Google Search 2021 का नया एल्गोरिद्म आ रहा कई बड़े SEO Updates के साथ

गूगल सर्च 2021 (Google Search 2021) का नया एल्गोरिद्म कोविड 19 को लेकर और ज्‍यादा चौकस होगा. इसके लिए इंटरनेट के दुनिया की सबसे बड़ी सर्च इंजन माने जाने वाली गूगल खुद को अपडेट के लिए तैयार कर लिया है. नवंबर 2020 महीने से गूगल सर्च इंजन में होने वाले SEO Updates में कई बदलाव देखे जाएंगे.

गूगल ने अपकमिंग अपडे्टस की जानकारी के लिए 15 अक्‍टूबर को एक वीडियो जारी किया है. गूगल के प्रभाकर राघवन (Prabhakar Raghavan) ने 36 मिनट 30 सेकेंड के वीडियो में विस्‍तार से बताया है. राघवन भारतीय मूल के हैं और गूगल सर्च एल्गोरिद्म के हेड हैं. उन्‍होंने आईआईटी मद्रास से पढ़ाई पूरी की है. 60 साल के राघवन ने एसीएम फेलो, माची पुरस्कार समेत कई सम्‍मान पाया है. उन्‍होंने इंटरनेट सर्च एल्गोरिद्म पर दो महत्‍वपूर्ण पुस्‍तकें Randomized Algorithms और Introduction to Information Retrieval लिखा है.

गूगल के अपने डाटा के अनुसार गूगल को हर रोज एक बिलियन लोग यूज करते हैं. गूगल हर रोज 25 बिलियन स्‍पैम वेब पेज को डिटेक्‍ट करता है.

प्रभाकर राघवन ने अपने वीडियो में जो जानकारी दी वह SEO और Online Marketing के लिए बहुत जरूरी है. यहां हम उन सभी बातों को विस्‍तार से बताने जा रहे हैं.

गूगल माइ बिजनेस (Google My Business)

गूगल एक सर्च इंजन हेड प्रभाकर राघवन ने बताया कि गूगल माइ बिजनेस (Google My Business) का बिजी इंडिकेटर सिर्फ बिजनेस यूजर तक ही सीमित नहीं रहेगा. बल्कि इसे पार्क, पब्लिक प्‍लेसेज, जू, इन जैसी जगहों के लिए भी इस जानकारी को दिखाया जाएगा. 2020 के आखिरी महीने तक में इस जानकारी को गूगल मैप पर भी देखा जा सकेगा.

कोविड 19 महामारी के इस दौर में आज हर कोई भीड़ में जाने से बचना चाहता है. ऐसे में इस तरह की जानकारी आपके लिए अपनी विजिट प्‍लान करने में मददगार साबित होगी. आपके बिजनेस प्‍लेस में आने के लिए यूजर्स को इससे बहुत मदद मिलेगी.

पिछले महीने ही गूगल माइ बिजनेस में हेल्‍थ एंड सेफ्टी एट्रीब्‍यूट्स (Health & Safety attributes) को जोड़ा गया था. इससे यूजर जान सकते हैं कि शॉपिंग या बिजनेस या ऑफिस से जुड़ी वह जगह कोविड 19 के लिए कितना सेफ है. वहां हैंड सेनेटाइजेशन, मास्‍क, ग्‍लब्‍स, स्‍टाफ टेंपरेचर चेक रेगुलर होता है या नहीं. ये सब जानकारी यूजर को मिलती है.

गूगल का BERT

गूगल ने 25 अक्‍टूबर 2019 को BERT (Bidirectional Encoder Representations from Transformers) को इंगलिश लैंग्‍वेज के लिए यूएसए में लॉन्‍च किया था. यह एक लैंग्‍वेज प्रोसेसिंग मॉडल है. यह किसी भाषा के शब्‍द के आगे या पीछे आने वाले होने वाले शब्‍द का मतलब समझने में मदद करता है.

BERT लॉन्‍च के दौरान यह महज 10 फीसदी सर्च में अप्‍लाई किया जा रहा था. अब गूगल हर सर्च के लिए BERT का इस्‍तेमाल कर रहा है. यह न सिर्फ यूएसए में इस्‍तेमाल हो रहा बल्कि हर देश में यूज किया जा रहा है. इंगलिश के अलावे BERT को दर्जनों भाषा में यूज किया जा रहा है. लेकिन इन छह भाषाओं में सबसे ज्‍यादा यूज किया जा रहा है- स्‍पैनिश, पौर्तुगिज, हिन्‍दी, अरेबिक, जर्मन और अम्‍हेरिक.

अगर आप गूगल के लगातार होने वाले एल्गोरिद्म अपडे्स से परेशान होते रहते हैं तो ये फैक्‍ट आपको थोड़ी राहत दे सकती है. गूगल ने साल 2019 में अपने सिस्‍टम में कुल 3600 अपडेट्स किये थे. देखा जाये तो औसतन हर दिन 10 नए अपडेट्स. अब ऐसे अपडेट्स से आपको घबराने की जरूरत नहीं है. अपने वेबसाइट और कंटेंट को जनरल पॉलिसी के अनुसार तैयार करिए.

गूगल के डाटा के अनुसार 10 फीसदी सर्च में स्‍पैलिंग मिस्‍टेक्‍स होती हैं. गूगल का ‘Did You Mean’ फीचर गलत स्‍पैलिंग को सही करके आपको सूचना देता है. गूगल हर सर्च और वेबसाइट के कंटेंट में भी गलतियों को ढूंढने में माहिर होता है. जब भी आप अपनी वेबसाइट में किसी गलत स्‍पेलिंग को सही लिखते हैं तो आप गूगल के Did You Mean फीचर को इंप्रूव करने में मदद करते हैं. कहने का मतलब ये भी कि गूगल आपके वेबसाइट के स्‍पैलिंग मिसटेक को भी बारीकी से पकड़ता है.

Google SEO में बड़ा बदलाव

बड़ी खबर ये है कि गूगल अगले महीने यानी नवंबर 2020 से नया स्पेलिंग एल्‍गोरिद्म लॉन्‍च (Spelling Algorithm) करने जा रहा है. यह 680 मिलियन पैरामीटर को इस्‍तेमाल करेगा. यह ऐसी गलत स्‍पैलिंग को भी पकड़ने में सक्षम होगा, जो आमतौर पर ठीक लगती हैं. यह गूगल स्पेलिंग डिटेक्टिंग सिस्‍टम (Google Spelling detecting system) सिर्फ 3 मिली सेंकेंड में अपने काम को अंजाम देगा.

गूगल एसईओ (Google SEO) की जानकारी देते हुए बड़ी बात यह बताई गई कि गूगल सिर्फ वेब पेज ही नहीं बल्कि उनके पैराग्राफ को भी इंडेक्‍स कर सकता है. कहने का मतलब यह हुआ कि सर्च किये गए कीवर्ड का ताल्‍लुक यदि उस पेज के किसी एक पैराग्राफ से है तो वह पैराग्राफ भी रैंक कर सकता है. गूगल का यह नया एल्गोरिद्म नवंबर 2020 से गूगल सर्च के 7 फीसदी सर्च क्‍वैरी में यूज किया जाएगा. इसका इस्‍तेमाल पूरी दुनिया के सभी भाषा के सर्च में होगा. BERT की तरह ही कुछ महीनों बाद ये एल्गोरिद्म 100 फीसदी सर्च क्‍वैरी में इस्‍तेमाल किया जाने लगेगा. इससे उपयोगी और संबंधित कटेंट ही रैंक होंगे. इससे रिपिटेड कंटेंट को नुकसान होगा.

गूगल कंटेट के टाइप और सब-टॉपिक के अनुसार बांटेगा. यूजर को सब टॉपिक में सर्च करने का विकल्‍प मिलेगा. ये सब-टॉपिक भी रैंकिंग फैक्‍टर होंगे.

गूगल ई-कॉमर्स एसईओ (Google Ecommerce SEO)

गूगल ई-कॉमर्स एसईओ (Google Ecommerce SEO) में बड़ा बदलाव ला रहा है. ये बदलाव भी नवंबर 2020 से लागू हो जाएंगे. नवंबर 2020 से क्रोम या गूगल एप किसी में भी किसी इमेज पर लॉन्‍ग प्रेस करके उस प्रोडक्‍ट या उससे मिलते जुलते प्रोडक्‍ट को ढूंढ सकते हैं. यह तब ज्‍यादा आपके लिए फायदेमंड होगा जब आप किसी एक्‍टर-एक्‍ट्रेस या सेलिब्रेटी के आउटफीट जैसा कुछ खरीदना चाहते हैं और ऑनलाइन उसे सर्च कर रहे हैं. इस प्रोसेस को हेंडल करेगी गूगल की स्टाइल हैंडल टेक्नोलॉजी (Google Style Handle Technology).

Man holding smartphone with choose shirt on ecommerce website

जर्नलिस्‍ट के लिए Pinpoint Tool

गूगल ने ने जर्नलिस्‍ट के लिए एक टूल लॉन्‍च किया है जिसका नाम है Pinpoint Tool. यह Journalist Studio का एक पार्ट होगा. इस पर साइन अप करने के लिए आपको जाना होगा g.co/pinpoint पर. Pinpoint एक फ्री प्रोडक्‍ट है. Google Pinpoint डॉक्‍यूमेंट और डाटा का विश्‍लेषण करके जर्नलिस्‍ट को सही फैक्‍ट तक पहुंचने में मदद करता है. यह अलग-अलग फाइल्‍स, लोकेशन, पर्सन के जानकारी को कैटेगराइज करके दिखा सकता है. चाहे वह फाइल इमेज, टेक्‍स डॉक्‍यूमेंट, स्‍कैन डॉक्‍यूमेंट, या पीडीएफ फाइल हो.

और बेहतर हुआ गूगल लैंस (Goole Lens)

अब आप गूगल के सर्च बार में ही (Goole Lens) गूगल लैंस फंक्‍शन को ढूंढ पाएंगे. जिससे आप कैमरा के जरिए, इमेज, टेक्‍स्‍ट, बैनर, पोस्‍टर को सर्च कर सकते हैं. स्‍टूडेंट्स गूगल लैंस के जरिए अपने प्रॉब्‍लम का फोटो लेकर स्‍टेप-बाइ-स्‍टेप सॉल्‍यूशन पा सकते हैं. चाहे वह किसी वेबसाइट में हो, वीडियो में हो या ब्‍लॉग में हो. कहने का मतलब यह है कि आपका वेबसाइट, ब्‍लॉग या यूट्यूब चैनल एजुकेशनल कंटेट प्रोवाइड कराता है तो आपको ज्‍यादा ट्रैफिक मिलेगा. इसके लिए आपको स्किमा डाटा के जरिए ज्‍यादा से ज्‍यादा इंफॉर्मेशन देना चाहिए. जिससे गूगल को आपका कंटेंट समझने में आसानी हो.

डाटा कॉमन्‍स नाम का ओपन डाटाबेस जिसमें सीडीसी, वर्ल्‍डबैंक, यूरोस्‍टेट्स ओईसीडीसी जैसे ऑर्गनाइजेशन अपना डाटा शेयर करते हैं. वह अब गूगल नॉलेज ग्राफ के जरिए नॉर्मल गूगल यूजर के लिए भी उपलब्‍ध होगा. यह अभी तक यूनिवर्सिटीज, स्‍टूडेंट्स और शोधकर्ताओं के लिए उपलब्‍ध रहता था. इस तरह की जानकारी रीच डाटा उपलब्‍ध कराएगी. इसके जरिए आप अपने वेबसाइट के लिए भी अच्‍छा कंटेंट क्रिएट कर सकते हैं.

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