हेमंत सरकार दो साल में न 5 लाख नौकरी दे सकी और न बेरोजगारी भत्‍ता, कोरोना नहीं है बड़ी वजह

by

Ranchi: साल 2021 झारखंड सरकार का नियुक्ति वर्ष खत्‍म होने वाला है. इस दौरान राज्‍य में रोजगार बढ़ने के बजाय युवा बेरोजगार हुए हैं. राज्‍य सरकार इन बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्‍ता देने में भी नाकाम रही है. झारखंड सरकार की ओर से विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान एक सवाल के जवाब में दिया गया है. सरकार के जवाब में रोजगार पर नाकामी की वजह कोरोना वायरस संक्रमण या लॉकडाउन को नहीं बताया गया है.

5 लाख 60 हजार लोगों ने मांगी नौकरी

विधानसभा में भाजपा के विधायक बिरंची नारायण ने झारखंड सरकार से पूछा कि क्‍या यह बात सही है कि राज्‍य के 24 जिलों के 43 नियोजनालयों में विगत 23 माह में साल 2019 के मुकाबले 63.8 प्रतिशत से अधिक बेरोजगारों ने आवेदन दिए हैं. इस तरह से 5.55 लाख लोगों ने नियोजन की तलाश है और इन नियोजनालयों में साल 2019 में 75170 लोगों ने नियोजन के लिए पंजीयन कराया था. पर जनवरी 2020 से जून 2021 तक 5 लाख 55 हजार 30 लोगों नियोजनालायों में नौकरी के लिए पंजीयन कराया है.

Read Also  ओड़िशा दौरे पर युवा राजद प्रदेश प्रभारी:विशु विशाल यादव

विधायक के इस सवाल पर सरकार ने जवाब दिया कि यह आंशिक तौर पर स्‍वीकार किया जा सकता है. जवाब में सरकार की ओर से स्‍पष्‍ट करते हुए बताया गया कि साल 2019 में निबंधित आवेदकों की संख्‍या 85 हजार 122 थी. उसके बाद जनवरी 2020 से जनू 2021 तक 5 लाख 60 हजार 722 लोगों ने रोजगार के लिए रजिस्‍ट्रेशन कराया.

3 लाख 29 हजार पद रिक्‍त, रोजगार के लिए पलायन जारी

विधायक ने सरकार से दूसरा सवाल पूछा कि क्‍या यह बात सही है कि झारखंड के 5 पड़ोसी राज्‍यों में सबसे अधिक बेरोजगारी झारखंड में ही है और झारखंड में बेरोजगारी दर देश में चौथे स्‍थान पर है. राज्‍य सरकार के कार्यालयों में 5 लाख 25 हजार 115 पद सृजित हैं, जिस पर 1 लाख 95 हजार 255 कर्मचारी कार्यरत हैं और 3 लाख 29 हजार 860 पर अब भी रिक्‍त हैं. यानी 62.8 प्रतिशत पद खाली है, जिससे राज्‍य के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्‍यों में पलायन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. सरकार की ओर से विधायक के सवाल के इन तथ्‍यों को भी आंशिक रूप से स्‍वीकार किया गया है.

Read Also  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कोर्ट में लगानी होगी हाजिरी

सरकार ने बताया बेरोजगारी भत्‍ता नहीं हो सका

सरकार की ओर विधायक को सवाल के जवाब में बताया गया है कि बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्‍ता देने के लिए प्रस्‍ताव सरकार के स्‍तर पर विचाराधीन है. विधायक ने पूछा था कि क्‍या यह बात सही है कि झारखंड सरकार ने 2021 को नियुक्ति वर्ष के रूप में घोषित किया है और नौकरी न दे सकने की स्थिति में बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्‍ता देने के लिए कृत-संकल्पित है, लेकिन अब तक निर्धारित बेरोजगारी भत्‍ता का भुगतान नहीं हो सका है.

सरकारी नौकरी देने दे पाने की ये है वजह

विधायक ने सरकार से यह भी पूछा हे कि यदि इन सवालों का उत्‍तर को स्‍वीकार करते हैं तो क्‍या सरकार बेरोजगारों के हित में इस वित्‍तीय वर्ष में उन रिक्‍त पदों पर नियुक्ति करवाते हुए इस स्थिति के लिए जिम्‍मेदार पदाधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करने का विचार रखती है, हां तो कब तक, नहीं तो क्‍यों?

Read Also  ओड़िशा दौरे पर युवा राजद प्रदेश प्रभारी:विशु विशाल यादव

विधायक के इस सवाल पर सरकार की ओर से जवाब दिया गया है कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं के लिए पूर्व से गठित परीक्षा संचाल नियमावलियों में विसंगतियों का निराकरण करते हुए कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग द्वारा झारखंड कर्मचारी यचन आयोग परीक्षा (मैट्रिक/10वीं स्‍तर) संचालन (संसोधन) नियमावली 2021, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा (इंटरमीडिएट/10+2 स्‍तर) संचालन (संसोधन) नियमावली 2021, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा (इंटरमीडिएट/ 10+2 स्‍तर कंप्‍यूटर ज्ञान एवं कंप्‍यूटर में हिंदी टंकण अहर्ता धारक पद के लिए) संचालन (संशोधन) नियमावली 2021, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा (स्‍नातक स्‍तर) संचालन (संशोधन) नियमावली 2021, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा (स्‍नातक स्‍तर तकनीकी/विशिष्‍ट योग्‍यता स्‍तर) संचालन (संशोधन) नियमावली 2021 का गठन किया गया है.

उपयुक्‍त नई परीक्षा संचालन नियमावलियों के अनुरूप सभी विभागों में पूर्व से गठित नियुक्ति/सेवाशर्त नियमावलियों में संशोधन की कार्रवाई एवं विभिन्‍न विभागों से रिक्‍त पदों पर नियुक्ति के लिए प्राप्‍त अधियाचना झारखंड कर्मचारी चयन आयोग को भेजे जाने की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.