भारत में गूगल कर्मचारी कोरोना वायरस पॉजिटिव

Bengaluru: भारत में गूगल का एक कर्मचारी कोरोवायरस पॉजिटिव पाया गया है. गूगल इंडिया ने इसकी पुष्टि करते हुए जानकारी शेयर की है. गूगल ने कहा है कि इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि हमारे बेंगलुरु कार्यालय के एक कर्मचारी में कोरोना वायरस (COVID-19) का पता चला है. वायरस के लक्षण पैदा होने से पहले वो हमारे बेंगलुरु ऑफिस में था. तब से उस कर्मचारी को क्वारंटाइन(अलग) कर दिया गया है.

गूगल की ओर से कहा गया है कि सावधानी के तौर पर हम उस बेंगलुरु कार्यालय में कर्मचारियों को कल से घर से काम करने के लिए कह रहे हैं. हमने सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों की सलाह का पालन करते हुए जरूरी एहतियाती कदम उठाए हैं और आगे भी उठाते रहेंगे.

कोरोना वायरस से भारत में पहली मौत

भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण की स्थिति भयावह होने लगी है. गुरूवार को इस मामले में पहली मौत की खबर आई. कर्नाटक के कलबुर्गी में दो दिन पहले जिस 76 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हुई थी, उसके कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हो गई है. इस बुजुर्ग के सैंपल लिए गए थे, जिनकी जांच के बाद स्पष्ट हो गया कि उसकी मौत कोरोनावायरस से हुई है.

कर्नाटक सरकार के स्वास्थ्य कमिश्नर ने इस बात की पुष्टि की. यह व्यक्ति हाल ही में सउदी अरब से लौटा था और बीमार होने पर उसके कोरोना वायरस से संक्रमित होने का संदेह था. लेकिन मंगलवार को ही इस व्यक्ति की मौत हो गई थी. उसकी मृत्यु से पहले लिए गए सैंपल की जांच में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई.

इस व्यक्ति की मौत के बाद तेलंगाना को भी अलर्ट भेजा गया है, क्योंकि इस बुजुर्ग को वहां के एक अस्पताल में ले जाया गया था. तेलंगाना के डायरेक्टर पब्लिक हेल्थ ने बताया कि इस अस्पताल का पता लगा लिया गया है और यह बुजुर्ग जिन लोगों के संपर्क में आए थे, उनकी पहचान की जा रही है.

कर्नाटक के स्वास्थ्यमंत्री बी श्रीरामुलु ने भी एक ट्वीट में कहा है कि इस व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने, उन्हें अलग रखने और इस बीमारी के प्रोटोकॉल में शामिल करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.

दिल्‍ली में कोरोना वायरस का संक्रमण

राजधानी दिल्ली में भी कोरोना वायरस से पीड़ित 46 वर्षीय एक व्यक्ति की मां के भी इस वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. इस तरह देश की राजधानी में इस वायरस से संक्रमण के कुल 6 मामले सामने आ गए हैं.

स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती इस व्यक्ति की मां की हालत स्थिर नहीं है. इस परिवार में नौ सदस्य हैं और उनमें से किसी में वायरस से संक्रमण के कोई लक्षण नहीं है. अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि 69 वर्षीय महिला आरएमएल अस्पताल में भर्ती है. उनका बेटा जापान, जिनेवा और इटली की यात्रा पर गया था. इस व्यक्ति के संपर्क में आए कुल 615 लोगों का पता लगा लिया गया है और उनमें से 15 दिल्ली के हैं.

भारत में कारोना संक्रमित लोगों की संख्‍या 74

इस बीच स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि देश में इस वायरस से संक्रमित लोगों की कुल संख्या अब 74 हो गई है. मंत्रालय के मुताबिक 14 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें से 9 मामले महाराष्ट्र के, एक-एक मामला दिल्लीस लद्दाख, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश का है. इसके अलावा एक विदेशी नागरिक भी इस वायरस से संक्रमित पाया गया है.

राज्यवार देखें तो दिल्ली में कुल 6 मामले, यूपी में 10, कर्नाटक में 4, महाराष्ट्र में 11 और लद्दाख में 3 मामले सामने आए हैं. इसके अलावा राजस्थान, तेलंगाना, तमिलनाडु, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और आंध्र प्रदेश में एक-एक मामला सामने आया है. केरल में अब तक कोरोना वायरस के 17 मामले सामने आ चुके हैं जिनमें वे तीन लोग भी शामिल हैं जिन्हें पिछले महीने इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई थी. मंत्रालय का कहना है कि कोरोना वायरस से संक्रमित 74 लोगों में 17 विदेशी नागरिक हैं, जिनमें से 16 इटली के हैं.

इस बीच दिल्ली और हरियाणा ने कोरोनावायरस को महामारी घोषित कर दिया है. दिल्ली में सभी सिनेमाघर और स्कूल-कॉलेज 31 मार्च तक बंद कर दिए गए हैं. ऐसी घोषणा के बाद दिल्ली और हरियाणा में महामारी रोग अधिनियम 1897 की धारा 2 प्रभावी हो गई है, इसके बाद केंद्र और राज्य के स्वास्थ्य मंत्रालयों के सभी परामर्श यानी एडवाइजरी मानना कानूनी तौर पर जरूरी हो गया है.

इस सिलसिले में हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बताया कि हरियाणा में कोरोना को महामारी घोषित करने के बाद दिए गए दिशा निर्देशों को लागू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को क़ानूनी अधिकार मिल जाते हैं. फिर चाहे वो सरकारी अस्पताल या प्राइवेट अस्पताल या कोई इंसान ही क्यों न हो.

ध्यान रहे कि हाल में विदेशों से आये कुछ सैलानियों ने अस्पताल की निगरानी में रहने से इनकार कर दिया था. इस मामले पर विज ने बताया कि अब हरियाणा सरकार ने कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर दिया है तो अब सरकार को ये अधिकार मिल गया है कि सरकार किसी को भी 14 दिन के लिए अस्पताल की निगरानी में रख सकता है फिर उसके लिए चाहे सरकार को व्यक्ति पर दबाव ही क्यों न बनाना पड़े.

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