GST रिटर्न: डेट बढ़ी, CTI ने कहा- समस्या का स्थायी समाधान जरूरी

New Delhi: GST रिटर्न फाइल करने की डेट बढ़ा दी गई है. पहले जीएसटी रिटर्न फाईल करने की आखिरी तारीख 31 अगस्‍त थी. अब इसे तीन महीने बढ़ा दिया गया है. यानि अब 30 नवंबर तक जीएसटी रिटर्न फाइल कर सकेंगे.

इस पर चेंबर ऑफ ट्रेड ऐंड इंडस्ट्री (सीटीआई) का कहना है कि जीएसटी रिटर्न समस्या का स्थायी समाधान होना चाहिए. 

आज सुबह ‘सीटीआई’ के संयोजक बृजेश गोयल ने कहा कि यह अस्थायी राहत है. सरकार को उन कारणों पर गौर करना चाहिए, जिनकी वजह से समय पर जीएसटी रिटर्न फाइल नहीं हो पा रही है.

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बृजेश गोयल ने कहा कि अमेंडमेंट रिटर्न मैकेनिज्म का प्रयोग भारतीय टैक्स प्रणाली में बिल्कुल नया है. दुख की बात है कि 1 अक्टूबर से लागू होने वाली नई रिटर्न्स में भी अमेंडमेंट रिटर्न इन बिल्ट है, वहां रिवाइज रिटर्न का कोई प्रावधान नहीं है.

जीएसटी रिटर्न फाइलिंग में समस्या 

‘सीटीआई’ से जुड़े विष्णु भार्गव ने कहा कि रिटर्न्स में हमेशा दो हिस्से होंगे. एक आउटपुट टैक्स और दूसरा इनपुट टैक्स. जीएसटी में आउटपुट टैक्स वाला हिस्सा व्यापारी फाइल करता है और इनपुट टैक्स वाले हिस्से के लिए उसे दूसरों की फाइल की गई रिटर्न्स को लगातार काट-छांट कर अपने लायक बनाना होता है. यहीं से सभी परेशानियों की शुरुआत होती है, जिससे सभी व्यापारी निपट रहे हैं. 1 अक्टूबर से आने वाली नई रिटर्न्स में भी यह परेशानी ज्यों कि त्यों जारी रहेगी.

उन्होंने बताया कि जीएसटी से पहले की रिटर्न्स में ऐसा नहीं होता था. अपनी रिटर्न के दोनों हिस्से व्यापारी खुद ही फाइल करता था. वह भी दोनों एक साथ रिटर्न अपने आप बन जाती थी. कोई गलती होने पर उसी रिटर्न को रिवाइज करके फिर से फाइल कर सकता था. इसलिए रिटर्न फाइलिंग में समस्या नहीं आती थी.

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