सरकार ने एफपीआई पर सरचार्ज वापस लिए

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New Delhi: केंद्र सरकार ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेश को बड़ी मात्रा में बाहर जाने से रोकने के लिए शुक्रवार को इस पर लगाया गया सरचार्ज वापस ले लिया. इस कदम के परिणामस्वरूप एफपीआई के लिए कर चार-सात प्रतिशत तक घट जाएगा. इस कदम से घरेलू निवेशक भी खुश हैं क्योंकि यह उनके ऊपर भी लागू होगा.

सरकार ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है, जब कई सप्ताहों से एफपीआई सिर्फ बिकवाली कर रहे थे, क्योंकि केंद्रीय बजट में सरचार्ज लगा दिया गया था. एफपीआई ने बजट घोषणा के बाद से लगभग 8,500 करोड़ रुपये निकाल लिए हैं.

केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने पहले बजट में सुपर-रिच लोगों पर या जिनकी वार्षिक कर योग्य आय दो करोड़ रुपये से अधिक है, उनपर सरचार्ज बढ़ा दिया था. जिन लोगों की कर योग्य आय दो करोड़ रुपये और पांच करोड़ के बीच उनपर सरचार्ज 25 प्रतिशत और जिनकी आय पांच करोड़ रुपये से अधिक है, उनपर सरचार्ज 39 प्रतिशत कर दिया गया था.

निवेशकों ने सरकार के कदम की सराहना की है. कर्मा कैपिटल के प्रमुख, नंदिता पार्कर ने कहा कि वित्तमंत्री ने एक असाधारण काम किया है और उनके मुद्दों पर निर्णायक तरीके से प्रतिक्रिया की है. पार्कर एफपीआई की औद्योगिकी इकाई का भी प्रतिनिधित्व करती है.

नागिया एडवाइजर्स (एंडर्सन ग्लोबल) के साझेदार, सुनील गिडवानी ने कहा, “सरचार्ज वापस लेना एफपीआई के लिए वाकई बड़ी राहत है. यह घरेलू निवेशकों के लिए भी बोनस है.”

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “फाइनेंस एक्ट, 2019 के तहत दीर्घकालिक और अल्पकालिक पूंजी लाभ पर वसूला गया बढ़ा हुआ सरचार्ज वापस लिया जाता है.”

सरकार ने यह कदम तब उठाया है, जब भारतीय पूंजी बाजार से जुलाई महीने में भारी मात्रा में विदेशी फंड बाहर चला गया. बजट के बाद से सेंसेक्स में 3,000 अंकों की गिरावट हो गई. इसके पहले यह अपने जीवन के सर्वोच्च 40,000 अंकों पर पहुंच गया था.

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