सरना धर्म से जबरन ईसाई धर्मांतरण करवाने वाले चार आरोपी अरेस्‍ट

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#RANCHI : सरना धर्म से जबरन ईसाई धर्म में परिवर्तन कराने की कोशिश में दो ईसाई धर्म प्रचारकों सुदर्शन मांझी और नीलम देवी समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया. मामला झारखंड के सिमडेगा जिले के बोलबा प्रखंड के पोंड़खेर गांव का है.

धर्म परिवर्तन मामले में प्रखंड में यह पहली गिरफ्तारी है. बोलबा प्रखंड में दबाव और प्रलोभन देकर धर्मांतरण की शिकायतें पहले भी उठती रही हैं, लेकिन कोई मामला थाना नहीं पहुंचा था. बोलबा थाना प्रभारी रविशंकर ने बताया कि पोंड़खेर निवासी 65 वर्षीय सोमारू मांझी ने 29 मई को दो ईसाई धर्म प्रचारकों सुदर्शन मांझी और नीलम देवी, बेटी सुमंती कुमारी और उसके प्रेमी रूपेश मांझी के खिलाफ सरना धर्म त्याग कर जबरन ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाने और मारपीट का मामला दर्ज कराया है.

30 मई को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. सोमारू मांझी ने बताया कि कुरडेग प्रखंड के हेठमा निवासी रूपेश मांझी मेरी बेटी सुमंती कुमारी से प्यार करता है. अपने प्रेमी से प्रभावित होकर बेटी ईसाई धर्म मानने लगी. 30 मई को मेरी बेटी और रूपेश ईसाई धर्म के रीतिविाज से शादी करना चाहते थे.

मैंने इसका विरोध किया. कहा, किसी भी स्थिति में ईसाई धर्म के अनुसार शादी नहीं होगी. शादी होगी तो सरना धर्म की परंपरा के अनुसार होगी. इसके बाद कुंदुरमुंडा अंबाटोली निवासी ईसाई धर्म प्रचारक सुदर्शन मांझी और अवगा पोंड़खेर की नीलम देवी ने मुझ पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया.

मैंने उनकी बातें नहीं मानी तो मेरी बेटी सुमंती और उसका प्रेमी रूपेश दोनों ईसाई धर्म प्रचारकों सुदर्शन और नीलम के साथ पहुंचे और दबाव बनाने लगे. उनकी बातों का मुझ पर कोई प्रभाव नहीं देख वे गुस्से में आ गए और लाठी-डंडे व लात-मुक्के से मारने लगे. मैं गिड़गिड़ाता रहा, पर उनका दिल नहीं पसीजा. बचाव में चिल्लाने लगा.

मेरी आवाज सुनकर गांव के लोग जुट गए और मुझे बचाया. इसके बाद घटना की सूचना मैंने पंचायत के मुखिया को दी. फिर मुखिया और गांववालों के साथ थाना पहुंचा और मामला दर्ज कराया. इसके बाद पुलिस ने आरोपी सुमंती कुमारी, रूपेश मांझी, सुदरशन मांझी और नीलम देवी को जेल भेज दिया.

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