वैक्सीन डोज लेने के बाद भी हरियाणा के मंत्री अनिल विज कोरोना संक्रमित

by

New Delhi: कोरोना वैक्‍सीन का डोज लेने के बाद हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं. यह जानकारी सामने आने के बाद कोवैक्सीन की क्षमता को लेकर सवाल उठने लगे हैं.

वैसे स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए साफ कर दिया है कि कोवैक्सीन की एक डोज लेने के बाद मंत्री अनिल बिज कोविड के शिकार हुए हैं. जबकि, वैक्सीन की दो डोज लेनी जरूरी होती है. 14 दिनों के बाद ही वैक्सीन की Efficacy का पता लगाया जा सकता है.

हरियाणा सरकार में मंत्री अनिल विज ने भारत में बनी वैक्सीन की एक डोज चंद दिनों पहले लिया था, जबकि वैक्सीन की दो डोज लेने के कुछ तय समय बाद ही शरीर में एंटीबॉडी विकसित हो पाती है और यही एंटीबॉडी कोरोना होने से रोकता है. अनिल विज भारत बायोटेक में बने स्वदेशी वैक्सीन की एक ही डोज ले पाए थे. ये स्वास्थ्य मंत्रालय ने अधिकारिक बयान में कहा है.

Read Also  भारत में अब तक करीब 4 लाख लोगों को लगा कोरोना टीका, सामने आए साइड इफेक्ट्स के 580 केस

जाहिर है स्वास्थ्य मंत्रालय का इशारा इस ओर है कि पूरे डोज दिए जाने के एक निश्चित अवधि के बाद ही स्वदेशी वैक्सीन की Efficacy पर सवाल उठाया जाना चाहिए.

एक प्राइवेट अस्पताल में काम कर रहे डॉ पियूष का कहना है कि किसी भी वैक्सीन को लेने के बाद उसका असर करने का एक अवधि होता है, इसलिए इस तरह की उम्मीद करना ही बेमानी होगी कि वैक्सीन लेने के साथ ही बीमारी होने का खतरा टल जाता है. जहां तक कोवैक्सीन के Efficacy का सवाल है तो इसकी Efficacy को लेकर तकरीबन 65 फीसदी क्लेम दो डोज के बाद किया गया है.

इसे भी पढ़ें: कोरोना वैक्सीन आप तक कब पहुंचेगा, क्या है मोदी सरकार की कोविड-19 वैक्सीनेशन पॉलिसी

Read Also  भारत में अब तक करीब 4 लाख लोगों को लगा कोरोना टीका, सामने आए साइड इफेक्ट्स के 580 केस

कोवैक्सीन को लेकर क्या है नियम

कोवैक्सीन की दो डोज देने की बात कही गई है. साथ ही दोनों डोज 28 दिनों के अंतराल पर दिए जाने की बात है. कोवैक्सीन की Efficacy दो डोज दिए जाने के 14 दिनों बाद चेक करने की बात कही गई है. इसलिए अनिल विज के एक डोज वैक्सीन लेने के कुछ दिनों बाद कोरोना के होने की बात पर विशेषज्ञ पूरी तरह से हैरान हैं.

पटना के डॉ प्रभात रंजन का कहना है कि वैक्सीन लेने की एक पूरी प्रक्रिया होती है और इसके लिए तमाम कंपनियां अपने गाइडलाइन्स के हिसाब से Efficacy चेक करती हैं. वैक्सीन को कृपया इलाज समझने की गलती न करें तो बेहतर होगा और ये सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क के अलावा तीसरा ऐसा हथियार है, जो कोरोना को फैलने से रोकता है.

वैसे डॉ प्रभात का कहना है कि वैक्सीन शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाएगा लेकिन इंफेक्शन नहीं होने की पूरी गारंटी नहीं देगा. इतना ही नहीं इतने कम समय में वैक्सीन डेवलप करने को फूलप्रूफ मानना भी बेमानी होगी. साथ ही जिस रूट से इंफेक्शन होता है उस रूट से वैक्सीन नहीं दिए जाने पर efficacy ठीक वैसी ही रहेगी, जैसा क्लेम किया गया है. यह देखना प्रैक्टिस में एक नया अनुभव होगा.

Read Also  भारत में अब तक करीब 4 लाख लोगों को लगा कोरोना टीका, सामने आए साइड इफेक्ट्स के 580 केस

इसे भी पढ़ें: किसानों की सरकार से 5वें दौर की वार्ता आज, नतीजा नहीं निकला तो संसद का करेंगे घेराव

कोवैक्सीन फिलहाल भारत में तीसरे फेज के ट्रायल से गुजर रहा है और इसका ट्रायल 25 विभिन्न राज्यों में 26,000 लोगों पर चल रहा है, ताकी अलग-अलग राज्यों के लोगों पर इस्तेमाल कर इसकी क्षमता (Efficacy) का पता लगाया जा सके.

2 thoughts on “वैक्सीन डोज लेने के बाद भी हरियाणा के मंत्री अनिल विज कोरोना संक्रमित”

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.