सरकार 24 घंटे के अंदर भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल वापस ले : हेमंत सोरेन

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#Ranchi: झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन पर राज्य सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है. हेमंत सोरेन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर 24 घंटे के अंदर राज्य सरकार इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं करती है, तो झामुमो राज्य के सभी विपक्षी दलों के साथ बैठक कर आंदोलन करेगी.

हेमंत सोरेन शनिवार को कांके रोड स्थित आवास में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक के प्रस्ताव पर सहमति नहीं देने को लेकर झामुमो के एक शिष्टमंडल ने गत दिनों राष्ट्रपति से मुलाकात की थी. प्रदेश के कई अखबारों में राष्ट्रपति द्वारा इस बिल को मंजूरी दिये जाने की खबर छपी है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने झारखंड की पहचान मिटाने और पूरे राज्य को उद्योगपतियों के हाथों में गिरवी रखने की सरकार की कोशिशों पर मुहर लगाने का काम किया है.

उन्होंने कहा कि इसी तरह सीएनटी और एसपीटी एक्ट में राज्य सरकार ने संशोधन की कोशिश की थी, लेकिन विपक्ष के भारी विरोध के बाद इसे वापस किया गया. लेकिन एक बार फिर भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक को प्रस्ताव पर सहमति दी गयी, जो कि उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि पार्टी केंद्र और राज्य सरकार को राज्यहित में सलाह दे रही है कि यदि राष्ट्रपति द्वारा सहमति दिये जाने की सूचना सही है, तो इसे 24 घंटे के अंदर संशोधन विधेयक को वापस लेने की घोषणा की जाये, नहीं तो पार्टी आंदोलन करेगी.

यह आंदोलन उसी तरह होगा, जैसा राज्य अलग के दौरान हुआ था. यह विषय राज्य की अस्मिता और पहचान से जुड़ा है. हेमंत सोरेन ने सभी विधायकों से अपील की है कि वह राज्यहित में एकजुट हों. साथ ही गरीबों व किसानों को उजाड़कर उद्योगपतियों को बसाने व भूमाफियाओं को संरक्षण देने की सरकार की कोशिश को नाकाम करें.

इसके साथ ही उन्होंने 18 जून को सभी राजनीतिक पार्टियों व संगठनों से उनके आवास पर आने की अपील की है. ताकि इसे लेकर आंदोलन की रणनीति बनायी जाये.

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