लॉकडाउन के लिए झारखंड सचिवालय कर्मियों ने दी सामूहिक अवकाश पर जाने की चेतावनी

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Ranchi: कोरोना के बढ़ते संक्रमण से झारखंड सचिवालय कर्मियों में हड़कंप है. हालांकि झारखंड सरकार ने कोरोनावायरस बचाव के लिए सचिवालय और संलग्न कार्यालयों में रोस्टर सिस्टम लागू कर दिया है. इसके तहत अवर सचिव व इससे ऊपर के सभी अधिकारी सभी कार्य दिवसों पर कार्यालय आएंगे, जबकि उनसे नीचे के 50 % कर्मी में सचिवालय आएंगे. लेकिन सचिवालय सेवा संघ रोस्टर सिस्टम से संतुष्ट नहीं है.

संघ का कहना है कि अब तक विभिन्न विभागों के डेढ़ सौ कर्मी संक्रमित हो चुके हैं. 5 की मौत हो चुकी है. संदिग्धों की संख्या में भी अधिक है. सचिव स्तर के दो अफसर वेंटिलेटर पर हैं. कुछ ऐसे भी हैं जिनका पूरा परिवार संक्रमित हो चुका है. अपने सदस्यों की सुरक्षा के मद्देनजर निर्णय लिया गया है कि यदि सचिवालय में मिनी लॉकडाउन नहीं लगाया गया तो 19 से 23 अप्रैल तक संघ के सदस्य सामूहिक अवकाश पर जाने को बाध्य होंगे.

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हालांकि संघ सरकार को विश्वास दिलाना चाहता है कि इस संकट की घड़ी में वह सरकार के साथ है. जहां भी जरूरत होगी अपनी सक्रिय भूमिका निभाएगा.

झारखंड सचिवालय सेवा संघ के सचिव पीकेश कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सारी बातों को अवगत कराया गया है. पूर्ण संक्रमण की चेन तोड़ने और संघ के सदस्यों की सुरक्षा के मद्देनजर 19 से 23 अप्रैल तक मिनी लॉक डाउन लगाने की मांग की है. साथ ही कम से कम कर्मचारियों को बुलाने और घर से काम करने की सुविधा देने की भी मांग की है.

इधर झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश महासचिव राममूर्ति ठाकुर ने हेमंत सोरेन से कोरोना संक्रमण को देखते हुए स्कूलों में रोस्टर सिस्टम लागू करने और 7 दिनों का मिनी लॉक डाउन लगाने की मांग की है, ताकि को कोरोना के चेन टूट सके.

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