“न राशन बचा था और न थे पैसे”, लॉकडाउन में घास की सब्जी खाने को मजबूर हो गया था ये परिवार

by

Ranchi: झारखंड के जमशेदपुर में सोमवार सुबह-सुबह वायरल हुआ वीडियो जमशेदपुर से करीब 15 किलोमीटर दूर सोमैया झोपड़ी की अनीता मुंडारी आदिवासी महिला का निकला.

पिछले तीन दिनों से घर में अनाज और सब्जी नहीं होने के कारण यह महिला घर के बाहर से घास और पत्तों को चुन-चुनकर सब्जी बना रही है और पानी और भात के साथ खाना खा रही है.

इस वीडियो के वायरल होते ही आजतक की टीम उस घर को खोजते हुए पहुंची तो देखा कि यह महिला अपनी मासूम बच्ची के साथ बैठकर चावल भात के साथ घास की सब्जी खा रही है.

दरअसल, जमशेदपुर से सटे सोमैया झोपड़ी इलाके का एक वीडियो सोमवार को वायरल हुआ जिसमें एक महिला घास चुनते हुए और उसकी सब्जी बनाते हुए दिख रही है. वीडियो में दिख रही महिला को तीन घंटे में खोजने के बाद जब टीम उनके घर पहुंची तो देखा महिला खाना खा रही थी.

Read Also  सरना धर्मावलंबियों को प्रकृति की अद्भुत शक्ति

वह महिला आदिवासी भाषा बोलती थी और हिंदी कम जानती थी. मीडिया ने जब वायरल हुआ वीडियो दिखाया तब उसने बताया कि हम तीन दिनों से घास की सब्जी बना कर पानी भात खा रहे हैं. यहां खाने को कुछ नहीं बचा है. कोरोना के कारण हम घर पर ही हैं. हमारे पास वोटर कार्ड और आधार कार्ड है तो लेकिन राशनकार्ड नहीं है.

Categories Opinion

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.