक में लिया गया.

इस बैठक में नए पदाधिकारियों को स्वागत किया गया. बैठक की अध्यक्षता आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो ने की. बैठक में वर्तमान सरकार की चुनावी घोषणाओं एवं सरकार के द्वारा किये गए कार्यों का मूल्यांकन किया गया. साथ ही राज्य में संगठन को और मजबूत करने को लेकर चर्चा की गयी.

बैठक में लिए गए निर्णय

बैठक में आजसू पार्टी ने निर्णय लिया कि 29 दिसम्बर को आजसू पार्टी विश्वासघात दिवस के रुप में मनाएगी. झामुमो महागठबंधन की सरकार ने राज्य की जनता के विश्वास के साथ विश्वासघात किया है. उन्होंने चुनाव पूर्व जो भी वादे किए थे उसके अनुरुप राज्य में कोई भी कार्य नहीं हुआ.

चुनावी वादों को भूल गई हेमंत सोरेन की सरकार

स्थानीय नीति, पिछड़ों को आरक्षण, 25 करोड़ के सरकारी टेंडर सिर्फ स्थानीय को, बेरोजगारी भत्ता, 5 लाख रोज़गार, महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण, स्थायीकरण, किसान कर्ज माफी सहित कई ऐसे वादे हैं जो महागठबंधन ने अपने मेनिफेस्टो में की है. लेकिन इन वादों को पूर्ण करने में यह सरकार पूरी तरह से विफल है. इन सभी विषयों को लेकर आजसू पार्टी झारखंड के हर जिला मुख्यालय में जनपंचायत लगाकर सरकार की नाकामियों को गिनाकर वर्तमान सरकार को आईना दिखाएगी.

संगठन में नए लोगों को अवसर दिया जाएगा

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि संगठन में नए लोगों को अवसर दिया जाएगा. साथ ही नव वर्ष में नयी ऊर्जा, नए जोश के साथ पार्टी झारखण्डी जनता के मुद्दों पर मुखर होकर आंदोलन करेगी.

5 जनवरी को बंगाल में सम्मेलन

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 5 जनवरी को बंगाल में राज्यस्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा. अलग झारखंड राज्य के लिए जितना हमलोग लड़े उतना ही पुरुलिया, बांकुड़ा एवं मिदनापुर जिलों के लोगों ने लड़ा. सम्मेलन के जरिये पार्टी इस क्षेत्र के मान, सम्मान, पहचान को अक्षुण्ण रखने के लिए स्वायत्तशासी परिषद गठन करने की मांग करेगी एवं जनमत संग्रह करेगी.

जनवरी में आजसू पार्टी केंद्रीय सभा की बैठक तथा सदस्यता अभियान की शुरुआत की जाएगी. इसके साथ ही अनुषंगी इकाई की राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन भी किया जाएगा.

समय पर पंचायत चुनाव न कराना सरकार की विफलता

वर्तमान सरकार ने लोकतंत्र शब्द से लोक को हटाकर तंत्र को मजबूत करने का निर्णय लिया है. समय पर पंचायत चुनाव न कराकर गांव की आवाज को दबाने का काम कर रही है.

झारखंड में एक साल में 1500 महिलाओं से दुष्कर्म

झारखण्ड में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है. अपराध और दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ रही हैं. एक साल के कार्यकाल में सबसे अधिक शोषित आदिवासी ही हो रहें.

झामुमो महागठबंधन की सरकार ने किसानों को ठगने का काम किया वर्तमान सरकार ने किसानों को ठगने का कार्य किया है. किसान कर्जमाफी के नाम पर किसानों को कुछ नहीं मिला. किसान धान की फसल को 1200 रुपये प्रति क्विंटल बेचने के लिए विवश हैं. यह तब है, जब केंद्र सरकार ने धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2050 रुपये प्रति क्विंटल घोषित कर दिया है.

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