Gupteshwar Pandey जदयू के हुए, जानें कहां से लड़ेंगे बिहार चुनाव

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Patna: बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय (Gupteshwar Pandey) रविवार को आखिरकार जनता दल यूनाइटेड (जदयू) में शामिल हो गये. सीएम आवास पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुप्तेश्वर पांडेय को पार्टी की सदस्यता दिलाई. इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, जदयू के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष व भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह आदि मौजूद थे. जदयू में शामिल होने के साथ ही गुप्तेश्वर पांडेय के बक्सर से विधानसभा चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हो गयी हैं.

जदयू में शामिल होने के बाद गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि मैं दल का अनुशासित सिपाही हूं. चुनाव लड़ना मेरा फैसला नहीं हो सकता है. ये दल का फैसला होगा कि वह मेरी सेवा कैसे लेता है. नीतीश कुमार हमारे नेता हैं. पार्टी जो भी हमसे कहेगी, वह करूंगा. मैं दिल का साफ आदमी हूं. मुझे तो अभी पता भी नहीं है कि राजनीति क्या होती है. जो भी हमारे नेता का आदेश होगा, उसका पालन होगा.

Gupteshwar Pandey कहां से लड़ेंगे चुनाव

गुप्तेश्वर पांडेय ने पांच दिन पहले 22 सितम्बर को वीआरएस ले लिया था. तभी से उनके राजनीति में जाने और विधानसभा या लोकसभा का उपचुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे थे. इस बात की जबरदस्त चर्चा थी कि वे वाल्मीकिनगर लोकसभा क्षेत्र से उपचुनाव लड़ सकते हैं. साथ ही बक्सर में उनकी सक्रियता को देखते हुए बक्सर से भी विधानसभा चुनाव लड़ने की चर्चा है. इससे पहले भी 2009 में उन्होंने इस्तीफा देकर चुनाव लड़ने का फैसला किया था लेकिन कहीं से टिकट न मिल पाने के कारण चुनाव नहीं लड़ पाए और अपना इस्तीफा वापस ले लिया.

एक दिन पहले शनिवार को गुप्तेश्वर पांडेय ने जदयू कार्यालय में ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की थी. इसके बाद से ही उनके जदयू में जाने की अटकलें तेज हो गई थीं. हालांकि, नीतीश से मिलकर निकलने के बाद पत्रकारों के पूछने पर पांडेय ने खुलकर कुछ नहीं बोला था. इतना जरूर कहा था कि मैं स्वतंत्र नागरिक हूं. किसी से कभी भी मिल सकता हूं लेकिन जदयू की सदस्यता ग्रहण करने को लेकर कोई बात नहीं हुई है. चुनाव लड़ने के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री से राजनीति के संबंध में कोई बात नहीं हुई. उन्हें धन्यवाद देने आया था. उन्होंने कहा था कि राजनीति में जाऊंगा, तब आप लोगों को बता दूंगा. अभी सेवानिवृत्त हो गया हूं.

सुशांत सिंह राजपूत की संदिग्धावस्था में मौत के मामले में बिहार के पुलिस महानिदेशक के रूप में देशभर में विशेष रूप से गुप्तेश्वर पांडेय पूरे देश में चर्चा में आए थे. तब उन्‍होंने महाराष्‍ट्र पुलिस पर बिहार पुलिस को जांच में असहयोग करने का आरोप लगाया था. उन्‍होंने ही सुशांत के मौत की मामले की सीबीआई से जांच कराने को सीएम नीतीश से आग्रह किया था. इसके बाद राज्‍य सरकार ने केंद्र से सीबीआई जांच की सिफारिश की थी. उन्होंने रिया चक्रवर्ती को कह दिया था कि उनकी औकात नहीं है बिहार के सीएम पर टिप्‍पणी करने की.

1987 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं Gupteshwar Pandey

गुप्तेश्वर पांडेय ने पांच दिन पहले 22 सितम्बर की देर शाम स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी. 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी गुप्तेश्वर पांडेय का कार्यकाल पांच महीने बाद फरवरी 2021 में समाप्त होने वाला था. 31 जनवरी, 2019 को उन्हें बिहार का डीजीपी बनाया गया था. राज्य के पुलिस महानिदेशक के रूप में गुप्तेश्वर पांडेय का कार्यकाल 28 फरवरी, 2021 को पूरा होनेवाला था. सेवानिवृत्ति के बाद से ही पांडेय की राजनीति में आने के कयास लगाए जा रहे थे.

फेम इंडिया ने 50 चर्चित भारतीयों की सूची में टॉप 10 में शामिल किया फेम इंडिया नामक संस्था ने डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय को देश के 50 चर्चित भारतीयों की सूची में टॉप 10 में शामिल किया है. इसकी घोषणा होने के बाद से पांडेय की तस्वीर के साथ बक्सर में जगह-जगह होर्डिंग लगाये गये हैं. इसके अलावा बिग बॉस और गैंग्स ऑफ वासेपुर फेम दीपक ठाकुर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर उनकी तस्वीर पोस्ट की है. उनका म्यूजिक वीडियो भी काफी चर्चा में है.

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