Take a fresh look at your lifestyle.

चौकी-डेस्‍क का पुल पार कर स्‍कूल जा रही बेटियां

0

Ranchi: बेटी बचाओ, बेटो पढ़ाओ यही मोदी सरकार का नारा है. लेकिन रांची के इस स्‍कूल में पढ़ने वाली बच्चियों के लिए पढ़ाई की व्‍यवस्‍था और स्थिति देखकर आप यकीनन कहेंगे कि झारखंड का रघुवर सरकार केंद्र प्रायोजित योजनाओं को जमीन पर उतारने में कोताही बरत रही है.

बेंच डेस्‍क और चौकी का पुल बनाकर पढ़ने जाती इन छात्राओं को देखकर यही कहा जा सकता है. यह तस्‍वीर ओल्ड जेल रोड स्थित राजकीय पिछड़ी जाति बालिका प्लस टू आवासीय विद्यालय की है. यहां की छात्राओं का जीवन बीते एक सप्ताह से नारकीय हो गया है.

स्‍कूल में नाले का पानी

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्‍कूल के बगल में बन रहे आवास के कारण नाली को डायवर्ट किया गया है. इसके कारण नाली का पानी स्‍कूल के अंदर प्रवेश कर जा रहा है. स्थिति यह है कि छात्राओं को अपने हॉस्टल के कमरे तक जाने के लिए रास्ते में चौकी रखनी पड़ी. इसी पर चढ़कर वह अपने कमरे में जाने को मजबूर हैं.

news5_0.jpg

प्रशासन को खबर

परेशानी यहां से खत्म नहीं होती कमरे के अंदर भी जल जमाव के कारण चौकी के सहारे ही अपनी बेड तक जाना पड़ रहा. इसकी शिकायत बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर को मिली. उन्होंने स्‍कूल की स्थिति का निरीक्षण किया. इस बीच जिला कल्याण पदाधिकारी विनय कुमार भी मौके पर पहुंचे और छात्राओं की समस्या जानी.

नाली का रूट डायवर्ट करने का निर्देश

विद्यालय परिसर का निरीक्षण करने के बाद बगल में चल रहे निर्माणाधीन कार्य को देखने के लिए आयोग की अध्यक्ष व जिला कल्याण पदाधिकारी पहुंचे. इस दौरान काम करा रहे इंजीनियर को निर्देश दिया कि नाली पहले डायवर्ट करें. उसके बाद निर्माण कार्य करें. क्योंकि इसके कारण छात्राओं को काफी परेशानी हो रही है.

परिसर में रहना मुहाल

नाली के पानी के जल जमाव के कारण परिसर में गंध फैल रही है. छात्राओं का कहना है कि इससे कारण खाने पीने में तो परेशानी हो ही रही है. सोना भी मुहाल हो गया है. पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है. इस पर आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर ने कहा कि इस परेशानी से जल्दी निजात मिल जाएगी. इसके अलावा आयोग के अध्यक्ष विद्यालय के शिक्षकों से अन्य समस्याओं की भी जानकारी ली.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More