कोरोना महामारी को लेकर पीएम मोदी ने लिया बड़ा फैसला- एमबीबीएस और नर्सिंग स्‍टूडेंट्स से ली जाएगी मदद

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New Delhi: देश में जारी कोरोना संकट (Corona Crisis) के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने आज यानी रविवार को ऑक्सीजन और दवाओं की उपलब्धता को लेकर विशेषज्ञों के साथ बैठक की. ये बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई. इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. मेडिकल और नर्सिंग कोर्स से पास आउट हुए छात्रों को भी कोविड ड्यूटी में शामिल करने पर चर्चा हुई जिसको लेकर पूरी जानकारी कल यानी सोमवार को सामने आएगी. वहीं एमबीबीएस और नर्सिंग का कोर्स कर रहे फाइनल ईयर के छात्रों की भी कोविड ड्यूटी में मदद ली जा सकती है.

इसी के साथ बैठक में ये भी फैसला लिया गया है कि कोविड ड्यूटी करने वाले चिकित्सा कर्मियों को सरकारी भर्ती में वरीयता के साथ-साथ वित्तीय प्रोत्साहन भी दिया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये बैठक ऐसे समय में की है जब कोरोना को लेकर स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है. पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) के 3.92 लाख नए केस सामने आए हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, बीते दिन कोरोना संक्रमण से 3689 लोगों की मौत हो गई.

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स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 3,92,488 नए केस समाने आने के बाद देश भर में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर अब 1,95,57,457 हो गई है. बीते दिन कोरोना से 3689 लोगों की मौत के बाद देश में संक्रमण से मरने वाले लोगों की संख्या 2,15,542 के पार हो गई है. मंत्रालय ने बताया कि देश में कोरोना के एक्टिव केस फिलहाल 33,49,644 हैं.

इस बीच, कोविड-19 टास्क फोर्स के एक्सपर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि देश में अब सख्त लॉकडाउन लगाए जाने की जरूरत है. एक्सपर्ट ने कहा कि देश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है. संक्रमण से मरने वाले लोगों की संख्या में भी दिनोंदिन उछाल देखा जा रहा है. इन सब पर निंयत्रण पाने के लिए यह जरूरी है कि देश में सख्त लॉकडाउन की घोषणा की जाए.

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एक्सपर्ट्स ने कहा कि वायरस के ह्यूमन-टू-ह्यूमन स्प्रेड को रोकने के लिए यह जरूरी है कि बढ़ते मामलों पर नियंत्रण पाया जाए. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर दो हफ्ते के लिए भी कोरोना संक्रमंण के प्रसार को रोक दिया गया तो केसलोड को कम किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ मृत्यु दर में गिरावट आएगी, बल्कि कोरोना ट्रांसमिशन का चक्र भी रुक जाएगा.

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